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सेना मेले में हुआ वीर नारियों और जाबांजों का सम्मान
ब्यूरो/ अमर उजाला, देहरादून
Updated Mon, 16 Jan 2017 12:50 PM IST
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सेना मेले में हुआ सम्मान
- फोटो : AmarUjala
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देहरादून के क्लेमेनटाउन गोल्डन की डिविजन में रविवार को 69वां आर्मी डे धूमधाम से मनाया गया। इस अवसर पर आयोजित सेना मेले में वीर नारियों और अदम्य साहस दिखाने वाले दिग्गजों को सम्मानित किया गया।
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रविवार को गोल्डन की डिविजन परिसर में आयोजित कार्यक्रम का शुभारंभ जनरल ऑफिसर कंमांडिंग मेजर जनरल एससी मोहंती ने की। उन्होंने डिविजन की ओर से वार मेमोरियल में पुष्प अर्पित किए। इसके बाद उन्होंने 20 वीर नारियों और जांबाजों को सम्मानित किया।
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उन्होंने कहा कि डिविजन का इतिहास अदम्य साहस और बलिदान से भरा रहा है। विश्व युद्धों के साथ ही 1965 और 1971 में पाकिस्तान के खिलाफ हुए युद्ध में भी वीरों ने बहादुरी के कारनामे दिखाए।
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उन्होंने बताया कि भारतीय सेना प्रत्येक वर्ष 15 जनवरी को आर्मी डे के रूप में मनाती है। इस दिन फील्ड मार्शल केेएम करियप्पा ने ब्रिटिश कमांडर सर फ्रांसिस बुचर से भारतीय सेना के पहले आर्मी चीफ का चार्ज संभाला था।
इनको मिला सम्मान
कार्यक्रम में महावीर चक्र विजेता ऑनरेरी कैप्टन स्व. बीर बहादुर पुन व राइफलमैन स्व. जसवंत सिंह, वीर चक्र विजेता ऑनरेरी कैप्टन स्व. गोपाल सिंह, नायक स्व. गोवर्द्धन अधिकारी, नायक स्व. बृजमोहन सिंह व हवलदार स्व. खुशीमान गुरुंग और शौर्य चक्र विजेता राइफलमैन स्व. प्रेम बहादुर व हवलदार स्व. अतोल सिंह के परिजनों को सम्मानित किया गया।
सोशल मीडिया पर बैन नहीं, नियंत्रण
पिछले कुछ दिनों के दौरान सैनिकों के सोशल मीडिया पर वीडियो डालने से सेना की आंतरिक गतिविधियों पर कोई असर नहीं पड़ा है। कम से कम गोल्डन की डिविजन में ऐसा नहीं है। पत्रकारों से बातचीत करते हुए जनरल ऑफिसर कंमांडिंग मेजर जनरल एससी मोहंती ने कहा कि जवानों और उनके परिजनों की सभी समस्याओं का त्वरित समाधान किया जाता है।
इसके चलते इस तरह की समस्याएं कभी नहीं होती। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर किसी तरह का बैन नहीं है लेकिन उसमें सैन्य गतिविधियों, हथियारों, नक्शों, पोजिशन और अन्य आंतरिक गतिविधियों को डालने की मनाही है। उन्होंने कहा कि इस संबंध में जवानों को समय-समय पर प्रशिक्षित भी किया जाता है। साइबर क्राइम से बचने, सोशल मीडिया पर नियंत्रण और उपयोग को लेकर जानकारी दी जाती है।