कभी भी जान ले सकता है आपका मोबाइल फोन
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मोबाइल पर आने वाली कॉल के स्ट्रांग सिग्नल, मोबाइल की ओवरचार्जिंग कुछ ऐसी वजहें हैं, जिनकी वजह से मोबाइल कभी भी फट सकता है, कभी भी जान लेवा हो सकता है।
देहरादून में एक युवक की जेब में रखा मोबाइल फटने के बाद इन वजहों पर फिर नजर दौड़ाना जरूरी है। सहारनपुर चौक स्थित मोबाइल फोन रिपेयरिंग के कार्य से जुड़े सागर के अनुसार फोन की बैटरी में लीथियम और कैडमियम होता है, जो हवा या नमी के संपर्क में आने पर प्रतिक्रिया करता है।
इसीलिए बैटरी को प्लास्टिक, मैटल की कई परतों से हार्ड सील किया जाता है। यह सील कुछ हद तक ऊष्मा अवरोधी होती है।
मोबाइल को चार्जिंग में लगाते हैं तो हीट जनरेट होती है। ऐसे में जब कॉल आती है तो उसके स्ट्रांग सिग्नल की वजह से यह हीट कई गुना बढ़ जाती है। बैटरी का कवर पिघलने से भीतर के एक्स्प्लोसिव मैटीरियल का हवा से संपर्क होता है और यह फट जाती है।
यह बरतें सावधानी
- मोबाइल को ओवर चार्ज न करें, बैटरी फुल होते ही साकेट से हटाएं।
- अपने मोबाइल फोन को नमी, पानी में भीगने से बचाएं।
- अगर मोबाइल चार्ज होते हुए कॉल आती है तो फोन रिसीव करने से बचें।
- चार्जिंग से हटाकर तुरंत कॉल करने को मोबाइल फोन को कान से न लगाएं।
जेब में फटा मोबाइल, युवक घायल
देहरादून में जींस की जेब में रखा मोबाइल फोन फट जाने से एक युवक घायल हो गया। हादसे में उसकी जींस पैंट जल गई और जांघ में चोट आई है। युवक के मुताबिक उसने चार महीने पहले यह फोन खरीदा था।
तपोवन एन्क्लेव निवासी विवेक ठाकुर ने बताया कि उसने 13 हजार रुपए में राज प्लाजा से मोबाइल खरीदा था। शनिवार दोपहर राजपुर रोड स्थित दुकान के पास खड़े रहने के बाद जेब में रखा मोबाइल फट गया।
जिला उपभोक्ता फोरम में मौखिक शिकायत लेकर पहुंचे विवेक ठाकुर जब कंपनी के सर्विस सेंटर पहुंचे तो कंपनी कर्मचारियों ने फोन रख लिया और वापस देने से मना कर दिया। विवेक के मुताबिक फोन अगर कमीज की जेब में होता या बात करते वक्त फटता तो गंभीर चोट आ सकती थी।