फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   cantonment board election.

छावनी परिषद में बाजी लगी कांग्रेस के हाथ

Tue, 24 Mar 2015 10:48 AM IST
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून Updated Tue, 24 Mar 2015 10:48 AM IST
विज्ञापन
cantonment board election.

राजधानी देहरादून में छावनी परिषद क्लमेंटटाउन के इतिहास में पहली बार पुलिस की भारी भरकम सुरक्षा और भाजपा के जोरदार विरोध प्रदर्शन के बीच उपाध्यक्ष का चुनाव हुआ।

विज्ञापन


बोर्ड में कैबिनेट मंत्री दिनेश अग्रवाल और पूर्व अध्यक्ष भूपेंद्र कंड़ारी के बीच तीखी नोकझोंक के बाद कांग्रेस के सुनील की उपाध्यक्ष पर ताजपोशी हो गई। पहली बार जीतकर आए सुनील चार मतों से जीते जबकि भाजपा प्रत्याशी तासिम अली को तीन मत मिले हैं।
विज्ञापन


छावनी परिषद में 11 मार्च को उपाध्यक्ष चुनाव अचानक टलने के बाद सोमवार को दोबारा निर्वाचन के लिए बोर्ड जुटा। भाजपा खेमे में बीना नौटियाल, भूपेंद्र सिंह कंडारी और तासिम अली सबसे पहले बोर्ड पहुंचे। बड़ी संख्या में पुलिस बलों की तैनाती के बीच कैबिनेट मंत्री दिनेश अग्रवाल चार सदस्यों सुनील, टेक बहादुर, शाहीना अख्तर और राम किशन यादव को लेकर गाड़ी में पहुंचे।
विज्ञापन
विज्ञापन


पुलिस का साफ दिशानिर्देश जारी किये गए थे कि कोई बाहरी व्यक्ति परिषद परिसर में प्रवेश नहीं करे, जिससे गेट के बाहर भारी संख्या में भाजपा समर्थक काले झंडे लेकर विरोध प्रदर्शन करते रहे। प्रदर्शनकारियों ने बोर्ड अध्यक्ष ब्रिगेडियर पारितोष पंत को बैठक स्थगित करने की मांग की।

बोर्ड अध्यक्ष ब्रिगेडियर पंत की अध्यक्षता में उपाध्यक्ष का चुनाव शुरू हुआ। सचिव बी अजीथ रेड्डी ने चुनाव की प्रक्रिया से सदस्यों को अवगत करवाया। कांग्रेस की तरफ से यादव ने सुनील कुमार का नाम उपाध्यक्ष के लिए प्रस्तावित किया जबकि भूपेंद्र कंडारी ने तासिम अली का नाम प्रस्तावित किया।

बैलेट से गुप्त मतदान में सुनील कुमार चार मतों से जीते जबकि तासिम को तीन मत मिले। सचिव रेड्डी ने सुनील को विजय घोषित किया।

मंत्री और कंडारी में तीखी नोकझोंक
मतदान से उपाध्यक्ष चुनाव को लेकर पूर्व उपाध्यक्ष कंडारी और कैबिनेट मंत्री दिनेश अग्रवाल के बीच कई बार ऊंचे सुरों पर नोकझोंक हुई। मतदान की प्रक्रिया शुरू होते ही सबसे पहले शाहीना अख्तर मत डालने के लिए उठी तो आमंत्रित सदस्य मंत्री अग्रवाल ने उनसे कहा कि दूसरे नंबर (सुनील) पर निशान लगाना, जिसपर कंडारी भड़क गए।


कंडारी ने इसे गुप्त मतदान का उल्लंघन बताया। कंडारी ने कहा कि मंत्री अग्रवाल आमंत्रित सदस्य हैं ऐसे में उनको बोर्ड की प्रक्रिया में बोलने का अधिकार नहीं। इसपर मंत्री भड़क गए और दोनों के बीच जमकर बहस हुई। कंडारी ने मतदान के बहिष्कार तक की चेतावनी दी। आखिर अध्यक्ष और सचिव को बताना पड़ा कि मंत्री कार्यवाही में दखल नहीं दे सकते हैं।

झलकियां
- उपाध्यक्ष के मतदाता सूची में दो जगह नाम होने पर शिकायत
- सुषमा सजवाण ने सुनील की सदस्यता रद्द करने की मांग उठाई
- बोर्ड की अंग्रेजी में चल रही कार्यवाही नहीं समझे कुछ सदस्य
- मतदान प्रक्रिया को हिंदी में समझना पड़ा सदस्यों को
- भाजपा कार्यकर्ता गेट से बाहर करते रहे नारेबाजी
- सुनील की जीत पर परिसर में कांग्रेसियों ने मनाया जश्न

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed