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शिक्षा मंत्री के खिलाफ डेढ़ दशक पुराना मुकदमा वापस

ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून Updated Wed, 27 Jul 2016 01:17 AM IST
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मंत्री प्रसाद नैथानी
मंत्री प्रसाद नैथानी - फोटो : अमरउजाला
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उत्तर प्रदेश के विकल्पधारी शिक्षकों को वापस भेजने और शिक्षा बंधु योजना के विरोध में डेढ़ दशक पहले विधान सभा कूच के दौरान बैरिकेडिंग तोड़ने, वाहनों में तोड़फोड़ और पुलिस पर पथराव के आरोपी शिक्षा मंत्री मंत्री प्रसाद नैथानी के खिलाफ मुकदमा वापस ले लिया गया है। राज्य सरकार की ओर से वर्ष 2014 में मुकदमा वापस लेने के निर्णय के बाद अदालत ने अब वाद वापस लेने का फैसला सुनाया है।
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प्रशिक्षित बेरोजगार महासंघ ने वर्तमान शिक्षा मंत्री मंत्री प्रसाद नैथानी के नेतृत्व में 11 जनवरी वर्र्ष 2001 को यूपी के विकल्पधारी शिक्षकों को यूपी के लिए कार्यमुक्त करने सहित विभिन्न मांगों को लेकर विधानसभा कूच किया था।
2014 में सरकार ने लिया था निर्णय
इस दौरान रिस्पना पुल पर पुलिस ने बैरिकेडिंग लगाकर प्रदर्शनकारियों को रोकने का प्रयास किया, लेकिन मंत्री प्रसाद नैथानी के नेतृत्व में प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेडिंग तोड़ने के साथ ही आने-जाने वाले वाहनों में भी तोड़फोड़ की। इतना ही नहीं पुलिस पर भी पथराव किया गया। तोड़फोड़ और पुलिस पर पथराव करने के लिए मंत्री प्रसाद नैथानी सहित 12 नामजद और अन्य अज्ञात लोगों के खिलाफ केस दर्ज कर उनकी गिरफ्तारी की गई।

अभियोजन की ओर से इस मामले में नौ गवाह बनाए गए। लेकिन 10 सितंबर वर्ष 2014 को राज्य सरकार ने शिक्षा मंत्री के खिलाफ मुकदमा वापस लेने का निर्णय लिया। संयुक्त निदेशक अभियोजन जेएस बिष्ट की ओर से अदालत में धारा 321 का प्रार्थना पत्र दिया गया। जिसे मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट विवेक द्विवेदी की अदालत ने स्वीकारते हुए मुकदमा वापस लेने का फैसला सुनाया है।
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