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Dehradun News: चाइल्ड पोर्नोग्राफी में महिला के खिलाफ मुकदमा दर्ज
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चाइल्ड पोर्नोग्राफी के मामले में शहर की एक महिला के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। बताया गया है कि इस महिला ने अपने मोबाइल फोन से सोशल मीडिया पर बच्चों का अश्लील वीडियो अपलोड किया था। आईटी एक्ट के तहत दर्ज इस मुकदमे की जांच की जा रही है।
मुकदमा कोतवाली के एसएसआई प्रदीप रावत की शिकायत पर दर्ज किया गया है। उन्होंने बताया कि नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल के तहत टिप लाइन पर चाइल्ड पोर्नोग्राफी आदि की निगरानी की जाती है। इस दौरान सामने आया कि कोतवाली क्षेत्र की बालेश्वरी देवी नाम की महिला के मोबाइल के आईपी एड्रेस से वीडियो अपलोड किया गया।
बता दें कि चाइल्ड पोर्नोग्राफी के मामले में एक साल के भीतर शहर का यह सातवां मामला है। सभी मुकदमों की जांच की जा रही है। अभी तक एक भी आरोपी गिरफ्तार नहीं किया गया है।
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वीडियो देखना भी अपराध
चाइल्ड पोर्नोग्राफी की निगरानी केंद्र सरकार की टिप लाइन के माध्यम से की जाती है। यह उन सब मामलों की निगरानी करती है, जिसमें बच्चों के अश्लील वीडियो, फोटो आदि सर्कुलेट किए जा रहे हों। इसके अलावा यदि कोई अपने मोबाइल फोन, कंप्यूटर, लैपटॉप आदि से ये अश्लील वीडियो देखता भी है तो वह भी अपराध की श्रेणी में आता है। पिछले साल सीबीआई ने भी शहर में इस तरह के मामलों को लेकर देहरादून में दबिश दी थी। उस वक्त कई वेबसाइट को बंद कराया गया था, जो इस तरह के वीडियो इंटरनेट पर प्रसारित करते थे।
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मुकदमा कोतवाली के एसएसआई प्रदीप रावत की शिकायत पर दर्ज किया गया है। उन्होंने बताया कि नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल के तहत टिप लाइन पर चाइल्ड पोर्नोग्राफी आदि की निगरानी की जाती है। इस दौरान सामने आया कि कोतवाली क्षेत्र की बालेश्वरी देवी नाम की महिला के मोबाइल के आईपी एड्रेस से वीडियो अपलोड किया गया।
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बता दें कि चाइल्ड पोर्नोग्राफी के मामले में एक साल के भीतर शहर का यह सातवां मामला है। सभी मुकदमों की जांच की जा रही है। अभी तक एक भी आरोपी गिरफ्तार नहीं किया गया है।
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वीडियो देखना भी अपराध
चाइल्ड पोर्नोग्राफी की निगरानी केंद्र सरकार की टिप लाइन के माध्यम से की जाती है। यह उन सब मामलों की निगरानी करती है, जिसमें बच्चों के अश्लील वीडियो, फोटो आदि सर्कुलेट किए जा रहे हों। इसके अलावा यदि कोई अपने मोबाइल फोन, कंप्यूटर, लैपटॉप आदि से ये अश्लील वीडियो देखता भी है तो वह भी अपराध की श्रेणी में आता है। पिछले साल सीबीआई ने भी शहर में इस तरह के मामलों को लेकर देहरादून में दबिश दी थी। उस वक्त कई वेबसाइट को बंद कराया गया था, जो इस तरह के वीडियो इंटरनेट पर प्रसारित करते थे।