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केदारनाथः चोराबाड़ी ग्लेशियर के आगे का हिस्सा टूटा, खतरा
प्रवेश कुमारी/अमर उजाला, देहरादून
Updated Wed, 25 Sep 2013 12:30 AM IST
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केदारनाथ स्थित चोराबाड़ी ग्लेशियर के सर्वे के लिए निकली वाडिया हिमालयन भू-विज्ञान संस्थान की टीम दून लौट आई है। टीम ने प्रारंभिक रिपोर्ट तैयार कर ली है।
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ग्लेशियर के आगे का 50-60 वर्ग मीटर का हिस्सा टूट गया है। इससे भविष्य में कभी भी परेशानी खड़ी हो सकती है। विशेषज्ञों की मानें तो इससे डाउन स्ट्रीम बहने वाले पानी का फ़्लो अनियंत्रित होगा।
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हिमालयन भू-विज्ञान संस्थान की टीम दून से बीती 12 सितंबर को गई थी। 10 दिवसीय दौरे के बाद टीम अपनी रिपोर्ट उच्च स्तर पर सौंपने जा रही है।
बरसात क्षेत्र में फिर हुई तो आफत
टीम का नेतृत्व करने वाले ग्लेशियर विशेषज्ञ डा. डीपी डोभाल थे। डा.डोभाल के अनुसार चोराबाड़ी झील, जिसे गांधी सरोवर कहा जाता है, अभी खाली है।
इसमें स्नोफाल के दौरान बर्फ बैठेगी, जो बाद में टेंपरेचर बढ़ते-बढ़ते पानी में बदलेगी। लेकिन बीती 16-17 जून जैसी
असामान्य बरसात क्षेत्र में फिर हुई तो आफत, परेशानी निश्चित मानिए।
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एल्टीट्यूड पर लगे उपकरण सुरक्षित
टीम ने आपदा के दौरान क्षतिग्रस्त हुए उपकरणों की मरम्मत की और उन्हें फिर से स्थापित भी किया। इनसे लगातार मानिटरिंग होगी। मौसम का भी पल-पल का अपडेट लिया जाएगा।
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यह राहत की बात है कि हाई एल्टीट्यूड पर लगे उपकरण सुरक्षित हैं। फ्लो डाउन होने के चलते इन्हें नुकसान नहीं पहुंचा।