एसीसी से 38 कैडेट्स पास आउट, भुवन को गोल्ड
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सेना में बतौर सिपाही भर्ती होने के बाद अफसर बनने के लिए चयनित सैनिकों के आर्मी कैडेट कॉलेज (एसीसी) का 105वां बैच शुक्रवार को पास आउट हो गया। भारतीय सैन्य अकादमी (आईएमए) के डिप्टी कमांडेंट मेजर जनरल वाईएस महिवाल ने बैच के 38 कैडेट्स को जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय की स्नातक की डिग्री प्रदान की।
कोर्स में नेपाल के भुवन थापा ने ओवरआल मेरिट में टॉप कर चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ (सीओएएस) गोल्ड मेडल हासिल किया। आईएमए देहरादून के एसीसी से तीन वर्ष की पढ़ाई के बाद अब ये एसीसी कैडेट्स आईएमए में एक साल की प्री-कमीशन मिलिट्री ट्रेनिंग लेंगे।
पर्सनल बिलो आफिसर्स रैंक (पीबीओआर) यानी बतौर सैनिक भर्ती होकर सेना के तीनों अंगों थल, वायु व नौसेना की अंतर सर्विस चयन प्रक्रिया और स्टाफ सिलेक्शन बोर्ड में सफल होने के बाद आर्मी कैडेट कालेज में स्नातक की डिग्री करवाई जाती है।
सैनिकों को दी गई जेएनयू की डिग्री
इसी के तहत आईएमए की पासिंग आउट परेड से पहले अकादमी के चैटवुड हाल में शुक्रवार को जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय से विज्ञान के सात और आर्ट्स के 31 कैडेट्स को स्नातक की डिग्री प्रदान की गई।
मेजर जनरल महिवाल ने कहा कि कठिन परिस्थितियों से जूझकर इन युवाओं ने एसीसी से पास आउट होकर नया मुकाम हासिल किया है। उन्होंने कहा कि एसीसी से पासआउट कैडेट्स ने सैन्य इतिहास में परंपराओं को निर्वाह करते हुए अदम्य साहस की कई मिसाल पेश की हैं।
डिप्टी कमांडेंट ने कोर्स में अकादमिक, खेल, कैंपस, अनुशासन और अन्य गतिविधियों में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले कैडेट्स को चीफ आफ आर्मी स्टाफ और कमांडेंट मेडल से सम्मानित किया। इससे पूर्व एसीसी के कमांडर ब्रिगेडियर एएस चहल ने कॉलेज की वार्षिक रिपोर्ट प्रस्तुत की। ग्रेजुएशन सेरेमनी में पास आउट हुए कैडेट्स के परिजन भी शामिल हुए।
भुवन सर्विस विषय में भी टॉप, ये रहे टॉपर्स
एसीसी के 105वें बैच में नेपाल के भुवन थापा ने ओवरआल मेरिट में टाप करने के साथ सर्विस विषय में भी टॉप किया है। भुवन को चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ गोल्ड मेडल के साथ सैन्य विषय में सर्वश्रेष्ठ रहने पर कमांडेंट सिलवर मेडल भी प्रदान किया गया। डिप्टी कमांडेंट वीएस महिवाल ने कोर्स में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन के लिए कमांडेंट बैनर एसीसी की बोगरा कंपनी को प्रदान किया।
सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन पर इन्हें मिला सम्मान
सीओएएस गोल्ड मेडल- भुवन थापा
सीओएएस सिल्वर मेडल- प्रवीन कुमार
सीओएएस ब्रांज मेडल- अनीश केजे
कमांडेंट सिल्वर मेडल
सर्विस विषय में प्रथम- भुवन थापा
बीए में प्रथम- जादव अजिंक्या शांताराम
बीएससी में प्रथम- सत्यानारायण मदीमी
ऐसे बना आर्मी कैडेट कॉलेज आईएमए में
- 1929 में नौगांव (मध्य प्रदेश) में स्थापित हुआ किचनर कॉलेज
- 1960 में किचनर कॉलेज का नाम एसीसी हुआ
- 10 फरवरी 1961 जनरल थिमैया ने किया पहली पीओपी परेड का रिव्यू
- 1977 देहरादून में शिफ्ट किया गया कॉलेज
- 2006 में कॉलेज हुआ आईएमए में शुमार