{"_id":"57192a9f4f1c1bd4518b4d0c","slug":"building-material-on-road","type":"story","status":"publish","title_hn":"सड़क पर निर्माण सामग्री फैलाने वालों पर आयोग नजर टेढ़ी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सड़क पर निर्माण सामग्री फैलाने वालों पर आयोग नजर टेढ़ी
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
Updated Fri, 22 Apr 2016 01:02 AM IST
विज्ञापन
सड़क पर निर्माण सामग्री फैलाने पर मानवाधिकार आयोग ने नाराजगी जताई है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
उत्तराखंड मानवाधिकार आयोग ने सड़क पर निर्माण सामग्री फैलाने वालों पर सख्ती बरतते हुए कार्रवाई के आदेश दिए हैं। मुख्य सचिव और प्रमुख सचिव शहरी विकास समेत एसएसपी देहरादून को भी कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है।
विज्ञापन
सामाजिक न्याय कृति मंच के भूपेंद्र कुमार ने आयोग में शिकायत कर कहा था कि देहरादून की सड़कों पर जगह-जगह निर्माण सामग्री के रूप में मौत का सामान बिखरा पड़ा है।
विज्ञापन
सीवर लाइन निर्माण, फ्लाई ओवर निर्माण, सरकारी या निजी भवन आदि निर्माण कार्यों की सामग्री सड़कों पर बिखरी पड़ी है। जिसके कारण सड़कों गलियों में गंभीर हादसे का डर रहता है। निर्माण सामग्री बिखरी होने की वजह से वाहन दुर्घटनाओं में लोगों की मौत हो रही है।
विज्ञापन
ठेकेदार की लापरवाही से हुई थी मौत
13 अप्रैल को भी लोक निर्माण विभाग के ठेकेदार की लापरवाही से एक व्यक्ति की मौत हुई। ठेकेदार ने सड़क पर फैली निर्माण सामग्री को वहां से हटाया नहीं था। जिसमें फिसलकर बाइक सवार की मौत हो गई। आयोग के सदस्य जस्टिस राजेश टंडन ने मामले की सुनवाई की।
आयोग ने भी माना कि इस तरह से कोई भी सरकारी या निजी कार्यदायी संस्था या ठेकेदार सड़क पर निर्माण सामग्री फैलाकर छोड़ देगा तो इससे दुर्घटनाओं की संभावना बढ़ेगी। सड़क पर निर्माण सामग्री छोड़ने वाले ऐसे लोगों पर सख्त से सख्त कार्रवाई किया जाना जरूरी है।