केंद्रीय कृषि मंत्री ने दिया ऐसा ऑफर, जिससे उत्तराखंड हो जाएगा मालामाल
केंद्रीय कृषि और किसान कल्याण मंत्री राधामोहन सिंह ने प्रदेश के मंत्रियों के सामने ऐसा ऑफर रखा जिससे उत्तराखंड मालामाल हो जाएगा। उन्होंने कहा है कि प्रदेश में अब डबल इंजन की सरकार है, विकास की रफ्तार नहीं रुकनी चाहिए।
केंद्रीय योजनाओं के मद में मिलने वाली राशि जितनी जल्द खर्च होगी, केंद्र से उतनी ज्यादा मिलेगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश में जब कांग्रेस की सरकार थी तो वह नारे ज्यादा लगाती थी और काम कम करती थी। केंद्र से मिलने वाला पैसा खर्च नहीं हो पा रहा था।
अधिकारी जवाब देते थे कि राशि को अगले साल की योजना में शामिल कर लिया गया। इससे मुख्यमंत्री, मंत्री या किसी अधिकारी का तो नुकसान नहीं हुआ, लेकिन प्रदेश का जनता का नुकसान हो गया।
केंद्रीय कृषि मंत्री शनिवार की शाम परेड ग्राउंड में आयोजित अंतरराज्यीय सहकारी निवेश सम्मेलन एवं प्रदर्शनी के उद्घाटन समारोह को मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि सहकारिता के माध्यम से किसानों की आमदनी को दोगुना किया जा सकता है। गुजरात में सहकारिता के क्षेत्र में अच्छा कार्य हुआ है।
केंद्र सरकार 1865 करोड़ रुपये की राशि देगी
उत्तराखंड में सहकारिता आंदोलन को तेज करने के लिए केंद्र सरकार 1865 करोड़ रुपये की राशि देगी। उन्होंने कहा कि राज्य को सहकारिता के क्षेत्र में मार्च 2017 तक 146 करोड़ रुपये की राशि मिली है। इससे में पूरी राशि राज्य सरकार खर्च नहीं कर पाई है। राज्य सरकार द्वारा केंद्रीय योजनाओं का पैसा खर्च नहीं कर पाने का ठीकरा उन्होंने पूर्ववर्ती हरीश रावत की सरकार पर फोड़ा।
इससे पहले उन्होंने सहकारिता विभाग के वेबसाइट और मिस कॉल से सहकारिता के सदस्य बनने की योजना की लांचिंग की। इस अवसर पर प्रदेश के सहकारिता राज्यमंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने सहकारिता की विभिन्न योजनाओं की रूपरेखा प्रस्तुत की। उन्होंने कहा कि सहकारिता के माध्यम से प्रदेश में इस साल दस लाख लोगों को रोजगार उपलब्ध कराया जाएगा।
स्टॉलों का भी किया निरीक्षण
केंद्रीय कृषि मंत्री सहकारिता सम्मेलन का उद्घाटन के मौके पर प्रदर्शनी में लगाई गई स्टॉलों का निरीक्षण भी किया। स्टॉलों पर प्रदर्शित उत्पादों के बारे में जानकारी हासिल की और उसकी सराहना की।
सीएम नहीं पहुंचे
सहकारिता सम्मेलन के उद्घाटन समारोह में मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत को भी आना था। स्वास्थ्य खराब होने की वजह से वह सम्मेलन में नहीं आए। प्रदेश के सहकारिता राज्यमंत्री ने जानकारी दी कि स्वास्थ्य खराब होने की वजह से मुख्यमंत्री कार्यक्रम में नहीं आ सके।