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Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   CAG Report 2022 Uttarakhand Government, spent 27 hundred crores in March month, shocking facts came out in report

CAG Report: 11 महीने सोते रहे, मार्च महीने में खर्च कर डाले 27 सौ करोड़, रिपोर्ट में सामने आए चौंकाने वाले तथ्य

Sat, 18 Jun 2022 11:30 AM IST
रेनू सकलानी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून Published by: रेनू सकलानी Updated Sat, 18 Jun 2022 11:30 AM IST
सार

उत्तराखंड बजट मैन्युअल के अनुुच्छेद 183 के मुताबिक वित्तीय वर्ष की समाप्ति में खर्च की तेजी से बचना चाहिए। लेकिन प्रदेश की सरकार ने 2020-21 में 20 मुख्य विभागों में 50 प्रतिशत से अधिक बजट केवल वित्तीय वर्ष के अंतिम महीने यानी मार्च में खर्च किया।

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CAG Report 2022 Uttarakhand Government, spent 27 hundred crores in March month, shocking facts came out in report
सीएम पुष्कर सिंह धामी - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

करोड़ों रुपये का आम बजट भले ही वित्तीय वर्ष की शुरुआत से लागू होता है, लेकिन उत्तराखंड की सरकार इसे आखिरी महीने में खर्च करने में यकीन करती है। सीएजी की रिपोर्ट में यह चौंकाने वाला तथ्य सामने आया है कि 20 विभागों में कुल बजट का 69 फीसदी से ज्यादा खर्च केवल मार्च के महीने में किया गया है।

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उत्तराखंड बजट मैन्युअल के अनुुच्छेद 183 के मुताबिक वित्तीय वर्ष की समाप्ति में खर्च की तेजी से बचना चाहिए। लेकिन प्रदेश की सरकार ने 2020-21 में 20 मुख्य विभागों में 50 प्रतिशत से अधिक बजट केवल वित्तीय वर्ष के अंतिम महीने यानी मार्च में खर्च किया।
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शहरी विकास विभाग ने अपने बजट का 82.77 प्रतिशत, अनुसूचित जाति-जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग, अल्पसंख्यक कल्याण विभाग ने 67.92 प्रतिशत, सूचना विभाग ने 57.19 प्रतिशत, प्राकृतिक आपदा से राहत में 68.81 प्रतिशत, मत्स्य पालन में 50.84 प्रतिशत, खाद्य भंडारण और गोदाम का 57.35 प्रतिशत, सहकारी विभाग का 63.43 प्रतिशत, पुलिस पर पूंजीगत व्यय का 50.24 प्रतिशत, लोक निर्माण विभाग में पूंजीगत व्यय का 72.01 प्रतिशत, चिकित्सा और लोक स्वास्थ्य में 72.42 प्रतिशत, आवास का 70.52 प्रतिशत, अनुसूचित जाति, जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग, अल्पसंख्यक कल्याण का पूंजीगत व्यय का 67.95 प्रतिशत, मत्स्य पालन पर पूंजीगत व्यय का 67.67 प्रतिशत, वानिकी और वन्य जीव पर पूंजीगत व्यय का 77.15 प्रतिशत, मुख्य सिंचाई पर पूंजीगत व्यय का 51.74 प्रतिशत, बाढ़ नियंत्रण परियोजना पर पूंजीगत व्यय का 66.52 प्रतिशत, ऊर्जा परियोजनाओं पर पूंजीगत व्यय का 75.55 प्रतिशत बजट मार्च के महीने में खर्च किया गया। 
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दो विभाग ऐसे, जिनका पूरा बजट मार्च में ही किया गया खर्च

प्रदेश में दो विभाग ऐसे भी हैं, जिनका पूरा यानी 100 फीसदी बजट केवल मार्च के महीने में ही खर्च किया गया। ऊर्जा विभाग का 11 करोड़ 38 लाख रुपये का बजट था जो कि सालभर की आखिरी तिमाही के आखिरी महीने में पूरा खर्च किया गया। दूरसंचार और इलेक्ट्रॉनिक्स उद्योग पर पूंजीगत परिव्यय का दो करोड़ 86 लाख रुपये केवल मार्च के महीने में ही खर्च किया गया।

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