{"_id":"605096ac880dff2dd7723607f4b1d9de","slug":"brave-boy-saved-his-mother-life","type":"story","status":"publish","title_hn":"‘पापा हमारी गाड़ी गिर गई हमें बचा लो..’","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
‘पापा हमारी गाड़ी गिर गई हमें बचा लो..’
नरेश थपलियाल/अमर उजाला, कोटद्वार
Updated Sun, 02 Mar 2014 06:29 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
10 साल के नन्हें क्षितिज की हिम्मत ने अपनी और घायल मां की जान बचा ली। उसकी इस सूझ बूझ की सभी सराहना कर रहे हैं।
विज्ञापन
शुक्रवार को बीरोंखाल के अंतर्गत मैठाणाघाट रसिया महादेव मोटर मार्ग पर जाखणी के नजदीक एक जीप सड़क से 40 मीटर नीचे खाई में गिर गई थी। दुर्घटना में जीप चालक धीरेंद्र शाह की मौत हो गई थी, जबकि दस वर्षीय क्षितिज और 26 वर्षीय उसकी मां दीपिका बुरी तरह से घायल हो गई थी।
खाई में गिरी थी जीप
थलीसैंण तहसील के अंतर्गत ग्राम भवांसा मल्ला निवासी घायल दीपिका ने बताया कि वह अपने मायके से लौट रही थी। सड़क तक पहुंची ही थी कि उन्हें देखकर रसिया महादेव से लौट रहे परिचित वाहन स्वामी धीरेंद्र शाह ने अपनी जीप रोक दी।
विज्ञापन
इसपर वे बेटे जीप में बैठ गईं मगर, कुछ किलोमीटर आगे चलते ही उन्हें तेज झटका लगा और जीप पलटियां खाते हुए खाई में गिर गई।
मां को जिंदा देख भूला दर्द
कुछ समय बाद उन्हें होश आया तो उन्हें बेटे की रोने की आवाज सुनाई दी। उसके सिर और हाथ से खून टपक रहा था। सारे कपड़े खून से लथपथ थे। मां को जिंदा देख वह सब दर्द भूल गया।
विज्ञापन
जीप चालक भी बेहोश नजर आया। दीपिका ने कहा कि उन्होने उठने का प्रयास किया मगर, पांव और हाथ में चोट लगी होने से वे खड़ी नहीं उठ र्पाइं।
मां को बाहर निकाला
खून से लथपथ बेटे क्षितिज ने उनकी हालत देख हिम्मत दिखाई और किसी तरह जीप का दरवाजा खोलकर उन्हें बाहर निकाला।
अपने जख्मों की परवाह किए बिना क्षितिज ने उन्हें सहारा देकर किसी तरह सड़क पर लाकर बैठाया। फिर जीप जीप तक गया और बैग ढूंढकर मोबाइल फोन से पिता को इस दुर्घटना की सूचना दी।
बेटे पर है गर्व
फोन करने के बाद वह बेहोश हो गया। इसके बाद पिता मौके पर पहुंचे और उन्होंने तीनों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बीरोंखाल में भर्ती कराया जहां चालक को मृत घोषित कर दिया गया। बेटे की इस हिम्मत और सूझबूझ से मां की आंखें छलक आईं। बोलीं मुझे अपने क्षितिज पर गर्व है।