उत्तराखंड: किसानों के घाव भरने की कोशिश, 200 करोड़ मंजूर
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बारिश और आंधी से बरबाद हुई फसलों की मुआवजा राशि के लिए प्रदेश की कैबिनेट ने 200 करोड़ रुपये की मंजूरी दी है। वहीं अर्द्धकुंभ के लिए और 98 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए। कैबिनेट ने कर्णप्रयाग, गौचर और बड़कोट नगर पंचायतों को नगर पालिका का दर्जा देने का प्रस्ताव पास किया।
शनिवार की शाम हरिद्वार के मेला नियंत्रण भवन में मुख्यमंत्री हरीश रावत की अध्यक्षता में कैबिनेट की बैठक हुई। शाम पौने चार बजे से करीब सात बजे तक चली बैठक में बारिश से बरबाद फसल, अर्द्धकुंभ और चारधाम यात्रा के मुद्दे छाए रहे।
पत्रकारों को कैबिनेट के निर्णयों की जानकारी देते हुए मुख्यमंत्री हरीश रावत ने बताया कि प्रदेश में बरबाद हुई फसलों का मुआवजा देने में सरकार की ओर से कोई कोताही नहीं बरती जाएगी। कृषि और बागवानी विभाग को मुआवजा राशि के लिए 200 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं। इससे पहले 16 करोड़ रुपये का मुआवजा बांटा जा चुका है।
मुआवजा राशि एक हजार से बढ़ाकर 1500
किसानों को मिलने वाली न्यूनतम मुआवजा राशि 1000 रुपये से बढ़ाकर 1500 रुपये कर दी गई है। ज्यादा नुकसान होने पर आकलन के अनुसार मुआवजा दिया जाएगा। इस मुआवजा राशि में बिजली को हुए नुकसान को भी जोड़ा गया है। बिजली के जो पोल गिरे थे, उन्हें एक ही दिन में खड़ा कर कर दिया गया।
अर्धकुंभ को 98 करोड़
मुख्यमंत्री ने बताया कि अर्द्धकुंभ के लिए 98 करोड़ रुपये और स्वीकृत किए गए हैं। इससे पहले 152 करोड़ रुपये मंजूर किए जा चुके हैं। विभागों को स्थायी कार्यों के लिए जून तक प्रस्ताव तैयार करने को कहा गया है। ताकि शीघ्र अनुमति और काम शुरू हो सके।
अर्द्धकुंभ में देवप्रयाग और नीलकंठ को भी सुविधाएं दी जाएंगी। कैबिनेट ने कर्णप्रयाग, गौचर और बड़कोट नगर पंचायत को नगर पालिका का दर्जा देने की स्वीकृति प्रदान की। श्रम मंत्री हरीशचंद्र दुर्गापाल को छोड़कर कैबिनेट के सभी सदस्य मौजूद रहे।