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डोईवाला क्षेत्र में लूट की घटनाओं का खुलासा, दो आरोपी गिरफ्तार
सार
डोईवाला पुलिस ने एक माह पहले हुई दो लूट की दो घटनाओं का खुलासा करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।लिहाजा दोनों की पत्नियां उन्हें छोड़कर मायके चली गई थीं।
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डोईवाला में हुई लूट के आरोपी पुलिस गिरफ्त में।संवाद
- फोटो : DEHRADUN
विस्तार
डोईवाला पुलिस ने एक माह पहले हुई दो लूट की दो घटनाओं का खुलासा करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। उनके कब्जे से लूट का माल और वारदात में इस्तेमाल वाहन भी बरामद किया है। आरोपी राह चलते लोगों को लिफ्ट देते थे। इसके बाद सुनसान जगह गाड़ी रोककर उन्हें धमकाकर लूट लेते थे।
रविवार को पुलिस कार्यालय में लूट की घटनाओं का खुलासा करते हुए एसएसपी दलीप सिंह कुंवर ने बताया कि सात अक्तूबर को लोकेंद्र कुमार निवासी पित्थापुर, थाना स्योहारा, जिला बिजनौर ने डोईवाला थाने में तहरीर दी थी। बताया कि वह छह अक्तूबर की रात को बिजनौर से देहरादून के लिए निकले। हरिद्वार पहुंचकर रेलवे स्टेशन के बाहर वाहन का इंतजार कर रहे थे। इसी दौरान एक व्यक्ति कार लेकर आया और कहा कि वह देहरादून जा रहा है।
बस के किराये में वह देहरादून तक छोड़ देगा। कार में एक और सवारी बैठी थी। ऐसे में वह भी कार में बैठ गए। लालतप्पड़ से करीब दो किमी आगे चालक ने हाईवे से कार संपर्क मार्ग की तरफ मोड़ ली। कहा कि उसे गांव से कुछ सामान लाना है। कुछ दूर आगे उसने कार रोक ली। इसी दौरान पीछे बैठे व्यक्ति ने पिस्टलनुमा हथियार से लोकेंद्र के सिर पर वार कर दिया। साथ ही जेब से छह सौ रुपये, एटीएम कार्ड निकाल लिया। चालक ने उनका मोबाइल और बैग छीन लिया और उसे छोड़कर भाग निकले।
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एसएसपी ने बताया कि जांच के दौरान पता चला कि ऐसी ही घटना रानीपोखरी में बबीता पंवार निवासी भट्टनगरी खाला के साथ भी हुई थी। वह रात में एक कंपनी से काम कर घर लौट रही थीं। भानियावाला तिराहे के बाद लिफ्ट देने बहाने उन्हें कार में बैठाया गया। साथ ही कुछ दूरी पर पिस्टल दिखाकर उनका मोबाइल, एटीएम कार्ड और डेढ़ सौ रुपये छीन लिए गए। पीछे बैठे व्यक्ति के हाथ में दांत काटकर किसी तरह से वह उनके चंगुल से निकली थीं। दोनों घटनाओं के खुलासे के लिए पुलिस की चार टीमों का गठन किया गया।
सीसीटीवी कैमरों की फुटेज और मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने मनीष रावत निवासी लोअर तुनवाला, रामपुर रोड, डोईवाला, मूल निवासी ग्राम चोपडाकोट, थलीसैंण पौड़ी गढ़वाल और इंद्रजीत सिंह बाजवा निवासी एकता विहार कॉलोनी मोहकमपुर नेहरू कालोनी, मूल निवासी सेक्टर चार, हरगोविंद विहार, रोहिणी, दिल्ली को थानो रोड से गिरफ्तार कर लिया। उन्हें कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया गया।
अमेरिका रहता था इंद्रजीत, मनीष चलाता था टैक्सी
एसओ डोईवाला राजेश शाह ने बताया कि पूछताछ में आरोपी इंद्रजीत ने बताया कि वह पहले अमेरिका में रहता था। वर्ष 2016 में दिल्ली आ गया था। पिछले दो साल से देहरादून पत्नी के साथ किराये पर रहकर कॉल सेंटर में नौकरी कर रहा था। कुछ समय पहले उसकी नौकरी छूट गई थी। इसके बाद उसने मियांवाला में शराब के ठेके के सामने चिकन पकौड़े की ठेली लगाई थी। यहीं उसकी मुलाकात मनीष से हुई। मनीष टैक्सी चालक था। दोनों नशे के आदी थे। लिहाजा दोनों की पत्नियां उन्हें छोड़कर मायके चली गई थीं। जब दोनों का काम बंद हो गया तो उन्होंने पैसे कमाने के लिए लूट की योजना बनाई थी। इसके लिए इंद्रजीत की कार का इस्तेमाल किया। इंद्रजीत चालक और मनीष सवारी के रूप में कार में चलता था ताकि किसी को भी आसानी से कार में बैठाकर लूटा जा सके।
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रविवार को पुलिस कार्यालय में लूट की घटनाओं का खुलासा करते हुए एसएसपी दलीप सिंह कुंवर ने बताया कि सात अक्तूबर को लोकेंद्र कुमार निवासी पित्थापुर, थाना स्योहारा, जिला बिजनौर ने डोईवाला थाने में तहरीर दी थी। बताया कि वह छह अक्तूबर की रात को बिजनौर से देहरादून के लिए निकले। हरिद्वार पहुंचकर रेलवे स्टेशन के बाहर वाहन का इंतजार कर रहे थे। इसी दौरान एक व्यक्ति कार लेकर आया और कहा कि वह देहरादून जा रहा है।
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बस के किराये में वह देहरादून तक छोड़ देगा। कार में एक और सवारी बैठी थी। ऐसे में वह भी कार में बैठ गए। लालतप्पड़ से करीब दो किमी आगे चालक ने हाईवे से कार संपर्क मार्ग की तरफ मोड़ ली। कहा कि उसे गांव से कुछ सामान लाना है। कुछ दूर आगे उसने कार रोक ली। इसी दौरान पीछे बैठे व्यक्ति ने पिस्टलनुमा हथियार से लोकेंद्र के सिर पर वार कर दिया। साथ ही जेब से छह सौ रुपये, एटीएम कार्ड निकाल लिया। चालक ने उनका मोबाइल और बैग छीन लिया और उसे छोड़कर भाग निकले।
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एसएसपी ने बताया कि जांच के दौरान पता चला कि ऐसी ही घटना रानीपोखरी में बबीता पंवार निवासी भट्टनगरी खाला के साथ भी हुई थी। वह रात में एक कंपनी से काम कर घर लौट रही थीं। भानियावाला तिराहे के बाद लिफ्ट देने बहाने उन्हें कार में बैठाया गया। साथ ही कुछ दूरी पर पिस्टल दिखाकर उनका मोबाइल, एटीएम कार्ड और डेढ़ सौ रुपये छीन लिए गए। पीछे बैठे व्यक्ति के हाथ में दांत काटकर किसी तरह से वह उनके चंगुल से निकली थीं। दोनों घटनाओं के खुलासे के लिए पुलिस की चार टीमों का गठन किया गया।
सीसीटीवी कैमरों की फुटेज और मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने मनीष रावत निवासी लोअर तुनवाला, रामपुर रोड, डोईवाला, मूल निवासी ग्राम चोपडाकोट, थलीसैंण पौड़ी गढ़वाल और इंद्रजीत सिंह बाजवा निवासी एकता विहार कॉलोनी मोहकमपुर नेहरू कालोनी, मूल निवासी सेक्टर चार, हरगोविंद विहार, रोहिणी, दिल्ली को थानो रोड से गिरफ्तार कर लिया। उन्हें कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया गया।
अमेरिका रहता था इंद्रजीत, मनीष चलाता था टैक्सी
एसओ डोईवाला राजेश शाह ने बताया कि पूछताछ में आरोपी इंद्रजीत ने बताया कि वह पहले अमेरिका में रहता था। वर्ष 2016 में दिल्ली आ गया था। पिछले दो साल से देहरादून पत्नी के साथ किराये पर रहकर कॉल सेंटर में नौकरी कर रहा था। कुछ समय पहले उसकी नौकरी छूट गई थी। इसके बाद उसने मियांवाला में शराब के ठेके के सामने चिकन पकौड़े की ठेली लगाई थी। यहीं उसकी मुलाकात मनीष से हुई। मनीष टैक्सी चालक था। दोनों नशे के आदी थे। लिहाजा दोनों की पत्नियां उन्हें छोड़कर मायके चली गई थीं। जब दोनों का काम बंद हो गया तो उन्होंने पैसे कमाने के लिए लूट की योजना बनाई थी। इसके लिए इंद्रजीत की कार का इस्तेमाल किया। इंद्रजीत चालक और मनीष सवारी के रूप में कार में चलता था ताकि किसी को भी आसानी से कार में बैठाकर लूटा जा सके।