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दून अस्पताल के तीन डॉक्टरों सहित पांच पर केस
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून
Updated Mon, 20 Jun 2016 01:25 PM IST
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अदालत का फैसला
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अदालत के आदेश पर कोतवाली थाना पुलिस ने दून अस्पताल के तीन डॉक्टरों डा. नवनीत बेदी, डा. चेतन गिरोटी, डा. निधि उनियाल और दो पुलिस उपनिरीक्षकों सहित कुल पांच लोगों के खिलाफ साक्ष्य छिपाने और षड्यंत्र कर फर्जी मेडिकल सप्लीमेंट्री रिपोर्ट तैयार करने सहित विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है।
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अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट द्वितीय विनोद कुमार बर्मन ने शनिवार को अपने फैसले में थाना कोतवाली को दिए आदेश में कहा कि थाना पुलिस इस आदेश को तहरीर मानते हुए आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करे। कोर्ट ने फौजदारी लिपिक रमेश चंद्र पंत को अधिकृत कर वादी मानते हुए मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिए थे।
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कोर्ट के आदेश के बाद रविवार को पुलिस ने पांचों आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया। कोतवाल एसएस बिष्ट ने कहा कि कोर्ट के आदेश पर मुकदमा दर्ज करने के बाद मामले की विवेचना की जा रही है। अदालत ने इस मामले में पुलिस को आदेश दिए हैं कि वे प्रकरण की गंभीर प्रकृति को ध्यान में रखते हुए बगैर किसी देरी के निष्पक्ष विवेचना करे और इससे अदालत को अवगत कराए।
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बता दें कि प्रेमनगर थानाध्यक्ष यशपाल सिंह बिष्ट और उपनिरीक्षक जितेंद्र कुमार पर पुलिस कस्टडी में धोखाधड़ी के आरोपी लियाकत से मारपीट का आरोप है। आरोप है कि पुलिस ने उसे चार घंटे की रिमांड पर लेने के बाद उससे मारपीट की। इससे उसका हाथ फ्रैक्चर हो गया था।
मामला कोर्ट में पहुंचा तो कोर्ट ने एसएसपी को प्रकरण की जांच के आदेश दिए थे, लेकिन एसएसपी दून की ओर से दून अस्पताल के डॉक्टरों की रिपोर्ट कोर्ट में पेश करते हुए कहा गया था कि पुलिस कस्टडी में कोई मारपीट नहीं हुई, जिसके साथ मारपीट की बात की जा रही है मेडिकल रिपोर्ट में वे एकदम फिट है, उसके शरीर पर कहीं कोई चोट के निशान नहीं हैं।
जबकि दून अस्पताल के रेडियोलोजिस्ट की रिपोर्ट में लियाकत के हाथ में फ्रैक्चर होना बताया गया। कोर्ट ने इस मामले को गंभीरता से लिया तो सप्लीमेंट्री रिपोर्ट तैयार करने वाले डॉक्टरों के पैनल ने कहा कि उन्होंने व्हाट्सअप पर एक्सरे रिपोर्ट देखकर रिपोर्ट तैयार की।
इन धाराओं में हुआ मुकदमा
पुलिस ने आरोपी दून अस्पताल के डॉक्टरों, एसओ रहे यशपाल सिंह बिष्ट व उपनिरीक्षक जितेंद्र कुमार के खिलाफ धारा 218/166, 201/120 बी, 196/197 आईपीसी के तहत मुकदमा दर्ज किया है।
Published By : Nirmala Suyal