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किसी प्रत्याशी में नहीं यहां वोट मांगने जाने का दम

Thu, 17 Apr 2014 11:44 PM IST
रविंद्र थलवाल, गंगादत्त थपलियाल/अमर उजाला, उत्तरकाशी, नई टिहरी
रविंद्र थलवाल, गंगादत्त थपलियाल/अमर उजाला, उत्तरकाशी, नई टिहरी Updated Thu, 17 Apr 2014 11:44 PM IST
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candidate not reached till now in these villages

देवभू्मि के नाम से प्रसिद्ध उत्तराखंड में कुछ गांव ऐसे दुर्गम हैं, जहां तक पहुंचते-पहुंचते शायद उम्मीदें भी दम तोड़ देती हैं।

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तस्वीरों में देखिए, 'पाताल' में भारत का एक मतदान केंद्र

चुनावी शोर-शराबा, हलचल तो दूर, ऐसे गांवों में 15 लोकसभा चुनाव गुजर जाने के बाद भी कभी कोई उम्मीदवार वोट मांगने तक नहीं पहुंचा। फिर भी इन गांवों के लोग हर बार मतदान कर लोकतंत्र के महायज्ञ में अपनी समिधा डालना नहीं भूलते।

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चीन सीमा पर स्थित है गांव पिलंग

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चीन सीमा से लगे उत्तरकाशी जिले के भटवाड़ी विकासखंड के पिलंग गांव में 275 मतदाता हैं। इस गांव तक पहुंचने वाली पथरीली राह हर बार रास्ता रोक लेती है। गांव के 85 वर्षीय भादर सिंह बताते हैं कि हर चुनाव में वह वोट जरूर डालते हैं।

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उम्मीद रहती है कि कभी तो कोई प्रत्याशी उनके गांव भी पहुंचेगा, जिसे वह दुश्वारियां बताएंगे। लेकिन आज तक कोई वोट मांगने नहीं आया।

देखिए, पिलंग गांव के विकास का हाल

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18 किलोमीटर की जोखिम भरी पगडंडी पिलंग गांव ले जाती है। इससे यहां के विकास का हाल जाना जा सकता है। शिक्षा के नाम पर गांव में जूनियर हाईस्कूल है।

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अधिकतर बच्चे आठवीं के बाद पढ़ाई छोड़ देते हैं। बाहर निकले एक-दो युवक ही ग्रेजुएट हैं। कागजों में तो गांव 1991 में रोशन हो गया था, लेकिन बिजली का कोई भरोसा नहीं।

बर्फबारी और भूस्खलन से एक बार गांव की लाइन क्षतिग्रस्त हो गई तो समझिए महीनों की छुट्टी हो गई।

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गंगी, पिन्सवाण का भी यही हाल

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टिहरी जिले के गंगी और पिन्सवाण का भी यही हाल है। यहां बिजली नहीं पहुंची। अंधेरे के अलावा सियासी तौर पर नाउम्मीदी भी यहां पसरी है। यहां भी कोई उम्मीदवार वोट मांगने नहीं पहुंचता। गंगी सड़क मार्ग से 18 किमी पैदल दूरी पर स्थित है।

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घनसाली तहसील से इसकी दूरी 25 और जिला मुख्यालय से 72 किमी है। गांव में 321 मतदाता हैं। गांव के निवर्तमान ग्राम प्रधान नैन सिंह बताते हैं कि वोट मांगने कभी कोई प्रत्याशी नहीं पहुंचा।

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पिन्सवाण सड़क से 14 किमी, घनसाली से 24 और जिला मुख्यालय से 65 किमी दूर है। गांव में 550 मतदाता है। गांव के धर्म सिंह जखेड़ी का कहना है कि प्रत्याशी हमारे गांव तक भले न आए लेकिन हम वोट जरूर देते हैं। पूरे गांव से एक ही प्रत्याशी को वोट पड़ता है। प्रत्याशियों के समर्थकों की बातों को ध्यान में रखकर ही मतदान होता है।

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