टिहरी झील बनेगी पर्यटन सर्किट, केंद्र देगा डेढ़ अरब
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टिहरी झील को पर्यटन सर्किट के रूप में विकसित किया जाएगा। इसके लिए केंद्र राज्य को एक अरब 40 करोड़ रुपये की मदद देगा। इसमें 80 करोड़ की धनराशि दी जा चुकी है। दूसरे चरण में एप्रोच रोड, बार्ज बोट के संपर्क मार्ग और अन्य कार्यों के लिए 60 करोड़ की धनराशि भी जल्द ही रिलीज होगी।
केंद्रीय पर्यटन मंत्री डॉ. महेश शर्मा ने शनिवार को यहां कोटी कालोनी में दो दिवसीय टिहरी झील साहसिक पर्यटन उत्सव एवं निवेशक सम्मेलन के शुभारंभ अवसर पर यह एलान किया। उन्होंने कहा कि कोटी कालोनी से नई टिहरी रोपवे का निर्माण कार्य भी जल्द ही शुरू किया जाएगा। इससे पूर्व केंद्रीय मंत्री डा. शर्मा एवं मुख्यमंत्री हरीश रावत ने पर्यटन उत्सव का विधिवत शुभारंभ किया।
मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा कि टिहरी झील को व्यवसाय का माध्यम बनाएं। आपदा के बाद उत्तराखंड ने खुद को खड़ा किया है और इस साल 10 लाख से अधिक यात्री चारधाम आए हैं। अगले वर्ष सरकार का लक्ष्य 15 लाख यात्रियों को चारधाम लाना है। हिमालय दर्शन योजना इसी वर्ष शुरू की जाएगी।
'हर साल मनाया जाएगा झील महोत्सव'
पर्यटन मंत्री दिनेश धनै ने कहा कि हर साल झील महोत्सव मनाया जाएगा। झील के आसपास अवस्थापना सुविधाएं जुटाएंगे। स्थानीय लोगों को रोजगार में प्राथमिकता दी जा रही है।
सांसद माला राज्यलक्ष्मी शाह ने कहा कि टिहरी झील का नाम न बदला जाए। इसी मौके पर केंद्रीय मंत्री डॉ. शर्मा ने राजीव गांधी साहसिक खेल अकादमी, फ्लोटिंग मरीना एवं माल वाहक बार्ज बोट का लोकार्पण भी किया।
कार्यक्रम में विधायक विक्रम सिंह नेगी, कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष किशोर उपाध्याय, जिला पंचायत अध्यक्ष सोना सजवाण, कांग्रेस जिलाध्यक्ष शांति प्रसाद भट्ट, भाजपा जिलाध्यक्ष संजय नेगी, दायित्वधारी प्रवीन भंडारी, कीर्ति सिंह नेगी, ब्लाक प्रमुख आनंद नेगी, बेबी असवाल, विजय गुनसोला, विजय पंवार, विक्रम पंवार, पर्यटन सचिव शैलेश बगोली आदि मौजूद थे। संचालन विक्रम सिंह कठैत ने किया।
इनका है कहना
टिहरी झील में विकास की संभावनाओं को लेकर देश के विभिन्न राज्यों से 40 निवेशक, 41 पैराग्लाइडिंग, कैनोईंग और क्याकिंग की टीमें महोत्सव में प्रतिभाग करने पहुंची हैं। निवेशकों से चर्चा के बाद इसका प्रस्ताव सरकार को सौंपा जाएगा।
-शैलेश बगोली, पर्यटन सचिव उत्तराखंड