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नए डॉक्टरों के सर्टिफिकेट पर लिखा होगा %बांडेड%
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राजकीय दून मेडिकल कॉलेज से एमबीबीएस करने वाले बांडधारी डॉक्टरों के इंटर्नशिप सर्टिफिकेट पर बांडेड लिखा होगा ताकि यह पता लग सके कि इन डॉक्टरों ने सरकारी बांड की सुविधा के अंतर्गत एमबीबीएस की पढ़ाई की है। कॉलेज की एकेडमिक काउंसिल ने इंटर्नशिप सर्टिफिकेट के प्रारूप को मंजूरी दे दी है।
राजकीय दून मेडिकल कॉलेज से एमबीबीएस का पहला बैच पासआउट होने जा रहा है। एमबीबीएस की 150 सीट के साथ कॉलेज की शुरुआत हुई थी। अब कॉलेज से 2016 बैच के 136 छात्र पासआउट हो रहे हैैं। उनकी इंटर्नशिप पूरी हो चुकी है और 11 मई को उनकी फेयरवेल पार्टी होनी है। इसके बाद वह राज्य के पर्वतीय इलाकों में सेवाएं देने जाएंगे। सभी ने बांड के तहत रियायती दर पर एमबीबीएस की पढ़ाई की है। पूर्व में श्रीनगर, हल्द्वानी मेडिकल कॉलेजों से बांड के तहत एमबीबीएस करने वाले चिकित्सक कई-कई साल से गायब चल रहे हैं। ऐेसे बांड व्यवस्था को और पुख्ता बनाने के लिए कई स्तर पर बदलाव किए जा रहे हैैं।
नई व्यवस्था के तहत अब उनके सर्टिफिकेट पर बांड की जानकारी रहेगी। इससे सरकारी सेवा के बजाय कहीं और नौकरी कर पाना उनके लिए आसान नहीं होगा। दस्तावेज जांच के दौरान ही पता लग जाएगा कि वह राज्य सरकार के साथ बांड में हैैं। कॉलेज के प्राचार्य डॉ. आशुतोष सयाना ने बताया कि एकेडमिक काउंसिल के सदस्यों की सहमति के बाद यह फैसला लिया गया है। जल्द ही सर्टिफिकेट जारी किए जाएंगे। 11 को विदाई एवं सम्मान समारोह आयोजित होगा।
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राजकीय दून मेडिकल कॉलेज से एमबीबीएस का पहला बैच पासआउट होने जा रहा है। एमबीबीएस की 150 सीट के साथ कॉलेज की शुरुआत हुई थी। अब कॉलेज से 2016 बैच के 136 छात्र पासआउट हो रहे हैैं। उनकी इंटर्नशिप पूरी हो चुकी है और 11 मई को उनकी फेयरवेल पार्टी होनी है। इसके बाद वह राज्य के पर्वतीय इलाकों में सेवाएं देने जाएंगे। सभी ने बांड के तहत रियायती दर पर एमबीबीएस की पढ़ाई की है। पूर्व में श्रीनगर, हल्द्वानी मेडिकल कॉलेजों से बांड के तहत एमबीबीएस करने वाले चिकित्सक कई-कई साल से गायब चल रहे हैं। ऐेसे बांड व्यवस्था को और पुख्ता बनाने के लिए कई स्तर पर बदलाव किए जा रहे हैैं।
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नई व्यवस्था के तहत अब उनके सर्टिफिकेट पर बांड की जानकारी रहेगी। इससे सरकारी सेवा के बजाय कहीं और नौकरी कर पाना उनके लिए आसान नहीं होगा। दस्तावेज जांच के दौरान ही पता लग जाएगा कि वह राज्य सरकार के साथ बांड में हैैं। कॉलेज के प्राचार्य डॉ. आशुतोष सयाना ने बताया कि एकेडमिक काउंसिल के सदस्यों की सहमति के बाद यह फैसला लिया गया है। जल्द ही सर्टिफिकेट जारी किए जाएंगे। 11 को विदाई एवं सम्मान समारोह आयोजित होगा।
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