आमरण अनशन पर बैठे स्वामी सानंद को मनाने पहुंची केंद्र की टीम, एक घंटे बात के बाद खाली हाथ लौटे
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गंगा रक्षा के लिए मातृसदन में आमरण अनशन कर रहे स्वामी ज्ञानस्वरूप सानंद उर्फ प्रोफेसर जीडी अग्रवाल को मनाने पहुंचे नेशनल मिशन फॉर क्लीन गंगा परियोजना के डायरेक्टर जनरल राजीव रंजन और केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी की निजी सचिव सरिता का आग्रह भी स्वामी सानंद ने ठुकरा दिया। मांगे पूरी होने तक उन्होंने आमरण अनशन जारी रखने की चेतावनी दी है।
मालूूम हो कि विगत 22 जून से स्वामी सानंद गंगा की अविरलता बनाए रखने के साथ ही गंगा के लिए विशेष कानून बनाने की मांग को लेकर मातृसदन में आमरण अनशन कर रहे हैं। मंगलवार की शाम नई दिल्ली से नेशनल मिशन फॉर क्लीन गंगा के डायरेक्टर जनरल राजीव रंजन और केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी की निजी सचिव सरिता एक ड्राफ्ट लेकर मातृसदन पहुंचे।
उन्होंने स्वामी सानंद से आमरण अनशन समाप्त करने का आग्रह करते हुए बताया कि बिल कैबिनेट में लाया जा रहा है। जिसमें ऐसे सभी प्रस्ताव शामिल करने का प्रयास किया गया है। इसके कैबिनेट में पारित करने के लिए रखा जाएगा। लेकिन स्वामी सानंद ने बिना अध्ययन किए इस बारे में कोई भी प्रतिक्रिया देने से इन्कार कर दिया। स्वामी सानंद ने 2012 में गंगा के लिए तैयार किए गए ड्राफ्ट को लागू करने की मांग की।
अधिकारियों के बार बार आग्रह करने पर उन्होंने कहा कि वे अध्ययन करने के बाद ही प्रस्तावित बिल के मसौदे पर अपनी कोई प्रतिक्रिया देंगे। बुधवार को भी दोनों अधिकारी दोबारा उनसे मिल सकते हैं। फिलहाल स्वामी सांनद ने आमरण अनशन समाप्त करने के आग्रह को अस्वीकार कर दिया। इस दौरान मातृसदन के परमाध्यक्ष स्वामी शिवानंद सरस्वती भी आश्रम में मौजूद थे। जबकि प्रशासन की ओर से एसडीएम मनीष कुमार सिंह भी मौजूद रहे।