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धधकते जंगल : 24 घंटे में 45 स्थानों पर वनाग्नि की घटनाएं, श्रीनगर में आग बुझाने के दौरान वन सरपंच सहित दो झुलसे
Wed, 13 Apr 2022 02:33 PM IST
रेनू सकलानी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
Published by: रेनू सकलानी
Updated Wed, 13 Apr 2022 02:33 PM IST
सार
श्रीनगर में वन सरपंच प्रमोद सिंह ग्राम क्वीली सिलोड निकट कांडीखाल वनाग्नि बुझाने के दौरान झुलस गए। उनके साथ फायर वाचर शूरवीर लाल भी आग में झुलस गए। उपचार के बाद अब दोनों सामान्य है।
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उत्तराखंड के जंगलों में लगी आग
- फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो
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विस्तार
प्रदेश में बीते 24 घंटे में 45 स्थानों पर जंगलों में आग लगी। गढ़वाल में 16, कुमाऊं में 28 तो वनाग्नि की एक घटना संरक्षित वन्यजीव विहार में हुई। प्रदेश में वनाग्नि की अब तक कुल 446 घटनाएं रिपोर्ट हुई हैं। मंगलवार को वनाग्नि एवं आपदा प्रबंधन कार्यालय की ओर से जारी रिपोर्ट के अनुसार, बीते 24 घंटे में गढ़वाल में आरक्षित वन क्षेत्र में 13 और सिविल वन पंचायत क्षेत्र में तीन स्थानों सहित कुल 16 वनाग्नि की घटनाएं रिपोर्ट की गईं।
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इसी तरह से कुमाऊं में आरक्षित वन क्षेत्र में 24 और सिविल वन पंचायत क्षेत्र में चार, कुल 28 स्थानों पर जंगलों में आग लगी। जबकि आग की एक घटना संरक्षित वन्य जीव विहार में हुई। जिसमें कुल 75.5 हेक्टेयर वन क्षेत्र को नुकसान पहुंचा है। वहीं 22 हजार रुपये आर्थिकी क्षति का आकलन किया गया है।
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वहीं दूसरी ओर से श्रीनगर में वन सरपंच प्रमोद सिंह ग्राम क्वीली सिलोड निकट कांडीखाल वनाग्नि बुझाने के दौरान झुलस गए। उनके साथ फायर वाचर शूरवीर लाल भी आग में झुलस गए। उपचार के बाद अब दोनों सामान्य है। तीन दिन पूर्व खनाना देवप्रयाग में भी आग बुझाने के दौरान एक महिला मंगला देवी ग्राम सजवाणकांठा देवप्रयाग चट्टान से पत्थर गिरने के कारण चोटिल हो गई थीं। वन क्षेत्राधिकारी देवेंद्र पुंडीर के अनुसार आग सिविल वन क्षेत्र में लगी थी। करीब 3 हेक्टेयर वन भूमि आग से प्रभावित हुई है।