{"_id":"5b44cf2e4f1c1bb2288b5b3a","slug":"cave-in-kedarnath","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"केदारनाथ पुनर्निर्माण के तहत धाम में बनी पहली गुफा, यात्रियों को मिलेंगी ये सुविधाएं","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
केदारनाथ पुनर्निर्माण के तहत धाम में बनी पहली गुफा, यात्रियों को मिलेंगी ये सुविधाएं
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रुद्रप्रयाग
Updated Wed, 11 Jul 2018 07:13 AM IST
विज्ञापन
केदारनाथ में बनी गुफा से नजर आ रही केदारघाटी
- फोटो : amar ujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
केदारनाथ पुनर्निर्माण के तहत धाम में पहली गुफा बनकर तैयार हो गई है। पांच मीटर लंबी और तीन मीटर चौड़ी गुफा का निर्माण नेहरू पर्वतारोहण संस्थान ने किया है। यहां सभी मूलभूत जरूरतें भी जुटा ली गई हैं। संचालन की जिम्मेदारी गढ़वाल मंडल विकास निगम को सौंपी गई है।
विज्ञापन
केदारनाथ मंदिर से करीब 400 मीटर पीछे मंदाकिनी नदी को पार कर चोराबाड़ी ताल के ठीक नीचे वाले क्षेत्र में गुफा का निर्माण किया गया है। साढ़े आठ लाख रुपये की लागत से पहाड़ी शैली में इसे तैयार किया गया है। गुफा में बिजली, पानी, शौचालय आदि सभी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं।
विज्ञापन
साधु, संत या अन्य यात्री यहां ठहरता है तो उसके विश्राम के लिए बिस्तर भी लगाया गया है। साथ ही संचार सुविधा के लिए टेलीफोन भी रखा गया है। इस स्थान से केदारनाथ धाम व केदारपुरी के साक्षात दर्शन हो रहे हैं। जिलाधिकारी मंगेश घिल्डियाल ने बताया कि गुफा के दर्शन या ठहरने के लिए यात्रियों का अलग से पंजीकरण होगा। जरूरी हुआ तो इसके लिए शुल्क का निर्धारण भी किया जाएगा।
विज्ञापन
पीएम ने कही है गुफाओं के निर्माण की बात
pm modi
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पिछले वर्ष 20 अक्तूबर को पांच योजनाओं के शिलान्यास के दौरान योग, साधना व आध्यात्म के लिए केदारपुरी में गुफाओं के निर्माण की बात कही थी।
पीएमओ कार्यालय से भी समय-समय पर कार्यों की समीक्षा के दौरान उत्तराखंड शासन को केदारपुरी में गुफाएं विकसित करने को कहा गया था। मुख्य सचिव उत्पल कुमार द्वारा जिला प्रशासन के साथ इस वर्ष फरवरी माह में गुफा निर्माण के लिए स्थान का चयन किया गया था।
यात्रा शुरू होने से सीएस ने गुफा विकसित नहीं होने पर अधिकारियों को फटकार लगाई थी। केदारपुरी में मंदाकिनी नदी के दूसरे छोर पर स्थित गरुड़चट्टी में भी प्राचीन हनुमान गुफा है।
पीएमओ कार्यालय से भी समय-समय पर कार्यों की समीक्षा के दौरान उत्तराखंड शासन को केदारपुरी में गुफाएं विकसित करने को कहा गया था। मुख्य सचिव उत्पल कुमार द्वारा जिला प्रशासन के साथ इस वर्ष फरवरी माह में गुफा निर्माण के लिए स्थान का चयन किया गया था।
यात्रा शुरू होने से सीएस ने गुफा विकसित नहीं होने पर अधिकारियों को फटकार लगाई थी। केदारपुरी में मंदाकिनी नदी के दूसरे छोर पर स्थित गरुड़चट्टी में भी प्राचीन हनुमान गुफा है।