फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   car flows in rain gutter at ramnagar many people dead

उत्तराखंड: बरसाती नाले में बही ऑल्टो कार, तीन लोगों की मौत, एक घायल

Tue, 28 Aug 2018 04:53 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून Updated Tue, 28 Aug 2018 04:53 PM IST
विज्ञापन
car flows in rain gutter at ramnagar many people dead
शव को बरसाती नाले से निकालते स्थानीय लोग - फोटो : amar ujala

बारिश के चलते दरकते पहाड़ों और उफनाई नदियों का कहर जारी है। अल्मोड़ा जिले के मोहन में बरसाती नाले में ऑल्टो कार के बहने से तीन लोगों की मौत हो गई।

विज्ञापन


मौलेखाल (अल्मोड़ा) से मिली जानकारी के मुताबिक सोमवार शाम करीब छह बजे ऑल्टो कार (यूके 07 एए-6705)  मोहान-मरचूला सड़क पर मोहान से करीब आधा किमी दूर पनाली गधेरे में बह गई। सूचना पर मोहान चौकी में तैनात पुलिसकर्मी और आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे और रेस्क्यू अभियान चलाया,  लेकिन तब तक तीन लोग बहकर काफी दूर चले गए थे। बाद में घटनास्थल से कुछ दूर तीनों के शव बरामद हो गए। कार में सवार एक महिला बाल-बाल बच गई। एक मृतक के जेब में मिले आधार कार्ड से उसकी पहचान उमेश चंद्र ध्यानी (49) पुत्र राधे श्याम ध्यानी निवासी तोमर कॉलोनी बुराड़ी दिल्ली के रूप में हुई है। गौला नदी में बहे मोटाहल्दू निवासी विवेक बेलवाल (15) का शव बरामद हो गया है। विवेक का परिवार मूलरूप से रानीखेत के भाड़ गांव का रहने वाला है। 
विज्ञापन


उधर, सड़कें  बंद होने से ग्रामीण क्षेत्रों में राशन और सब्जियों की किल्लत शुरू हो गई है। सोमवार को कुमाऊं  में कुल 28 सड़कें बंद रहीं। इनमें बागेश्वर में 11, पिथौरागढ़ में 7, चंपावत में 5, अल्मोड़ा में 3 और नैनीताल में 2 सड़कें शामिल हैं। बारिश से जहां-तहां मकान भी धराशायी हुए हैं। लोगों ने पड़ोसियों या रिश्तेदारों के यहां शरण ले रखी है। थल-मुनस्यारी सड़क नाचनी से ककड़सिंह बैंड के पास तीन स्थानों पर बंद है। सड़क बंद होने से सात दिन से रसोई गैस का वाहन रसियाबगड़ में फंसा है। क्षेत्र में फल, सब्जी और राशन की किल्लत होने लगी है। मुनस्यारी-जौलजीबी सड़क भी कई स्थानों पर खतरनाक हो गई है। रातीगाड़ में सड़क एक सप्ताह से बंद है। तीन दिन पहले हरड़िया में वैलीब्रिज खतरे में आ गया था। ब्रिज के एबटमेंट के नीचे की जमीन हरड़िया नाले में बह गई। सड़क बंद होने से नाचनी क्षेत्र में डाक सेवा भी प्रभावित हो गई है। टनकपुर-पिथौरागढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग सोमवार को खुलते-बंद होते रहा। पूरे दिन एनएच छह घंटे बंद रहा। बसान, सिन्याड़ी, बाराकोट और धौन में मलबा आने से मार्ग बाधित रहा। धौन में फंसे कई यात्रियों ने आरोप लगाया कि मलबा हटाने वाले जेसीबी चालक की लापरवाही से धौन में मलबा आया। इस वजह से जेसीबी खाई में गिरते-गिरते बची। 
विज्ञापन
विज्ञापन


चंपावत-पिथौरागढ़ हाईवे पर च्यूरानी के पास पेड़ गिरने से यातायात बाधित हो गया। बाद में पेड़ को काटकर यातायात सुचारु कराया गया। खेतीखान-तपनीपाल-बुंगाबिडौरा सड़क भी मलबे से बंद हो गई। महाकाली, गोरी, सरयू आदि नदियां उफान पर हैं। महाकाली के उफान में होने से प्रशासन ने अलर्ट जारी किया है। वहीं, तीन दिन बाद जलस्तर गिरने से सोमवार को बनबसा में शारदा बैराज से वाहनों का संचालन शुरू हो गया है।

 

खराब मौसम के कारण गुंजी नहीं जा सके 15वें दल के यात्री

car flows in rain gutter at ramnagar many people dead
kailash mansarovar

खराब मौसम के कारण सोमवार को वायु सेना के हेलीकॉप्टर उड़ान नहीं भर सके। इसके चलते कैलाश मानसरोवर यात्रियों का 15वां दल पिथौरागढ़ से गुंजी रवाना नहीं हो सका। उधर 11वें दल के 60 और 12वें दल के 16 सदस्य गुंजी में ही फंसे रहे। 

कोसी में फंसी गायों को सुरक्षित निकाला
भवाली-अल्मोड़ा राष्ट्रीय राजमार्ग किनारे स्थित कोसी नदी में फंसी तीनों गाय को 48 घंटे बाद सोमवार सुबह 11:30 बजे एनडीआरएफ  और आपदा प्रबंधन की टीम ने सुरक्षित निकाल लिया है।  एनडीआरएफ की टीम ने पत्थरों पर रस्सी बांधकर एक-एक कर तीनों गायों बाहर निकाल लिया। सोमवार को इस रेस्क्यू अभियान में तीन घंटे लगे। जानवरों के मालिक  को रविवार की देर रात ही बचा लिया गया था।

बागेश्वर-अल्मोड़ा में मकानों पर शामत
बागेश्वर जिले में सोमवार को कई मकान ध्वस्त हो गए। इनमें तीन मकान जौलगांव, उडेरा और कठायतबाड़ा में जबकि दो बैड़ा मजेड़ में और एक मकान ओखलधार में ध्वस्त हुआ है। सिमखेत गांव में गोशाला ध्वस्त हो गई। हरकोट गांव में बज्रपात से दुधारू गाय की मौत हो गई।  उधर, गरुड़ तहसील के द्यौनाई गांव में कुंदन सिंह का मकान पूर्ण क्षतिग्रस्त हो गया। वज्यूला, धपोलासेरा और बोहाला में तीन मकान आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हो गए। वहीं, बड़ेत के खारबगड़  तोक में 12 और परिवार बेघर हो गए हैं। खतरे को देखते हुए प्रभावित परिवारों ने अपने घर छोड़ कर संबंधियों के यहां शरण ली है। सोमेश्वर तहसील के पडोलिया गांव में भी एक मकान क्षतिग्रस्त हो गया। उनके परिवार ने पड़ोसी के यहां शरण ली है। वहीं जालधौलाड़ (बिरलवा) गांव में एक घर की दीवार टूट गई। रानीखेत तहसील में कई भवनों के आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त होने की सूचना है। कई जगह संपर्क मार्ग और सड़कों को भी नुकसान हुआ है। तिपौला क्षेत्र में भारी भरकम पेड़ गिरने के कारण विद्युत लाइन क्षतिग्रस्त हो गई, जिससे आपूर्ति कई घंटों तक ठप रही। सल्ट तहसील के मल्ली पोखरी, झड़गांव, उजलकना में दो मंजिले तीन मकान और भौनाडांडा के तोक छलाण में एक मंजिला मकान ध्वस्त हो गया है। धानाचूली में एक मकान की दीवार गिर गई।

लामबगड़ में चौथे दिन भी बंद रहा बदरीनाथ हाईवे  

car flows in rain gutter at ramnagar many people dead
पीपल कोटी में भी हो रहा लगातार भूस्खलन - फोटो : amar ujala

बदरीनाथ हाईवे पर लामबगड़ में सोमवार को चौथे दिन भी वाहनों की आवाजाही शुरू नहीं हो पाई है। हाईवे बंद होने पर लामबगड़ से 153 तीर्थयात्री पैदल चलकर बदरीनाथ धाम पहुंचे, जबकि 77 तीर्थयात्री बदरीनाथ के दर्शन कर गंतव्य को लौटे।

वहीं बदरीनाथ हाईवे के भूस्खलन क्षेत्र क्षेत्रपाल में रुक-रुककर चट्टान से भूस्खलन हो रहा है, जिससे यहां एक-एक कर वाहनों की आवाजाही करवाई जा रही है। हाईवे के दोनों छोर पर पुलिस के जवानों की तैनाती की गई है लेकिन पुलिस की रोक के बावजूद ग्रामीण जान जोखिम में डालकर पैदल ही भूस्खलन क्षेत्र को पार कर रहे हैं। सोमवार को बारिश थमने के कारण एनएचआईडीसी की ओर से हिल साइड अटके मलबे को भी हटाना शुरू कर दिया है। उपजिलाधिकारी परमानंद राम ने बताया कि मौसम सामान्य होने पर क्षेत्रपाल में हिल साइड जमा मलबे को साफ कर दिया जाएगा। जल्द ही हाईवे को सुचारु कर दिया जाएगा। 

एक बार में एक वाहन ही पुल से गुजरे
दूसरी ओर बदरीनाथ हाईवे पर बिरही पुल के नीचे वीर गंगा से हो रहे कटान से पुल खतरे की जद में है। डीएम स्वाति एस भदौरिया ने पुलिस प्रशासन को पुल से एक बार में एक ही वाहन की आवाजाही करवाने के निर्देश दिए। उन्होंने लिए पुल के दोनों छोर पर साइन बोर्ड स्थापित करने को कहा।

कोटद्वार में नदियां उफान पर
कोटद्वार में दो दिन से हो रही भारी बारिश से नदियां उफान पर हैं। यहां कई क्षेत्रों में जलभराव हो गया है। मालन, खोह, सुखरो और तेलीस्रोत के तटवर्ती इलाकों में जबरदस्त भू-कटाव होने की सूचना है। आबादी में बाढ़ का पानी घुसने से लोगों का परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। यहां के लोगों ने रविवार की रात दहशत में गुजारी। कोटद्वार-पौड़ी हाईवे दुगड्डा के पास बाधित है। पौड़ी हाईवे पर भी आवाजाही ठप। लोगों ने राहत शिविरों में शरण ली है।

नदी में बहे खच्चर को बचाया 
उत्तरकाशी जिले के बड़कोट में हनुमानचट्टी के निकट यमुना नदी में बहे एक खच्चर को एसडीआरएफ व पुलिस के जवानों ने ग्रामीणों की मदद से बचा लिया। प्राप्त जानकारी के अनुसार सोमवार सुबह करीब दस बजे निषणी गांव निवासी राजेंद्र सिंह का खच्चर यमुना नदी पार कर रहा था। लेकिन बहाव अधिक होने के कारण वह नदी में बह गया। इस बीच घटना की सूचना मिलने पर चौकी प्रभारी बलवीर रावत के नेतृत्व में पुलिस व एसडीआरएफ के जवान मौके पर पहुंचे। उन्होंने ग्रामीणों के साथ मिलकर रेस्क्यू अभियान चलाया और करीब चार घंटे की मशक्कत के बाद खच्चर को सुरक्षित बचा लिया। बड़कोट से दिनेश रावत।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed