फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   center makes objection on ips promotion in uttarakhand.

उत्तराखंड: प्रमोशन की रेवड़ी पर केंद्र ने लगाया रोड़ा

Thu, 26 Mar 2015 03:10 PM IST
अजित सिंह राठी/अमर उजाला, देहरादून
अजित सिंह राठी/अमर उजाला, देहरादून Updated Thu, 26 Mar 2015 03:10 PM IST
विज्ञापन
center makes objection on ips promotion in uttarakhand.

आईपीएस कैडर में बीती एक जनवरी को राज्य सरकार की ओर से की गई पदोन्नतियों पर केंद्रीय गृह मंत्रालय ने उंगली उठा दी है। आईजी व डीआईजी रैंक में दिए गए प्रमोशन के लिए निसंवर्गीय पदों की स्वीकृति देने से केंद्र ने स्पष्ट मना कर दिया है।

विज्ञापन


इससे आईजी के पद पर संजय गुंज्याल व डीआईजी के पद पर एसएसपी दून पुष्पक ज्योति की पदोन्नति पर संकट पैदा हो गया है। यह सब इसलिए हुआ कि आल इंडिया सर्विस रूल में कार्योत्तर के बजाय पूर्वानुमति का प्रावधान है, जबकि यह शासन ने नहीं किया।
विज्ञापन


केंद्रीय गृह मंत्रालय के सूत्रों के मुताबिक मंत्रालय ने मुख्य सचिव को भेजी चिट्ठी में आईपीएस के प्रमोशन के तौर तरीकों पर उंगली उठाई है। कहा गया कि कैडर में तय पदों से ज्यादा पर पदोन्नति की गई। एडीजी के पद पर आईपीएस अशोक कुमार की ताजपोशी के लिए केंद्र ने निसंवर्गीय पद की सशर्त अनुमति दी। केंद्र ने यह शर्त लगाई कि कैडर का एसडीआर (निसंवर्गीय पदों पर आईपीएस अफसरों की तैनाती) कोटा भविष्य में सीमित किया जाएगा।

विज्ञापन
विज्ञापन

पढ़िए, किन-किन अफसरों पर पड़ेगा असर

center makes objection on ips promotion in uttarakhand.

आईजी व डीआईजी रैंक में की गई पदोन्नति के लिए सृजित किए गए निसंवर्गीय पदों को भी केंद्र ने मंजूरी देने से मना कर दिया। केंद्र के इस निर्णय के बाद संजय गुंज्याल की आईजी और देहरादून एसएसपी की डीआईजी के पद पर की गई पदोन्नति अधर में लटकती दिख रही है। केंद्र ने स्पष्ट किया कि पदोन्नति रिक्तियों के सापेक्ष ही होती है।

आईजी का एक पद था, वरिष्ठ होने के नाते अमित सिन्हा को पदोन्नति मिलनी थी। वरिष्ठता में दूसरे नंबर पर मुरुगेशन व तीसरे पर संजय गुंज्याल थे।

मुरुगेशन सीबीआई में प्रतिनियुक्ति पर हैं, इसलिए गृह विभाग में गुंज्याल को भी प्रमोट करने का दबाव था। गुंज्याल प्रमोट हुए तो वरिष्ठ होने के नाते मुरुगेशन स्वत: ही प्रमोट हो गए। इस तरह से आईजी के एक पद के सापेक्ष तीन अफसरों की पदोन्नति हुई।

वहीं, डीआईजी का एक पद रिक्त था। जिसके लिए अजय रौतेला ही पात्र थे। मगर, प्रमोशन की ऐसी रेलमपेल मची कि देहरादून के एसएसपी पुष्पक ज्योति को भी डीआईजी बना दिया। अब निसंवर्गीय पदों की स्वीकृति नहीं देने से गुंज्याल व पुष्पक की पदोन्नति का मामला पेचीदा हो गया है।

पहले भी मात खा चुकी है राज्य सरकार

center makes objection on ips promotion in uttarakhand.

केंद्र की चिट्ठी के बाद भी प्रमुख सचिव गृह एमएच खान का यह कहना कि राज्य के पास निसंवर्गीय पद सृजित करने का अधिकार है और इसके लिए केंद्र की स्वीकृति नहीं चाहिए, गले नहीं उतर रहा है। क्योंकि चिट्ठी आईना दिखा रही है।

वर्ष 2010 में सीएस ग्रेड में एक पद रिक्त था जिसके लिए अजय जोशी पात्र थे। लेकिन सरकार ने एक्स कैडर पोस्ट सृजित कर एसके मट्टू व सुभाष कुमार को पदोन्नति दी लेकिन केंद्र से अनुमति नहीं ली।

तब भी सरकार यही कहती रही कि राज्य के पास व्यापक अधिकार है। लेकिन होश तब आया जब दिल्ली उच्च न्यायालय ने सीएस ग्रेड की इस डीपीसी को निरस्त कर केंद्र से एक्स कैडर पदों की अनुमति लेकर पुन: डीपीसी कराने के आदेश दिया। यह पहला वाक्या था जब मुख्य सचिव की कुर्सी पर बैठे हुए सुभाष कुमार की दोबारा सीएस ग्रेड में पदोन्नति की गई।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed