करते रहिए ब्लड डोनेशन, घटता है कोलेस्ट्राल
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हो सकता है यह जानकर किसी को हैरत हो कि नियमित रक्तदान करने से खून में कोलेस्ट्राल की मात्रा घट जाती है लेकिन यह सच है। इसके साथ एक फायदा और होता है, वो यह कि नई लाल रक्त कणिकाएं बनने से शरीर में आक्सीजन की मात्रा बढ़ जाती है। इससे व्यक्ति स्वस्थ रहता है।
रक्तदान करने वालों को यह फायदा तो होता ही है, लेकिन डाक्टर सबसे ज्यादा अहमियत रक्तदान के बाद मिलने वाली संतुष्टि को देते हैं। आईएमए ब्लड बैंक आफ उत्तराखंड के तकनीकी निदेशक डा. संजय उप्रेती का कहना है कि सबसे अहम संतुष्टि का अहसास होता है। व्यक्ति संतुष्ट रहेगा तो सौ तरह की दिक्कतों से उसे निजात मिल जाएगी।
कोलेस्ट्राल की मात्रा होती है कम
संतुष्ट रहने वालों के शरीर में फ्री रेडिकल्स की संख्या कम हो जाती है जिससे शरीर की प्रतिरोधक क्षमता बलवती रहती है। डा. उप्रेती ने बताया कि नियमित रक्तदान करते रहने से ब्लड में धीरे-धीरे कोलेस्ट्राल की मात्रा घटती है। जो नया ब्लड बनता है उसमें कोलेस्ट्राल होता नहीं है। जिस रोगी को यह ब्लड चढ़ता है उसे कोई नुकसान नहीं होता।
तीन महीने चाहिए गैप
एक-दो यूनिट ब्लड में उतना कोलेस्ट्राल नहीं होता। डा. उप्रेती ने बताया कि एक से दूसरे रक्तदान के बीच तीन महीने का गैप होना चाहिए। महिलाएं छह महीने के गैप में रक्तदान कर सकती है। अमेरिका में तो दो महीने के बाद लोग अगला रक्तदान कर देते हैं। डाइट चार्ट बेहतर होने की वजह से अमेरिकियों का हेमोग्लोबिन स्तर अच्छा रहता है।
रक्तदान के प्रति जागरुक हों
यूनेस्को क्लब और अमर उजाला फाउंडेशन के बैनर तले रक्तदान शिविर और स्कूली बच्चों की प्रतियोगिता का आयोजन 15 दिसंबर को किया जाएगा। क्लब के उपाध्यक्ष विवेक अग्रवाल ने बताया कि कार्यक्रम का उद्देश्य रक्तदान के प्रति लोगों में जागरुकता पैदा करना है।
क्लब उपाध्यक्ष अग्रवाल ने बताया कि आर्ट कम्प्टीशन के लिए स्कूली बच्चों के तीन ग्रुप रहेंगे। पहला ग्रुप एक से कक्षा पांच तक, दूसरा बी ग्रुप कक्षा छह से आठ तक और तीसरे ग्रुप सी में कक्षा 9 से ऊपर की कक्षाओं के छात्र रहेंगे। पहले ग्रुप को ग्रामीण जीवन, दूसरे ग्रुप को भारतीय पर्व और तीसरे ग्रुप को रक्तदान थीम दी गई है। उन्होंने बताया कि अभी तक विभिन्न स्कूलों से 1200 इंट्री आ चुकी हैं।
नेत्रदान, देहदान के फार्म भरिये
यूनेस्को क्लब और अमर उजाला फाउंडेशन के इंदिरानगर स्थित माउंट फोर्ड एकेडमी में आयोजित कार्यक्रम में नेत्रदान और देहदान संबंधी संकल्प पत्र भी उपलब्ध रहेंगे। हिमालयन इंस्टीट्यूट जौलीग्रांट के नेत्र रोग और एनाटॉमी विभाग ने संकल्प पत्र उपलब्ध कराए हैं।