{"_id":"8c63b54b398b2dc30ab13c34118716a5","slug":"blood-bank-will-be-open-in-rudraprayag","type":"story","status":"publish","title_hn":"चारधाम यात्रा से पहले शुरू होगा ब्लड बैंक ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
चारधाम यात्रा से पहले शुरू होगा ब्लड बैंक
अमर उजाला, देहरादून
Updated Sat, 08 Mar 2014 11:09 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
नेको (नेशनल एड्स कंट्रोल सोसाइटी) ने हरिद्वार में नए ब्लड कंपोनेंट सेपरेशन यूनिट के लिए उपकरण स्थापित करने को वित्तीय मदद के लिए सहमति दे दी है, जबकि श्रीनगर मेडिकल कालेज में स्वीकृत नए ब्लड कंपोनेंट सेपरेशन यूनिट दो माह में चालू हो जाएगी।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, रुद्रप्रयाग में भी ब्लड बैंक को यात्रा से पूर्व शुरू किए जाने की कोशिशें तेज हो गई हैं।
भेजा जाएगा प्रस्ताव
शुक्रवार को नेको की नेशनल ब्लड सेफ्टी प्रोग्राम आफिसर विनीता श्रीवास्तव ने उत्तराखंड में ब्लड बैंक और रक्तदान सुविधा का जायजा लिया। उन्होंने उत्तराखंड सहित उत्तर भारत के अन्य राज्यों में मौजूद सुविधाओं का रिव्यू किया।
बताया गया कि हरिद्वार में यूनिट की सहमति के बाद अब काशीपुर में एक ब्लड कंपोनेंट सेपरेशन यूनिट का प्रस्ताव नेको को भेजा जाएगा।
चार जनपदों में खोले जाने हैं ब्लड बैंक
स्वास्थ्य महकमे ने अवगत करवाया कि चार जनपदों में ब्लड बैंक खोले जाने शेष हैं, जिनमें रुद्रप्रयाग और बोराड़ी (टिहरी) में बैंक स्थापित किए जा चुके हैं, लेकिन उन्होंने कार्य शुरू नहीं किया है। डीजी हेल्थ डा. जीएस जोशी ने बताया कि बोराड़ी के लिए लाइसेंस स्वीकृत हो चुका है, जबकि रुद्रप्रयाग की प्रक्रिया चल रही है।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि रुद्रप्रयाग के ब्लड बैंक को यात्रा से पूर्व शुरू किए जाने के प्रयास किए जा रहे हैं। इसके अलावा चंपावत और बागेश्वर में भी ब्लड बैंक के लिए कोशिश शुरू कर दी गई है।
पैथोलॉजिस्ट की कमी बन रही बाधा
बताया जा रहा है कि ब्लड बैंक संचालित करने के लिए रुद्रप्रयाग और बोराड़ी में पैथोलॉजिस्ट की कमी आड़े आ रही है। इस कारण दोनों ब्लड बैंक संचालित नहीं हो पा रहे हैं। इसके साथ ही पौड़ी के सरकारी अस्पताल में भी विशेषज्ञ न होने के कारण ब्लड बैंक संचालित नहीं हो रहा है।
कंपोनेंट सेपरेशन यूनिट के कई फायदे
रक्त में रेड ब्लड सेल, प्लेटलेट्स और प्लाजमा जैसे कंपोनेंट (घटक) होते हैं। इनका अलग-अलग बीमारियों के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है। ऐसे में चिह्नित जगहों पर ब्लड कंपोनेंट सेपरेशन यूनिट खुलने से लोगों को कई फायदे होंगे।
ब्लड कंपोनेंट सेपरेशन यूनिट में रक्तदान तो किया ही जा सकता है, साथ ही रक्त से प्लेटलेट्स, प्लाजमा आदि कंपोनेंट भी अलग करने की सुविधा उपलब्ध रहेगी। जबकि बडे़ ब्लड बैंकों को छोड़कर छोटे ब्लड बैंकों में केवल खून का लेन-देन ही किया जा सकता है।
विज्ञापन
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, रुद्रप्रयाग में भी ब्लड बैंक को यात्रा से पूर्व शुरू किए जाने की कोशिशें तेज हो गई हैं।
भेजा जाएगा प्रस्ताव
शुक्रवार को नेको की नेशनल ब्लड सेफ्टी प्रोग्राम आफिसर विनीता श्रीवास्तव ने उत्तराखंड में ब्लड बैंक और रक्तदान सुविधा का जायजा लिया। उन्होंने उत्तराखंड सहित उत्तर भारत के अन्य राज्यों में मौजूद सुविधाओं का रिव्यू किया।
विज्ञापन
बताया गया कि हरिद्वार में यूनिट की सहमति के बाद अब काशीपुर में एक ब्लड कंपोनेंट सेपरेशन यूनिट का प्रस्ताव नेको को भेजा जाएगा।
चार जनपदों में खोले जाने हैं ब्लड बैंक
स्वास्थ्य महकमे ने अवगत करवाया कि चार जनपदों में ब्लड बैंक खोले जाने शेष हैं, जिनमें रुद्रप्रयाग और बोराड़ी (टिहरी) में बैंक स्थापित किए जा चुके हैं, लेकिन उन्होंने कार्य शुरू नहीं किया है। डीजी हेल्थ डा. जीएस जोशी ने बताया कि बोराड़ी के लिए लाइसेंस स्वीकृत हो चुका है, जबकि रुद्रप्रयाग की प्रक्रिया चल रही है।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि रुद्रप्रयाग के ब्लड बैंक को यात्रा से पूर्व शुरू किए जाने के प्रयास किए जा रहे हैं। इसके अलावा चंपावत और बागेश्वर में भी ब्लड बैंक के लिए कोशिश शुरू कर दी गई है।
पैथोलॉजिस्ट की कमी बन रही बाधा
बताया जा रहा है कि ब्लड बैंक संचालित करने के लिए रुद्रप्रयाग और बोराड़ी में पैथोलॉजिस्ट की कमी आड़े आ रही है। इस कारण दोनों ब्लड बैंक संचालित नहीं हो पा रहे हैं। इसके साथ ही पौड़ी के सरकारी अस्पताल में भी विशेषज्ञ न होने के कारण ब्लड बैंक संचालित नहीं हो रहा है।
कंपोनेंट सेपरेशन यूनिट के कई फायदे
रक्त में रेड ब्लड सेल, प्लेटलेट्स और प्लाजमा जैसे कंपोनेंट (घटक) होते हैं। इनका अलग-अलग बीमारियों के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है। ऐसे में चिह्नित जगहों पर ब्लड कंपोनेंट सेपरेशन यूनिट खुलने से लोगों को कई फायदे होंगे।
ब्लड कंपोनेंट सेपरेशन यूनिट में रक्तदान तो किया ही जा सकता है, साथ ही रक्त से प्लेटलेट्स, प्लाजमा आदि कंपोनेंट भी अलग करने की सुविधा उपलब्ध रहेगी। जबकि बडे़ ब्लड बैंकों को छोड़कर छोटे ब्लड बैंकों में केवल खून का लेन-देन ही किया जा सकता है।