फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   carelessness in doon hospital

इमरजेंसी में डेढ़ घंटे इलाज बगैर तड़पी मरीज

Fri, 13 Jun 2014 01:41 PM IST
अमर उजाला, देहरादून
अमर उजाला, देहरादून Updated Fri, 13 Jun 2014 01:41 PM IST
विज्ञापन
carelessness in doon hospital

भगवान का पर्याय माने जाने वाले डॉक्टर कितने संवेदनशील हैं, इसका नजारा दून अस्पताल में देखने को मिला।

विज्ञापन


डॉक्टरों ने हाथ तक नहीं लगाया

इमरजेंसी रुम में एक महिला तकरीबन डेढ़ घंटे तक इलाज के लिए तड़पती रही, लेकिन डॉक्टरों ने उसे हाथ तक नहीं लगाया।

महिला के बेटे के रूंधे गले की गुहार से इंटर्न तो पसीजीं, लेकिन उनके ऑक्सीजन मास्क लाने तक डेढ़ घंटा गुजर चुका था।

सांस लेने में बेहद परेशानी झेल रही मरीज की सांस थमी नहीं, गनीमत बस यही रही। यह घटना गुरुवार दोपहर तकरीबन साढ़े 12 बजे की है। सांस लेने में परेशानी झेल रही मां को उठाए 18 वर्षीय अमन इमरजेंसी में दाखिल हुआ।

यहां डॉक्टर राहुल जोशी की ड्यूटी थी। उसने कई बार डॉक्टर को बुलाया। लेकिन डॉक्टर ने खुद को व्यस्त बताते हुए उसे डपट दिया। वह साथियों के साथ चाय की चुस्की लेते गपियाते रहे।
विज्ञापन


मां की हालत देख अमन के आंसू बहने लगे। कभी अपनी मां का सर उठाता तो कभी मां के हाथों को सहलाता। फिर इधर से उधर डॉक्टर के पीछे भागता।

आखिर इंटर्न का दिल पसीजा
महिला की हालत बिगड़ रही थी। लेकिन डॉक्टरों का रवैया देख इंटर्न की हिम्मत मरीज को अटैंड करने की नहीं हुई। आखिर एक इंटर्न का दिल पसीजा वह ऑक्सीजन मास्क लेकर आई। तब तक सवा दो बज चुके थे।
विज्ञापन
विज्ञापन


आलम यह था कि इमरजेंसी रुम में वार्ड ब्वाय तक नहीं थे। अमन ने खुद अपनी मां को उठाकर बेड पर लिटाया। फार्म भरने में भी 15 मिनट लगे।

लंबी प्रक्रिया के बाद महिला को भर्ती तो किया गया, लेकिन ड्यूटी पर बैठे डॉक्टर ने महिला की जांच नही की। इंटर्न ने अमन से शुक्रवार को सारी जांच कराने के लिए कहा।


इस संबंध में डॉक्टर का पक्ष लेने की कोशिश की गई, लेकिन उनका मोबाइल स्विच आफ बताता रहा।

हाथ में सुई गोदतीं रहीं इंटर्न
दून अस्पताल में मरीज भगवान भरोसे हैं। हालत यह है कि एक इंटर्न ने महिला को ग्लूकोज चढ़ाने के लिए उसके हाथ में तीन बार सुई लगाई, लेकिन सही नहीं लगा पाई।

एक बार में सुई सही न लगने पर उसे निकालकर दोबारा लगाया। बार-बार सुई निकालने और लगाने से महिला दर्द से चिल्लाती रही।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed