फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   cbi inquiry in nrhm scam of uttarakhand.

CBI ने शुरू की उत्तराखंड के दवा घोटाले की जांच

Sat, 03 Jan 2015 06:58 AM IST
अरुणेश पठानिया/अमर उजाला, देहरादून
अरुणेश पठानिया/अमर उजाला, देहरादून Updated Sat, 03 Jan 2015 06:58 AM IST
विज्ञापन
cbi inquiry in nrhm scam of uttarakhand.

राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन (एनआरएचएम) के तहत वर्ष 2008-09 में दवाओं की खरीद मामले में हुई गड़बड़ी की सीबीआई ने पड़ताल शुरू कर दी है। राज्य सूचना आयोग की सिफारिश पर राज्य सरकार के गृह मंत्रालय को भेजे प्रस्ताव पर सीबीआई निदेशालय ने जांच के लिए सहमति दे दी है।

विज्ञापन


निदेशालय से स्थानीय कार्यालय को भेजी पत्रावलियों का परीक्षण हो चुका है। सीबीआई ने दवा खरीद से संबंधित दस्तावेजों को हासिल करने के लिए के लिए शासन से संपर्क किया है।
विज्ञापन


रिप्रोडक्टिव चाइल्ड केयर (आरसीएच) के तहत वर्ष 2008-09 में 14.7 करोड़ रुपये का बजट मिशन के तहत स्वीकृत हुआ, जिसमें लगभग 11.5 करोड़ रुपये की दवा खरीद हुई। खरीदी गई दवाएं सभी जनपदों में बांटी जानी थीं, लेकिन रुड़की ड्रग वेयर हाउस में 22 लाख रुपये की एक्सपायर्ड दवाओं की खेप मिली।

विज्ञापन
विज्ञापन

पत्रावलियों की पड़ताल शुरू, मांगे दस्तावेज

cbi inquiry in nrhm scam of uttarakhand.

इस मामले में अब तक शासन व विभाग स्तर पर कई बार जांच हो चुकी है, लेकिन किसी के खिलाफ कोई कार्यवाही नहीं हुई। एक्सपायर दवा खरीद पर सूचना के अधिकार में जानकारी नहीं मिलने पर वर्ष 2012 में सूचना आयोग में अपील की।

आयुक्त अनिल शर्मा ने दिसंबर 2013 को विभाग से संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर मामले को बेहद संवेदनशील बताते हुए सीबीआई जांच की सिफारिश मुख्य सचिव को भेजी थी।

एनआरएचएम घोटाले की सीबीआई जांच के लिए अप्रैल 2014 में प्रदेश सरकार ने अधिसूचना जारी कर दी। सीबीआई निदेशालय ने पत्रावलियों के परीक्षण के बाद कार्यवाही के लिए अपनी देहरादून शाखा को मामला भेजा है।

उत्तर प्रदेश में एनआरएचएम घोटाले की जांच कर चुके सीबीआई के अधिकारी ही इस घोटाले की पड़ताल में जुटे हैं।

अपनी जांच रिपोर्टों पर नहीं लिया संज्ञान

cbi inquiry in nrhm scam of uttarakhand.

सीबीआई ने इस प्रकरण से संबंधित अन्य दस्तावेजों की मांग शासन से की है। औपचारिकताएं पूरी होते ही जांच एजेंसी रिकार्ड खंगालना शुरू कर देगी।

मामले के वर्ष 2009 में उजागर होने के बाद महानिदेशालय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण ने जांच रिपोर्ट शासन को सौंपी। इस रिपोर्ट पर शासन में अपर सचिव वित्त एलएम पंत के अधीन जांच हुई, जिसमें लाखों की दवाएं एक्सपायर होने के लिए प्रक्रियात्मक खामियों की रिपोर्ट दी गई।

अप्रैल 2013 में लोकायुक्त के निर्देश पर तत्कालीन एनआरएचएम निदेशक व अपर सचिव स्वास्थ्य पीयूष सिंह ने जांच में तत्कालीन संयुक्त निदेशक (आरसीएच) सहित पांच सीएमओ सहित दर्जन भर अन्य कर्मचारियों को 1.21 करोड़ की अनियमितता का दोषी पाया। जांच में दोषियों से रिकवरी की सिफारिश हुई, लेकिन कार्यवाही नहीं हुई।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed