खाई में गिरी कार के उड़े परखच्चे, मौके पर तीन की मौत
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पिथौरागढ़ के थल-मुनस्यारी मार्ग पर रातापानी और बनिक के बीच भ्यूतिलौन बैंड में एक कार के करीब 500 मीटर खाई में गिरने से शिक्षक समेत तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि एक व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गया।
सोमवार रात हुई इस घटना की जानकारी आधी रात के बाद तब हुई जब एक घायल ने किसी तरह बनिक गांव पहुंचकर अन्य लोगों को इसकी सूचना दी। इस पर रात ही में बड़ी संख्या में लोग मौके पर पहुंचे। डीएम के निर्देश पर मंगलवार को तीनों शवों का तेजम अस्पताल में पोस्टमार्टम किया गया।
जानकारी के मुताबिक रात करीब आठ बजे मुनस्यारी से चार लोग कार (यूके 04 एच-2088) से गिनी गांव के लिए रवाना हुए। रात करीब नौ बजे यह कार रातापानी और बनिक के बीच भ्यूतिलौन बैंड में असंतुलित होकर गहरी खाई में जा गिरी।
उस समय इलाके में तेज बारिश हो रही थी और घना कोहरा छाया था। कार में सवार घायल किशन सिंह (30) पुत्र शेर सिंह निवासी गिरगांव किसी तरह खाई से बाहर निकला और दो किलोमीटर की दूरी पर स्थित बनिक गांव जाकर लोगों को हादसे की सूचना दी।
गांव के लोग तत्काल टार्च एवं रोशनी के अन्य साधन लेकर घटनास्थल को दौड़े। साथ ही पुलिस-प्रशासन को भी इसकी जानकारी दी।
खाई में उतरे लोगों ने कार में दबे राजकीय हाईस्कूल नामिक के शिक्षक राजेंद्र सिंह (35) पुत्र चंद्र सिंह निवासी गिरगांव, राजेंद्र सिंह टोलिया (40) पुत्र दयान सिंह निवासी घोरपट्टा और मदन सिंह (30) पुत्र बचे सिंह निवासी गिनी के शव को बमुश्किल बाहर निकाला। बताया गया है कि कार शिक्षक राजेंद्र सिंह की थी।
लोगों में लोनिवि के खिलाफ गुस्सा
प्रभारी जिलाधिकारी विनोद गिरी गोस्वामी ने शवों का पोस्टमार्टम तेजम अस्पताल में कराने के लिए डॉक्टरों की टीम भेज दी।
वन विकास निगम के अध्यक्ष हरीश धामी ने मुख्यमंत्री के हवाले से ऐलान किया कि मृतकों के परिजनों को एक-एक लाख और घायल को 50 हजार रुपए दिए जाएंगे। सीएम ने घटना पर गहरा दुख जताया है। तीन नौजवानों की मौत से पूरे इलाके में शोक की लहर है।
थल-मुनस्यारी मार्ग पर सोमवार रात हुई कार दुर्घटना के बाद स्थानीय लोगों में लोनिवि के खिलाफ गुस्सा है। उनका कहना है कि भ्यूतिलौन के पास लोनिवि ने पैराफिट का निर्माण नहीं किया है, जबकि इस स्थान पर एक ओर गहरी खाई है और दूसरी तरफ पहाड़ी।
इस खतरनाक मोड़ पर पहले भी हादसे हुए हैं। रेडक्रास संस्था के गजेंद्र टोलिया, गणेश राम, राजू बाछमी, बाला सिंह, प्रमोद द्विवेदी आदि ने कहा कि सड़क पर सुरक्षा के कहीं पर भी पुख्ता इंतजाम नहीं हैं।
यह आशंका जताई गई है कि हादसा बारिश, कोहरा और अंधेरे के कारण हुआ होगा। तहसीलदार खुशाल राम, थाना प्रभारी हरेंद्र नेगी, विधायक प्रतिनिधि हीरा सिंह चिराल, कांग्रेस ब्लाक अध्यक्ष मनोहर टोलिया, क्षेत्र पंचायत सदस्य देवेंद्र सिंह समेत बड़ी संख्या में लोग घटनास्थल और पोस्टमार्टम स्थल पहुंचे।
नजर नहीं आई आपदा प्रबंधन की टीम
दुर्घटनास्थल पर आपदा प्रबंधन की टीम नजर नहीं आई। प्रशासन दावा करता है कि हर गांव में आपदा प्रबंधन में प्रशिक्षित नौजवान तैयार किए गए हैं, लेकिन यह लोग ऐसे हादसों के समय कहां रहते हैं, पता नहीं चलता। लोगों ने इस तरह के रवैये पर खासी नाराजगी जताई।