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Dehradun News: बीआरओ में विदेशी असाइनमेंट पर तैनात दून की कैप्टन सुरभि ने बनाया कीर्तिमान
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ऐसा करने वाली पहली महिला अधिकारी, भूटान बॉर्डर रोड ऑर्गनाइजेशन के प्रोजेक्ट दंतक में मिली तैनाती
दून की कैप्टन सुरभि जखमोला ने बीआरओ में विदेशी असाइनमेंट पर तैनाती पाकर नया कीर्तिमान रच दिया है। यह उपलब्धि हासिल करने वाली वह पहली महिला अधिकारी बन गई हैं। उन्हें भूटान बॉर्डर रोड ऑर्गनाइजेशन के प्रोजेक्ट दंतक में तैनात किया गया हैं।
कैप्टन सुरभि के पिता हर्ष मोहन जखमोला उत्तराखंड परिवहन निगम में हेड क्लर्क हैैं। मां पुष्पा गृहिणी हैैं। उनका परिवार यहां राजपुर में रहता है। पिता ने बताया कि सुरभि की प्रारंभिक शिक्षा स्कालर्स होम स्कूल, देहरादून से हुई। फिर उन्होंने गोविंद बल्लभ पंत इंजीनियरिंग कालेज घुड़दौड़ी से सिविल इंजीनियरिंग की। इसके बाद उनका चयन आफिसर्स ट्रेनिंग एकेडमी चेन्नई के लिए हो गया। लेह, जोधपुर और नासिक में दो साल की सेवा के बाद उन्होंने एक खास मुकाम हासिल कर लिया। 117 इंजीनियर रेजिमेंट की अधिकारी कैप्टन सुरभि भूटान में बॉर्डर रोड ऑर्गेनाइजेशन के प्रोजेक्ट दंतक मेें तैनात की गई हैं। यह उपलब्धि हासिल कर उन्होंने उत्तराखंड का नाम रोशन किया है।
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दून की कैप्टन सुरभि जखमोला ने बीआरओ में विदेशी असाइनमेंट पर तैनाती पाकर नया कीर्तिमान रच दिया है। यह उपलब्धि हासिल करने वाली वह पहली महिला अधिकारी बन गई हैं। उन्हें भूटान बॉर्डर रोड ऑर्गनाइजेशन के प्रोजेक्ट दंतक में तैनात किया गया हैं।
कैप्टन सुरभि के पिता हर्ष मोहन जखमोला उत्तराखंड परिवहन निगम में हेड क्लर्क हैैं। मां पुष्पा गृहिणी हैैं। उनका परिवार यहां राजपुर में रहता है। पिता ने बताया कि सुरभि की प्रारंभिक शिक्षा स्कालर्स होम स्कूल, देहरादून से हुई। फिर उन्होंने गोविंद बल्लभ पंत इंजीनियरिंग कालेज घुड़दौड़ी से सिविल इंजीनियरिंग की। इसके बाद उनका चयन आफिसर्स ट्रेनिंग एकेडमी चेन्नई के लिए हो गया। लेह, जोधपुर और नासिक में दो साल की सेवा के बाद उन्होंने एक खास मुकाम हासिल कर लिया। 117 इंजीनियर रेजिमेंट की अधिकारी कैप्टन सुरभि भूटान में बॉर्डर रोड ऑर्गेनाइजेशन के प्रोजेक्ट दंतक मेें तैनात की गई हैं। यह उपलब्धि हासिल कर उन्होंने उत्तराखंड का नाम रोशन किया है।
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