{"_id":"1252b657b7914f7f037aa928b03beed4","slug":"case-filed-on-nagar-nigam-grabbed-land-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"निगम की जमीन कब्जाने वालों पर दर्ज होंगे केस","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
निगम की जमीन कब्जाने वालों पर दर्ज होंगे केस
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून
Updated Tue, 16 Feb 2016 10:19 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
देहरादून नगर निगम की जमीनों पर कब्जा जमाए बैठे लोगों की अब खैर नहीं। नगर आयुक्त ने लैंड सुपरिंटेंडेंट विनय प्रताप चौहान को निगम भूमि पर कब्जा करने वालों को नोटिस थमाने के साथ उनके खिलाफ केस दर्ज कराने के आदेश दिए हैं।
विज्ञापन
नगर आयुक्त ने यह आदेश कांग्रेसी पार्षदों से मुलाकात के बाद दिया। कांग्रेसी पार्षदों ने सोमवार को कब्जा, सफाई और टैक्स समेत कई तरह की समस्याओं का लेकर नगर आयुक्त को ज्ञापन सौंपा।
विज्ञापन
सोमवार दोपहर 12 बजे नगर निगम नेता प्रतिपक्ष नीनू सहगल के नेतृत्व में लगभग सभी कांग्रेस पार्षद नगर आयुक्त नितिन भदौरिया से मिले और ज्ञापन देकर निगम की भूमि पर अवैध कब्जों और अतिक्रमण का मुद्दा उठाया। आरोप लगाया कि निगम के अधिकारी कब्जेदारों से मिले हुए हैं।
विज्ञापन
स्थिति यह है कि लैंड सेक्शन ने किसी को नोटिस तक नहीं दिया है। नगर आयुक्त ने लैंड सुपरिंटेंडेंट विनय प्रताप चौहान को तलब किया और आदेश दिया कि तहसीलदार निगम और राजस्व विभाग की मदद से कब्जे चिह्नित करें और कब्जेदारों को नोटिस थमाएं।
इसके बाद थानों में नामजद मुकदमा दर्ज कराया जाए। जरूरत पड़े तो पुलिस की सहायता लें। कांग्रेसी पार्षदों ने कहा कि हाउस टैक्स कैंप व्यवस्थित तरीके से नहीं लग रहे हैं। पार्षदों ने टैक्सों की दर में समायोजन की मांग भी उठाई।
नगर आयुक्त ने कहा कि जल्द ही टैक्स की दर रिवाइज्ड होनी हैं, ऐसे में हम राजस्व के साथ समझौता नहीं करेंगे। उन्होंने टैक्स सुपरिंटेंडेंट धर्मेश पैन्यूली व पूनम रावत को शिविरों में पार्षदों का सहयोग लेने को कहा।
इस दौरान जगदीश धीमान, संजीव मल्होत्रा, आनंद त्यागी, बिजेंद्र पॉल, अर्जुन सोनकर, अशोक कोहली, मनमोहन सिंह धनई, चरणजीत कौशल, सुशील कुमार, राजेश सिंह पुंडीर, निखिल कुमार, मीना बिष्ट, सोनू उनियाल समेत अधिकतर कांग्रेसी पार्षद शामिल थे।
तो आउटसोर्सिंग से उठेगा कूड़ा?
कांग्रेसी पार्षदों ने जब कूड़ा उठान में अनियमितताओं और लोगों की समस्याओं को उठाया तो नगर आयुक्त वरिष्ठ नगर स्वास्थ्य अधिकारी डा. कैलाश गुंज्याल को तलब किया। स्वास्थ्य अधिकारी के सामने ही पार्षदों ने आरोप लगाया कि कर्मचारी रसीद नहीं काटकर निगम को नुकसान पहुंचा रहे हैं।
इस पर स्वास्थ्य अधिकारी ने बताया कि मानव संसाधन की कमी से परेशानी हो रही है। इसके अलावा कई स्तरों पर कर्मचारी लापरवाही कर रहे हैं। यह सुनकर नगर आयुक्त ने कहा कि कूड़ा उठान की समूची व्यवस्था आउटसोर्सिंग से की जाएगी। इससे जहां धनराशि की बचत होगी, वहीं काम भी सुचारु तरीके से होगा।
निगम की भूमि पर कब्जों की जांच एसआईटी करेगी
नगर निगम की जमीनों पर कब्जों की बढ़ती शिकायतों को देखते हुए मेयर ने कहा कि अब जमीन के कब्जों की शिकायत की जांच नगर निगम प्रशासन नहीं, बल्कि स्पेशल इन्वेस्टीगेशन टीम (एसआईटी) करेगी।
मेयर ने कहा कि मानव और वित्तीय संसाधनों की कमी के चलते नगर निगम प्रशासन अपने काम ठीक तरह से अंजाम नहीं दे पा रहा है। मेयर ने बताया कि निगम की जमीनों पर 22 बड़े लोगों के अवैध कब्जे सूचीबद्ध किए गए हैं।
सोमवार को पत्रकारों से बातचीत में मेयर विनोद चमोली ने कहा कि माफिया तत्व कानून और नियम कायदों की जटिलताओं का लाभ उठाकर नगर निगम की भूमि पर कब्जा करते जा रहे हैं। किन्हीं कारणों से निगम प्रशासन सीमित काम ही कर पा रहा है। उन्होंने कहा कि निगम के पास सीमित मानव संसाधन और पुलिस एवं प्रशासन के असहयोग की वजह से कब्जा धारकों के हौसले बुलंद हैं। इसलिए अब अवैध कब्जों की जांच एसआईटी करेगी।
इससे पहले मेयर ने मुख्यमंत्री हरीश रावत से मुलाकात कर मलिन बस्तियों में हाउस टैक्स और कामर्शियल टैक्स मसले पर मंत्रणा की। मेयर ने मुख्यमंत्री को बताया कि मलिन बस्तियों में हाउस टैक्स के मसले पर स्पष्ट निर्णय लेना चाहिए। इस संबंध में नीतिगत स्पष्टता नहीं होने की वजह से हालात बिगड़ रहे हैं। निगम प्रशासन दिशाहीन और मलिन बस्तीवासी निराश हैं। मेयर ने कामर्शियल टैक्स पर भी फैसला लेने की मांग की।
इस पर मुख्यमंत्री ने दो से तीन दिनों में फैसला लेने की बात कही। एक सवाल के जवाब में मेयर ने कहा कि बिना टेंडर काम होने का मसला सिर्फ दो-तीन वार्डों का नहीं है। इसलिए इसके लिए सभी 60 वार्डों में जांच होनी चाहिए। इसमें दलगत राजनीति नहीं होनी चाहिए। जांच के बाद दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा। मेयर ने कहा कि काम काज में दोहरे मापदंड नहीं अपनाना चाहिए।
इन स्थानों पर है नगर निगम भूमि पर बंपर कब्जे
- सहस्रधारा मार्ग पर कब्जों की भरमार
- पटेल नगर नाले के पास हैं कब्जे
- किशनपुर स्थित पैसिफिक मॉल के पास बेशकीमती भूमि पर है कब्जे
- बारीघाट में है कब्जों की भरमार
- माजरा में कॉल सेंटर के पास हैं कब्जे ही कब्जे
- राजपुर मसूरी मार्ग में आयुर्वेदिक कालेज के पास खूब हुए हैं कब्जे
- आयुर्वेदिक कालेज से रामतीर्थ मिशन हैं अरबों की भूमि पर है अवैध कब्जे
- पटेलनगर थाने के पास कब्जों की बड़ी शिकायत
- होटल पैसिफिक राजपुर मार्ग व पैसिफिक मॉल के पास भी हैं जबरदस्त कब्जे
- रिस्पना पुल, बिंदाल पुल, के पास कब्जों की भारी शिकायत
- बल्लुपुर चौक के आगे कब्जों की भरमार
- सहस्र्धारा मार्ग से राजपुर को जोड़ने वाले मार्ग पर कब्जे
कब्जों पर अपनी सरकार से भिड़ गया था: चमोली
नगर निगम की भूमि पर कब्जे के मसले पर मेयर विनोद चमोली ने कहा कि वह पैसिफिक मॉल और साईं मंदिर के अतिक्रमण पर अपनी सरकार से भिड़ गए थे। निगम की भूमि पर कब्जा कराने वालों पर वह हमेशा हमलावर रहे हैं। इसलिए अब असली कब्जाधारक सामने आने चाहिए।