सांसद पर हमले की होगी सीबीसीआईडी जांच
- एक हमलावर और गिरफ्तार, तीन को भेजा जेल
- सीएम बोले, मंदिर में दलितों के प्रवेश का नहीं हुआ विरोध
- हरीश रावत ने कहा, मंदिर कमेटी का चेयरमैन खुद दलित
- एक और एसडीएम की स्थायी तैनाती का लिया फैसला
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दलितों के साथ चकराता स्थित शिलगुर देवता मंदिर में प्रवेश के विरोध में हुए सांसद तरुण विजय पर हमले के दावे को मुख्यमंत्री हरीश रावत ने नकार दिया है। सरकार पर लग रहे आरोपों को देखते हुए सीएम ने मामले में सीबीसीआईडी जांच करवाने का निर्णय लिया है।
साथ ही त्यूनी और चकराता के बीच 80 किमी क्षेत्र में एक और एसडीएम की तैनाती की घोषणा की है। उधर, सांसद तरुण विजय और उनके साथियों पर हमले के मामले में राजस्व पुलिस ने एक और आरोपी को गिरफ्तार किया है। इस तरह मामले में अब तक चार आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है।
बीजापुर गेस्ट हाउस में पत्रकार वार्ता में हरीश रावत ने कहा कि महासू देवता मंदिर कमेटी के चेयरमैन प्रेम लाल खुद दलित हैं। ऐसे में यह दलितों के मंदिर प्रवेश का मामला नहीं प्रतीत हो रहा है। संभव है कि कुछ स्थानीय परंपराओं के पालन नहीं करने के चलते यह घटना हुई हो। घटना के चार आरोपी गिरफ्तार हो चुके हैं। अन्य की तलाश जारी है। स्थानीय अफसरों को घेरते हुए उन्होंने कहा कि पहले तो जत्था लेकर जाने की अनुमति कैसे दी गई और यदि अनुमति दी गई तो आवश्यक इंतजाम क्यों नहीं किए गए, इसकी पड़ताल की जाएगी।
सीएम ने माना, प्रशासनिक लापरवाही हुई
घटना के पीछे प्रशासनिक लापरवाही की बात भी उन्होंने स्वीकार की, लेकिन पूरे प्रकरण की विस्तृत रिपोर्ट मिलने के बाद ही किसी अफसर पर कार्रवाई की बात कही। इस पूरे मामले पर से पर्दा उठाने के लिए उन्होंने आईजी की निगरानी में सीबीसीआईडी जांच जल्द शुरू कराने का एलान किया है।
त्यूनी क्षेत्र में थाने की स्थापना को लेकर पूछे गए सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि थाने के प्रस्ताव को खारिज नहीं किया गया है। इस पर लगातार मंथन चल रहा है। त्यूनी और चकराता के बीच 80 किमी क्षेत्र में एक और एसडीएम की तैनाती होगी। इस क्षेत्र की बेहतर निगरानी के मद्देनजर यह फैसला लिया गया है।
मुख्यमंत्री ने इलाके में हाल के दिनों में पर्यटकों के साथ हुई घटनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि सभी मामलों में आवश्यक कार्रवाई की जा रही है। उधर, सांसद पर हमले के मामले में राजस्व पुलिस ने रविवार को एक और आरोपी हुकुम सिंह पुत्र केदार सिंह निवासी ग्राम मोहना तहसील चकराता को गिरफ्तार किया है। जबकि शनिवार को गिरफ्तार तीनों आरोपियों को कोर्ट ने जेल भेज दिया है। अब बाकी आरोपियों की तलाश में पुलिस की कई टीमें गांव-गांव में दबिश दे रही हैं।