इन्हें सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट लगाना होगा अनिवार्य, नहीं तो अब होगा एक्शन
केंद्रीय जल संसाधन एवं गंगा मंत्री उमा भारती ने कहा कि सरकार प्रत्येक स्थान पर सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट स्थापित नहीं कर सकती। नमामि गंगे योजना के अंतर्गत सरकार की ओर से टाउनशिप में ही एसटीपी लगाएगी।
उन्होंने कहा कि होटल, लॉज, राफ्टिंग कैंप जैसी व्यावसायिक गतिविधियों और आवासीय कॉलोनियों को सीवरेज ट्रीटमेंट के इंतजामात स्वयं करने होंगे। केंद्रीय मंत्री ने हिदायत दी कि ऐसा नहीं करने वालों के खिलाफ सेक्शन-5 के तहत एक्शन लिया जाएगा।
केंद्रीय मंत्री उमा भारती मंगलवार को तीर्थनगरी में मीडिया से मुखातिब हुईं। इस दौरान उन्होंने बताया कि नमामि गंगे विंग को अब अथॉरिटी पावर मिल चुकी है, लिहाजा वह गंगा को निर्मल और अविरल बनाने को लेकर पूरी तरह से तैयार है। नमामि गंगे योजना के तहत राज्य सरकार के साथ मिलकर प्रस्तावित योजनाओं को अंतिमरूप दिया जा रहा है।
केंद्र सरकार प्लानिंग के तहत गंगा में गिरने वाले नालों को रोकने के लिए टाउनशिप में नयी तकनीक से सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट एसटीपी स्थापित करने के साथ ही पुराने एसटीपी प्रोजेक्ट्स को भी डेवलप करेगी। इस तरह की सभी योजना को ऑपरेशन एंड मेंटीनेंस ओएनएम से जोड़ा जाएगा। इन योजनाओं के चलते नमामि गंगे प्रोजेक्ट की लागत भी बढ़ गई है।
केंद्रीय मंत्री ने बताया कि हरिद्वार और ऋषिकेश में मोक्षदायिनी को निर्मल बनाने के लिए विशेष प्लानिंग की गई है। इसके तहत गंगा को प्रदूषण मुक्त रखने के लिए सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट के साथ अन्य योजनाओं को भी फाइनल टच दिया जा रहा है।
विलंब के लिए कांग्रेस सरकार जिम्मेदार
उन्होंने कहा कि गंदगी की रोकथाम के लिए नदी के आसपास बने होटल, लॉज, रेस्टोरेंट, राफ्टिंग कैंप और आवासीय कॉलोनियों को बायो डायजेस्टर तकनीक पर आधारित प्रोजेक्ट स्वयं स्थापित करने होंगे। गंगा को प्रदूषित करने वाले प्रतिष्ठानों को अगले दो से तीन महीने के भीतर चिह्नित कर सेक्शन-5 के तहत नोटिस जारी कर कार्रवाई करेगी।
विलंब के लिए कांग्रेस सरकार जिम्मेदार
केंद्रीय मंत्री उमा भारती ने केंद्र सरकार की नमामि गंगे योजना की प्रगति में देरी के लिए पूर्ववर्ती यूपीए सरकार को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि योजना पूर्व में नमामि गंगे समिति के नाम से पंजीकृत थी, जिसे अथॉरिटी का स्वरूप देने में आठ महीने का वक्त लग गया। उन्होंने माना कि इसी वजह से गंगा स्वच्छता की तमाम योजनाओं को शुरू करने में विलंब हुआ है।
बंद कमरे में तीन घंटे चली बैठक
केंद्रीय जल संसाधन एवं गंगा मंत्री उमा भारती ने मंगलवार को दोपहर में बैराज रोड स्थित सिंचाई विभाग के निरीक्षण भवन में नमामि गंगे योजना से जुड़े केंद्र के अधिकारियों की बैठक ली। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों से गंगा सागर से गोमुख तक किए गए नदी के सर्वे व निरीक्षण अभियान की रिपोर्ट मांगी। बंद कमरे में लगभग तीन घंटे तक चली बैठक में केंद्रीय मंत्री उमा भारती ने विभागीय अफसरों को योजना के मद्देनजर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। इस अवसर पर सेंट्रल ग्राउंड वाटर रिर्सोर्स बोर्ड के चेयरमैन विश्वास, गंगा बेसिन इकाई के महानिदेशक उपेंद्र प्रसाद सिंह, एक्जक्यूटिव प्रोजेक्ट डायरेक्टर हितेश मखवाना, एक्जक्यूटिव प्रोजेक्ट फाइनेंस रोजी अग्रवाल, सिंचाई विभाग के सहायक अभियंता सुधीर मोहन, राजेश लांबा, राजीव गुसाईं, विजयपाल सिंह कैंतुरा, वीरपाल भट्ट आदि मौजूद रहे।