फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   CBSE Board Results 2025 Know Dehradun region rank and percentage of result of 10th-12th Class

CBSE Results 2025: देहरादून रीजन दो पायदान पिछड़कर 13वें स्थान पर पहुंचा, 10वीं-12वीं का इतने फीसदी रहा रिजल्ट

Tue, 13 May 2025 04:42 PM IST
अलका त्यागी माई सिटी रिपोर्टर, देहरादून
माई सिटी रिपोर्टर, देहरादून Published by: अलका त्यागी Updated Tue, 13 May 2025 04:42 PM IST
सार

CBSE Board 10th-12th Class Results 2025: पहली बार बोर्ड की ओर से देहरादून रीजन का परिणाम जारी नहीं किया गया है। केंद्र से बने रिजल्ट के आधार पर ही बोर्ड ने जानकारी दी गई है।

विज्ञापन
CBSE Board Results 2025 Know Dehradun region rank and percentage of result of 10th-12th Class
रिजल्ट जारी होने के बाद खुशी जाहिर करती छात्राएं - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

लंबे इंतजार के बाद केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने मंगलवार को 10वीं और 12वीं का परिणाम घोषित कर दिया। इस बार देहरादून रीजन का रिजल्ट ऐसा बिगड़ा कि नीचे से टॉप पांच में शामिल हो गया। देश भर में सीबीएसई के कुल 17 रीजन हैं। इसमें देहरादून रीजन का नंबर 13वें स्थान रहे। जबकि पिछले साल यह 11वें स्थान पर था।
विज्ञापन


देहरादून रीजन में उत्तराखंड के सभी 13 जिलों के अलावा पश्चिमी उत्तर प्रदेश के आठ जिले बदायूं, बिजनौर, ज्योतिबा फूले नगर, मुरादाबाद, मुजफ्फरनगर, रामपुर, सहारनपुर व संभल शामिल हैं। जबकि पूरे रीजन में करीब 1500 विद्यालय बोर्ड से संबद्ध हैं। आंकड़ों पर नजर डालें तो 12वीं का पासिंग प्रतिशत 83.45 फीसदी रहा। बीते साल यह 87.98 फीसदी रहा था। वहीं, 10वीं का पासिंग प्रतिशत 90.97 फीसदी रहा। बीते साल भी यही रहा था। 12वीं में देश भर में सबसे अधिक 99.60 पासिंग प्रतिशत के साथ आंद्रप्रदेश का विजयवाड़ा रीजन पहले स्थान पर रहा। सबसे नीचे उत्तरप्रदेश का प्रयागराज रीजन 79.53 फीसदी के साथ सबसे नीचे 17वें स्थान पर रहा।
विज्ञापन


CBSE Results 2025: सीबीएसई 10वीं का रिजल्ट भी घोषित, उत्तराखंड के छात्र यहां देखें सबसे पहले परीक्षा परिणाम
विज्ञापन
विज्ञापन


पासिंग प्रतिशत का अंतर बहुत ज्यादा नहीं है। इस बार बोर्ड परीक्षा में नई शिक्षा नीति (एनईपी) के तहत सवाल पूछे गए। व्यवसायिक शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए एनईपी का पाठ्यक्रम तैयार किया गया है। निश्चित तौर पर इसका छात्रों को लाभ मिलेगा।
- मनीष अग्रवाल, क्षेत्रीय अधिकारी, सीबीएसई

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed