{"_id":"9d868410f2ef4317f075b8981aadd4f4","slug":"broker-will-be-valid-in-roadways-department","type":"story","status":"publish","title_hn":"अब परिवहन विभाग में दलाल होंगे वैलिड","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अब परिवहन विभाग में दलाल होंगे वैलिड
मनमीत रावत/ अमर उजाला, देहरादून
Updated Sun, 01 Jun 2014 05:18 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अगले कुछ दिनों में लाइसेंस, परमिट या परिवहन विभाग से जुड़े दूसरे कार्यों के लिए विभागीय कर्मी आपको दलालों से संपर्क करने के लिए कहते दिखें तो चौंकिएगा नहीं।
विज्ञापन
दलालों को वैध बनाने की कवायद
उत्तराखंड में परिवहन विभाग में चली आ रही दलालों की अघोषित ‘व्यवस्था’ को वैध बनाने की कवायद शुरू हो गई है।
इसके तहत दलालों को विभाग की ओर से लाइसेंस जारी कर विभागीय कार्यों के लिए अधिकृत कर दिया जाएगा। दलाल हर काम के लिए विभागीय शुल्क के अलावा निर्धारित अतिरिक्त शुल्क लेकर लोगों के काम निपटाएंगे।
विज्ञापन
संभागीय परिवहन कार्यालय में जल्द ही दलाल यहां आने वाले लोगों से ‘सेवा’ पूछते नजर आएंगे। विभागीय सूत्रों की मानें तो दलालों को लाइसेंस दिए जाने से दोहरा लाभ होगा।
विज्ञापन
संभागीय कार्यालय से गढ़वाल के अधिकतर जिले जुड़े हुए हैं। ऐसे में उत्तरकाशी, टिहरी से आने वाले लोगों को काम के लिए कई दिन रुकना पड़ता है। दून में होटल में रुकने, आने-जाने आदि का खर्चा हजारों में बैठ जाता है।
लाइन में लगने की झंझट खत्म
दलालों को लाइसेंस मिलेगा तो ऐसे लोगों को लाभ होगा। वे दलालों से सीधे संपर्क कर उन्हें कोरियर से कागज भेज देंगे और उनके खाते में तय रकम जमा करा देंगे।
दलाल काम पूरा होने के बाद कागजात वापस भेज देंगे। लोगों को लाइन में लगने की झंझट नहीं होगी। इसी तरह परिवहन विभाग के कर्मचारियों को भी दलालों से मदद मिल जाएगी।
कई बार कागजी कार्रवाई पूरी न होने से कर्मचारी लोगों को लौटा देते हैं, जबकि उन पर एक-एक कागज चेक करने से काम का भी खासा दबाव रहता है।
दलाल पहले से कागजात पूरे रखेंगे, फार्म में कोई गलती नहीं छूटी होगी तो काम जल्दी होगा और दबाव भी कम होगा। परिवहन मुख्यालय ने इस प्रस्ताव पर अमल के लिए तीन सदस्यीय कमेटी बना दी है।
इसके अध्यक्ष पौड़ी संभाग के आरटीओ सुधांशु गर्ग हैं। कमेटी को उन राज्यों का दौरा करना है, जहां पहले से यह व्यवस्था लागू है। जल्द ही कमेटी को दौरा करने का आदेश जारी हो जाएगा।
इसके बाद रिपोर्ट के आधार पर प्रदेश में यह व्यवस्था बनाने का काम किया जाएगा। दलालों को लाइसेंस किस तरह मिलेंगे, यह भी तभी तय होगा।