उत्तराखंड सियासतः सीमा विस्तार पर सरकार और विपक्ष आमने सामने
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सीमा विस्तार पर सरकार और विपक्ष अब खुलकर आमने-सामने है। अभी तक कांग्रेस सीमा विस्तार विरोधी आंदोलन का परोक्ष समर्थन कर रहा था। मगर शुक्रवार को कांग्रेस ने विरोध-प्रदर्शन के बडे़ कार्यक्रम की तैयारी कर ली है।
कांग्रेस की ओर से नेता प्रतिपक्ष डॉ.इंदिरा ह्दयेश के हाथ में आंदोलन की कमान होगी। कांग्रेस ने सरकार पर सीमा विस्तार के नाम पर तानाशाह रुख अपनाने का आरोप लगाया है। इधर, सरकार भी कांग्रेस का जवाब देने के लिए सामने आ गई है।
शहरी विकास मंत्री मदन कौशिक ने कांग्रेस पर विकास विरोधी होने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा है कि कांग्रेस बताए, कि वह घबरा क्यों रही है। नगर निकाय के चुनाव अगले साल होने हैं। इससे पहले, बडे़ स्तर पर सरकार ने सीमा विस्तार की प्रक्रिया शुरू की है।
92 में से 40 ऐसे निकाय हैं, जिनमें सीमा विस्तार हो रहा है। इनमें भी 15 से 20 ऐसे निकाय हैं, जहां पर सीमा विस्तार की कार्रवाई बडे़ स्तर पर हुई है। निकाय सीमा विस्तार के विरोध में अभी तक पंचायतों के प्रतिनिधि ही सामने आए हैं।
पंचायत प्रतिनिधियों की दिक्कत, कुर्सी छिनने का डर
आम जनता के लिहाज पर बड़ा विरोध दिखाई नहीं दे रहा है। पंचायत प्रतिनिधियों की दिक्कत ये है कि सीमा विस्तार के बाद असमय उनकी कुर्सी छिनने जा रही है। इन स्थितियों के बीच, सीमा विस्तार के मसले पर कांग्रेस ने सरकार को घेरने की तैयारी की है।
अभी तक अपने विधानसभा क्षेत्र हल्द्वानी में सीमा विस्तार का विरोध कर रहीं नेता प्रतिपक्ष डॉ.इंदिरा हृदयेश राजधानी में पहली बार शुक्रवार को विरोध-प्रदर्शन करेंगी।
इधर, शहरी विकास मंत्री मदन कौशिक का कहना है कि सीमा विस्तार की प्रक्रिया लोकतांत्रित तरीके से अमल में लाई जा रही है। नगर निकाय बोर्ड के प्रस्ताव पर चरणबद्घ और नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है।
गांव के उन इलाकों को नगर निकायों में शामिल किया जा रहा है, जो शहरों से सटे हैं और उनका मिजाज काफी पहले से शहरी हो चुका है।