Uttarakhand: प्रदेश कार्यसमिति की बैठक, भाजपा का निकाय, पंचायत और केदारनाथ उपचुनाव जीतने का संकल्प
भाजपा प्रदेश कार्यसमिति की बैठक में सीएम धामी ने कहा कि विपक्षी सरकारों में केवल योजनाएं बनती थीं लेकिन हम जिन योजनाओं का शिलान्यास करते हैं, उनका लोकार्पण भी करते हैं।
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लोकसभा की पांचों सीटों पर जीत के बाद अब भारतीय जनता पार्टी ने आगामी निकाय चुनाव, पंचायत चुनाव और केदारनाथ विस उपचुनाव में जीत का संकल्प लिया है। भाजपा विस्तारित प्रदेश कार्यसमिति की बैठक में आए वरिष्ठ नेताओं ने पदाधिकारियों में जोश भरा। केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, प्रदेश प्रभारी दुष्यंत कुमार गौतम समेत तमाम नेताओं ने भविष्य की तैयारियों का खाका पेश किया।
सोमवार को सुभाष नगर स्थित ग्राफिक एरा विवि सभागार में आयोजित एक दिवसीय कार्यसमिति की बैठक में प्रदेशभर से 1350 से अधिक पार्टी पदाधिकारी शामिल हुए। बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जीत की हैट्रिक, मुख्यमंत्री धामी के सफल तीन साल के कार्यकाल को लेकर प्रस्ताव पारित करने के साथ संगठन की आगामी गतिविधियों पर भी विस्तार से चर्चा की गई। प्रदेश अध्यक्ष व सांसद महेंद्र भट्ट ने प्रस्तावना भाषण पढ़ा। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि हम टीम उत्तराखंड हैं। हमें टीम भावना से काम करना है। विपक्ष की सरकार में केवल योजनाएं बनती थीं, लेकिन हम जिनका शिलान्यास करते हैं, उनका लोकार्पण भी करते हैं। कुछ लोग यात्रा को लेकर भावनाएं भड़काने का कुत्सित प्रयास करते हैं। पंजीकरण को लेकर झूठ फैलाते हैं। लेकिन शेर की खाल में छिपे ऐसे भेड़ियों को हमें कामयाब नहीं होने देना है। उन्होंने आह्वान किया कि अब हमें निकाय, पंचायत और केदारनाथ विस उपचुनाव में जाना है।
भाजपा के प्रदेश प्रभारी दुष्यंत गौतम ने कहा कि आज दुनिया के 15 देशों ने जिन्हें अपना सर्वोच्च सम्मान दिया, ऐसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में हमें आगे बढ़ना है। राज्य की धामी सरकार ने धर्मांतरण कानून, नकलरोधी कानून, यूसीसी जैसे निर्णय से जहां देशभर में अपनी धमक दिखाई है तो वहीं एक जिला, दो उत्पाद जैसी योजनाओं ने राज्य में पलायन रोकने का काम किया है। उन्होंने कहा कि विपक्ष झूठ की राजनीति कर रहा है। हमें उसे बेनकाब करना है।
बैठक के दूसरे सत्र में प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने पदाधिकारियों में जोश भरा। उन्होंने कहा कि हमें निरंतर आगे बढ़ना है। राज्य की जनता हमारी नीतियों से प्रभावित और लाभान्वित हो रही है। उन्होंने घर-घर तक सरकार की योजनाएं पहुंचाने का आह्वान भी किया। शाम को अंतिम सत्र में केंद्रीय ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल खट्टर पदाधिकारियों से रूबरू हुए। उन्होंने कहा कि पहले विस्तारित कार्यसमिति की बैठक चुनाव से पहले होती थी, लेकिन अब वक्त बदल गया है। मतदाता जागरूक हो गए हैं। इसलिए बैठक के साथ ही हमें एकजुटता दिखाकर विपक्ष के झूठ को एक-एक मतदाता तक पहुंचाना होगा। बैठक में टिहरी सांसद माला राज्यलक्ष्मी शाह, हरिद्वार सांसद त्रिवेंद्र रावत, गढ़वाल सांसद अनिल बलूनी, अल्मोड़ा सांसद व केंद्रीय मंत्री अजय टम्टा, नैनीताल सांसद अजय भट्ट, प्रदेश सह प्रभारी रेखा वर्मा, पूर्व सीएम विजय बहुगुणा, पूर्व सीएम तीरथ सिंह रावत समेत तमाम नेता मौजूद रहे।
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सर्वाधिक मतदान वाले 10 बूथ अध्यक्ष सम्मानित
लोकसभा चुनाव में भाजपा को सर्वाधिक मतदान वाले दस बूथों के अध्यक्ष भी कार्यसमिति की बैठक में सम्मानित किए गए। टिहरी लोकसभा की सहसपुर विधानसभा के कैंचीवाला बूथ नंबर-2 के बूथ अध्यक्ष राम सिंह, विकासनगर विधानसभा के बालुवाला बूथ नंबर-2 के हेमराज चंदेल, गढ़वाल लोकसभा क्षेत्र में केदारनाथ विस के बूथ पैंज के मान सिंह, रामनगर विस के उदयपुरी बंदोबस्ती बूथ के रमन चौधरी, अल्मोड़ा लोकसभा में जागेश्वर के कोटुली गंधक के भवन सिंह और चंपावत के बस्तियांगुंठ बूथ के मनिराम, नैनीताल लोकसभा में रुद्रपुर ग्रामीण के कुलवंतनगर नंबर-1 के गोविंद स्वर्णकार और पिपालिया नंबर-1 के राकेश बाला, हरिद्वार लोकसभा में हरिद्वार ग्रामीण विस के गोविंदगढ़ रूम नंबर-1 के सोमपाल चौहान और लक्सर विस के गंगदासपुर बूथ के बूथ अध्यक्ष धर्मराज सिंह को भाजपा के लिए सर्वाधिक मतदान पर सम्मानित किया गया।
पदाधिकारियों के शिकायत-सुझाव को लगाई पेटिका
संगठन ने पदाधिकारियों की शिकायतें सुनने, सुझाव लेने के लिए अलग से पेटिका लगाई थी। मंच से सभी पदाधिकारियों से इस पेटिका में अपने विचार, शिकायतें लिखकर देने को कहा गया। ताकि संगठन उन पर उसी हिसाब से विचार कर सके।
मंगलौर हारे नहीं जीते, न कुछ खोया-न पाया
हाल के बदरीनाथ व मंगलौर विधानसभा उपचुनाव में मिली हार का मुद्दा भी बैठक में छाया रहा। केंद्रीय मंत्री खट्टर, प्रदेश प्रभारी गौतम समेत तमाम नेताओं ने स्पष्ट किया कि इस उपचुनाव में उन्होंने न कुछ खोया न पाया। हां, इतना जरूर है कि जिस मंगलौर में कभी पार्टी तीसरे स्थान पर रहती थी, वहां दूसरे पर आ गई है। मंगलौर का चुनाव हारे नहीं जीते हैं।