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अरुण जेटली की ‘गुगली’ में फंस गई उत्तराखंड सरकार

Wed, 02 Mar 2016 06:23 PM IST
सुधाकर भट्ट/ अमर उजाला, देहरादून
सुधाकर भट्ट/ अमर उजाला, देहरादून Updated Wed, 02 Mar 2016 06:23 PM IST
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Budget 2017 will Stuck Uttarakhand Government.

अरुण जेटली के बजट की गुगली से प्रदेश सरकार को जोर का झटका लगना तय है। केंद्रीय करों में राज्य के हिस्से में कुल मिलाकर 681 करोड़ रुपये का ही इजाफा होने जा रहा है।

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जबकि प्रदेश के राजस्व बजट का खासा हिस्सा केंद्रीय करों में राज्य के हिस्से का है। ऐसे में नई योजनाओं के लिए राज्य को अपने स्तर पर संसाधन भी जुटाने होंगे। यह तब है जब केंद्रीय सहायता में भी लगातार कमी हो रही है।
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केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली के बजट ने इस बार दूसरे तरीके से भी प्रदेश सरकार की परेशानी को बढ़ा दिया है। केंद्रीय करों में राज्य को अपने हिस्से के रूप में इस बार केवल 6,014 करोड़ रुपये ही मिलने का अनुमान है। यह इससे पहले के वर्ष के मुकाबले केवल 681 करोड़ रुपये ही अधिक है। मुसीबत यह है कि केंद्रीय सरकार से सहायता अनुदान में भी तेजी से कमी आ रही है। 14वें वित्त आयोग की संस्तुति लागू होने के बाद यह विशेष सहायता बंद की जा चुकी है।
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ऐसे में प्रदेश सरकार को दोहरा झटका लगा है। मुसीबत यह भी है कि यह चुनावी साल है। बजट में नए कर प्रस्ताव लाने का जोखिम भी सरकार नहीं उठाने का फैसला कर चुकी है। ऐसे में केंद्रीय करों में राज्य के अपने हिस्से पर उसकी निर्भरता बनी रहेगी। ऐसे में इस मद में कमी होने से सरकार के सामने नए आर्थिक संसाधन जुटाने का ही विकल्प रह जाएगा।

सेवा कर ही बचा पाएगा

Budget 2017 will Stuck Uttarakhand Government.

प्रदेश सरकार को इस मुसीबत से कुछ हद तक सेवा कर ही बचा पा रहा है। सेवा कर में राज्य का हिस्सा 968 करोड़ रुपये रहने का अनुमान है, जबकि पिछले वर्ष यह 919 करोड़ रुपये था।

प्रदेश में सेवा क्षेत्र तेजी से उभरता हुआ क्षेत्र भी है। सेवा कर को हटा दिया जाए तो केंद्रीय करों में राज्य का हिस्सा केवल 1.068 प्रतिशत रह जा रहा है। कुल मिलाकर केंद्रीय करों में राज्य का हिस्सा करीब 1.052 प्रतिशत रहने का अनुमान है।

ये है तस्वीर
- 2016-17 में राज्य को केंद्रीय करों से 6014.46 करोड़ रुपये ही मिलने का अनुमान
- 2015-16 में राज्य को केंद्र से कुल 5333.19 करोड़ रुपये ही मिले थे
- 2015-16 में प्रदेश का कुल राजस्व 25777.68 करोड़ रुपये था। इसमें केंद्रीय करों का राज्य का हिस्सा करीब 5526.08 करोड़ रुपये आंका गया था

इस बार राज्य को यह मिलेगा
कारपोरेशन टैक्स - 1888.80 करोड़ रुपये
इनकम टैक्स - 1463.76 करोड़ रुपये
कस्टम - 941.13 करोड़ रुपये
यूनियन एक्साइज ड्यूटी - 751.94 करोड़ रुपये
सर्विस टैक्स - 968.89 करोड़ रुपये
कुल - 6014.46 करोड़ रुपये
2015-16 में कुल मिला - 5333.19 करोड़ रुपये

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