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Dehradun News: पंचायती आंगन में नाचा हाथी, सुबह तक हारुल पर झूमते रहे लोग
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Iनिनुस गांव में स्याणा ने हाथी पर सवार होकर की तलवार बाजी, हारुल लगाकर डांगरा के साथ ग्रामीण भी नाचेI
त्यूणी तहसील क्षेत्र के निनुस गांव में हाथी नृत्य के साथ बूढ़ी दिवाली का समापन हो गया। ग्रामीणों ने पंचायती आंगन में काठ के हाथी को अपने कंधो पर खूब नचाया। हाथी पर सवार ग्राम स्याणा ने भी नाचते गाते हुए तलवार बाजी के बेहतरीन करतब दिखाए। सुबह तक पंचायती आंगन में तांदी और हारुल नृत्य चलता रहा।
निनुस गांव में महासू देवता के आदेश पर 35 साल बाद दिवाली का पर्व मनाया जा रहा है। शनिवार को सुबह 4.00 बजे गांव में हाथी नृत्य आयोजित किया गया। नृत्य के साथ झुड़का चोला नृत्य भी हुआ। ग्रामवासियो ने लकड़ी के हाथी को सुंदर वस्त्रों से सजाया। हाथी के ऊपर सवार ग्राम स्याणा तलवारों के साथ ढोलक की थाप पर नृत्य किया। वहीं ग्रामवासी और मेहमानों ने झुडका चोला पहनकर तलवार और डांगरा के साथ ग्राम स्याणा के साथ पौराणिक गाथा हारुल गाकर नृत्य किया। हाथी पर सवार स्याणा और ग्रामीणों को हारुल पर नाचते गाते देख मेहमान भी आनंदित हुए। करीब तीन घंटे नृत्य लगातार चलता है। उसके बाद ग्रामीणों ने एक दूसरे के घर जाकर चिवड़ा, मूडी और अखरोट का प्रसाद ग्रहण किया।
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त्यूणी तहसील क्षेत्र के निनुस गांव में हाथी नृत्य के साथ बूढ़ी दिवाली का समापन हो गया। ग्रामीणों ने पंचायती आंगन में काठ के हाथी को अपने कंधो पर खूब नचाया। हाथी पर सवार ग्राम स्याणा ने भी नाचते गाते हुए तलवार बाजी के बेहतरीन करतब दिखाए। सुबह तक पंचायती आंगन में तांदी और हारुल नृत्य चलता रहा।
निनुस गांव में महासू देवता के आदेश पर 35 साल बाद दिवाली का पर्व मनाया जा रहा है। शनिवार को सुबह 4.00 बजे गांव में हाथी नृत्य आयोजित किया गया। नृत्य के साथ झुड़का चोला नृत्य भी हुआ। ग्रामवासियो ने लकड़ी के हाथी को सुंदर वस्त्रों से सजाया। हाथी के ऊपर सवार ग्राम स्याणा तलवारों के साथ ढोलक की थाप पर नृत्य किया। वहीं ग्रामवासी और मेहमानों ने झुडका चोला पहनकर तलवार और डांगरा के साथ ग्राम स्याणा के साथ पौराणिक गाथा हारुल गाकर नृत्य किया। हाथी पर सवार स्याणा और ग्रामीणों को हारुल पर नाचते गाते देख मेहमान भी आनंदित हुए। करीब तीन घंटे नृत्य लगातार चलता है। उसके बाद ग्रामीणों ने एक दूसरे के घर जाकर चिवड़ा, मूडी और अखरोट का प्रसाद ग्रहण किया।
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