अब उत्तराखंड रोडवेज की बसों में भी पेटीएम कीजिए
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उत्तराखंड परिवहन निगम ने भी कैशलेस की तरफ कदम बढ़ा दिए हैं। परिवहन निगम की यात्रियों को कैश के अलावा पेटीएम के जरिए भी टिकट बनाने की सुविधा शुरू की है।
इस सुविधा को पायलेट प्रोजेक्ट के तौर पर देहरादून ग्रामीण डिपो की बसों में शुरू किया गया है। परिवहन निगम की सेवाओं को लेकर अक्सर शिकायतें सामने आती रहती हैं।
इसमें सबसे ज्यादा नए दौर और तकनीक के साथ कदम न मिला पाना भी होता है। रोडवेज बसों में मैनुअल टिकट हटाकर ई-टिकट मशीन से टिकट जारी करने का काम शुरू किया था। यह मशीन कुछ सालों में ही खटारा हो गई, इनको किसी तरह ठोंक पीट कर काम चलाया जाता रहा।
बहरहाल, अब परिवहन निगम ने नई और आधुनिक ई-टिकट मशीनों को खरीदना शुरू किया है। इससे यात्रियों और रोडवेज दोनों कई सुविधाएं मिलने का अधिकारियों का दावा है।
यात्रियों और रोडवेज दोनों को हागी सुविधा
परिवहन निगम के जीएम संचालन दीपक जैन कहते हैं कि पूरे प्रदेश में 1500 ई-टिकट मशीनों की जरूरत है, इसी के तहत पहले चरण में 250 मशीनों को खरीदकर देहरादून ग्रामीण डिपो और वाल्वो आदि बसों के कंडक्टरों को दिया गया है। इस मशीन में व्यवस्था है कि कोई भी यात्री पेटीएम के माध्यम से भी टिकट बनवा सकता है।
यह ट्रायल दो दिन से चल रहा है। इससे करीब 10 हजार के टिकट यात्रियों ने पेटीएम के माध्यम से बनवाए हैं। पेटीएम होने से छुट्टे न होने आदि की परेशानी भी खत्म हो गई है। लक्ष्य है कि अप्रैल तक पूरे गढ़वाल मंडल में और 30 जून तक कुमाऊं मंडल (टकनपुर और नैनीताल रीजन) में भी यह मशीनें उपलब्ध करा दी जाए।
यह भी सुविधा होगी
नई मशीन में कार्ड जांचने की सुविधा होगी। जीएम संचालन कहते हैं कि परिवहन निगम जिन लोगों को निशुल्क या एमएसटी आदि के माध्यम से यात्रा कराता है, उनको एक रेडियो फ्रीक्वेंसी डिवाइस (आरएफडी) लगा एक कार्ड उपलब्ध कराएगा। इस कार्ड के जरिये तत्काल और सटीक सूचना संबंधित यात्री की मिल जाएगी। इससे भी काफी सहूलियत होगी।