{"_id":"5a0151e74f1c1b6f548bb8bf","slug":"brahma-kamal-seed-bank-in-uttarakhand","type":"story","status":"publish","title_hn":"उत्तराखंड में बनेगा ब्रह्म कमल का बीज बैंक बना","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
उत्तराखंड में बनेगा ब्रह्म कमल का बीज बैंक बना
अंकुर शर्मा/ अमर उजाला, हल्द्वानी
Updated Tue, 07 Nov 2017 11:55 AM IST
विज्ञापन
Brahmakamal
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
वन अनुसंधान केंद्र ने राज्य पुष्प ब्रह्मकमल का बीज बैंक तैयार कर लिया है। यह बुग्यालों के दुर्लभ फूलों को बचाने के लिए शुरू की मुहिम के तहत किया गया है। इसके तहत चमोली जिले के रुद्रनाथ औैर मंडल वन प्रभाग में तीन-तीन हेक्टेयर में पौधशाला तैयार हो गई है। इस पौधशाला में फूलों की घाटी के 15 दुर्लभ फूलों की पौध संरक्षित की गई है।
विज्ञापन
वन अनुसंधान केंद्र के मुताबिक अब बुग्याल पर भी शोध की तरफ रुख किया गया है। हिमालय में 3000 मीटर की ऊंचाई से बुग्याल मिलना शुरू होते है। इनमें फूल, जड़ी बूटी और झाड़ियों की प्रजातियां शामिल हैं। इसकी शुरूआत वन अनुसंधान केंद्र ने विश्व की धरोहर में शामिल चमोली के फूलों की घाटी में पाए जाने वाले राज्य पुष्प ब्रह्मकमल, हत्था जड़ी, ब्लू लिली समेत अति दुर्लभ किस्म के दो दर्जन से ज्यादा प्रजातियों के फूलों को संरक्षित करने से की गई हैं।
विज्ञापन
चमोली जिले के रुद्रनाथ और मंडल रेंज में तीन-तीन हेक्टेयर वन भूमि में 15 किस्म की फूलों का बैंक बनाया गया है। ब्रह्मकमल के वन अनुसंधान केंद्र ने बीज जुटा लिए हैं। अब कोशिश ब्रह्मकमल की जड़ों को रोपने की है। वन अनुसंधान केंद्र के मुताबिक औषधीय गुणों और बुग्यालों की अत्यधिक संवेदनशीलता के कारण इन फूलों के विलुप्त हो जाने का खतरा है।
विज्ञापन
रुद्रनाथ में इन प्रजातियों को किया जा रहा है संरक्षित
विषकनेरा बेरी
ब्रह्मकमल
रिंगचौरा
वन तुलकी
सालमपंजा
काकोली
गुलाबी बुरांश
सफेद बुरांश
केम्पोनोला लेडिफोलिया
गोगुल
डोलू
एरिगोन
एपिलोवियम
फरन
वन गुलाब
खुसरिया कुलाटा
उत्तरकाशी में भी तैयार होगा बैंक
उत्तरकाशी में गंगोत्री व तकनौर रेंजों में भी फूलों का जीन बैंक तैयार किया जाएगा। इस बाबत कैंपा से बजट मांगा गया है। बजट मिलते ही यहां भी काम शुरू हो जाएगा। साथ ही पिथौरागढ़ की मुनस्यारी रेंज में भी मध्य हिमालय में पाई जाने वाले फूलों को संरक्षित करने का काम शुरू होगा।
चमोली की रुद्रनाथ और मंडल रेंज सहित पांच स्थानों पर राज्य पुष्प ब्रह्म कमल समेत अति दुर्लभ प्रजाति के फूलों को संरक्षित किया जा रहा है। इस योजना पर काम शुरू हो गया है।
- संजीव चतुर्वेदी, वन संरक्षक, वन अनुसंधान केंद्र, हल्द्वानी