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भाजपा विधायक की दबंगई, फोन पर लेखपाल को धमकाया, ऑडियो हुआ वायरल

Tue, 24 Jul 2018 09:19 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हरिद्वार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हरिद्वार Updated Tue, 24 Jul 2018 09:19 AM IST
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bjp mla yatiswarananda angry on lekhpal audio viral
यतीश्वरानंद - फोटो : AmarUjala

भाजपा विधायक संजय गुप्ता के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र रावत को लेकर दिये ‘झोटा बिरयानी’ के बयान पर मचा बवाल ठीक से शांत भी नहीं हुआ, इस बीच अब भाजपा के ही विधायक स्वामी यतीश्वरानंद का एक राजस्व कर्मी के साथ अभद्रता करने का ऑडियो वायरल हो गया।

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ऑडियो में विधायक ने गैंडीखाता के लेखपाल इंद्र विक्रम सिंह रावत को मुख्यमंत्री राहत कोष से जारी चैक बिना उनकी अनुमति के पात्रों को वितरण करने पर जमकर अभद्रता की। उनकी अनुमति के बिना चैक तहसील से लाने पर नाराज विधायक ने लेखपाल को यह तक कह दिया कि चैक क्या तेरे बाप ने बनवाए थे?
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लेखपाल बार बार विधायक को समझता और गुहार लगाता रहा कि उससे बदतमीजी न करें। पर विधायक कहां माने। उन्होंने लेखपाल को देख लेने की बात तक कह दी। अब लेखपाल ने पूरे प्रकरण से एसडीएम को अवगत कराते हुए ऑडियो की रिकार्डिंग उन्हें उपलब्ध कराई। इस बीच ऑडियो वायरल हो गया। अब विधायक सफाई दे रहें है कि चैक वितरण के नाम पर लेखपाल गरीब लोगों से पैसे ऐंठता था, इसलिए उन्होंने गुस्से में उसे खरी खोटी सुना दी। वहीं लेखपाल ने लेनदेन संबंधित बातों को खारिज किया और विधायक पर मुकदमा दर्ज कराने को यूनियन और प्रशासन के पाले में बात डाल दी है। 

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वायरल हुई ऑडियो में विधायक और लेखपाल के बीच हुई वार्ता 

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स्वामी यतीश्वरानंद - फोटो : AmarUjala

लड़का: लेखपाल विक्रम सिंह जी बात कर रहे हैं। 
लेखपाल: जी।    
लड़का: माननीय विधायक जी बात करेंगे। स्वामी यतीश्वरानंद जी। 
विधायक: हैलो! 
लेखपाल:  गुरुजी प्रणाम।  
विधायक: अरे प्रणाम, तेरे को फोन किया था यहां से किसी ने? 
लेखपाल: मुझे, नहीं तो।  
विधायक: वो जितने भी चैक आए हैं। सुना अपने आप मत दे दियो। समझे बात।   ?
लेखपाल: वो तो मैंने दे भी दिए।  
विधायक: क्यूं दे दिए तूने, तू ज्यादा बड़ा नेता हो गया। तू देगा उनको ? क्यों दिये तूने ? किसके कहने पर दिए? 
लेखपाल: वो तो तहसील से आए थे बंटने के लिए तो। 
विधायक : हां। 
लेखपाल : तहसील से आए थे। 
विधायक: तेरा बाप लेकर आया वहां से, कौन लेकर आया ? कौन लेकर आया था, हमने बनवाए थे। पहले मेरी बात सुन। 
लेखपाल: गुरुजी, पहले मेरी बात सुनो। मेरे साथ बदतमीजी में मत बोलना। 
विधायक: बात सुनो, जो मैं कह रहा हूं वो सुन, पहले मेरी बात सुन। चैक यहां से बंटेंगे, तू सुन ले मेरी बात। बता दिया मैंने तेरे को।  
लेखपाल: गुरुजी, मेरे साथ बदतमीजी से मत बोलना। अपने आप ले लो और बंटवा लो।  
विधायक: तुझे फोन नहीं किया था किसी ने। आश्रम में जो लड़का रहता है, जो काम देखता है। उसने तुझे फोन नहीं किया? (अपने आफिस में पूछे कितनी बार फोन किया तैने)
लेखपाल: मुझे किसी ने फोन न करा।  
विधायक: पहले मेरी पूरी बात सुन ले। तुझे आश्रम का लड़का नहीं मिला ?   
लेखपाल: मुझे नहीं मिला। 
विधायक: चैक आश्रम से बटेंगे।  
लेखपाल: परसों आए थे, गैंडीखाता और एक गांव के दो चेक आए थे। दोनों बांट दिये मैंने। 
विधायक: भई चैक वहां देकर आते हमारे आदमियों के। चैक सारे यहां से बंटेंगे। समझे बात।  
लेखपाल: गुरुजी, अपने आप डील कर लो, ठीक है जी। 
लेखपाल: मैं क्या कर रहा, बदतमीजी नहीं करनी मेरे साथ।  
विधायक:  सुन विक्रम। अब के तूने चैक बांटे तो ठीक नहीं रहेगा। बता दिया मैंने तुझे। 
लेखपाल: सुनो गुरुजी मेरे साथ बदतमीजी नहीं करनी। 
विधायक : जो चैक आए दे देना। नहीं तो मैं बताऊंगा तेरे को। तेरे इलाके में आकर। 
लेखपाल (बार बार एक ही बात बोलता रहा) : मेरे साथ बदतमीजी से न बोलना।  

राहत कोष से आए थे 23 चैक

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cheque book

सीएम राहत कोष से 23 चैक आए थे, जोकि 5 से 7 हजार रुपये के थे। इन चैकों को गैंडीखाता और लालढांग में संबंधित लोगों को वितरण कर दिया था। रविवार की दोपहर विधायक स्वामी यतीश्वरानंद का फोन आया था, बातचीत में उन्होंने मेरे साथ बदतमीजी की, जिसकी रिकार्डिंग एसडीएम को उपलब्ध करा दी थी। अब इस मामले में विधायक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने के लिए लेखपाल यूनियन को पूरे प्रकरण से अवगत करवाया है, जो भी निर्देश प्रशासन से या यूनियन से मिलेगा, उसी के अनुसार काम किया जाएगा। चैकों के संदर्भ में रुपये लेने के आरोप निराधार है।  
- इंद्र विक्रम सिंह रावत, लेखपाल, तहसील हरिद्वार

राहत सामग्री के चैक मेरे प्रयास से बनवाएं गए, जिन्हें पार्टी के कार्यकर्ता या स्वयं मुझे वितरण करने थे, लेकिन लेखपाल ने हमें सूचना दिए बगैर चैक वितरण कर दिए। चैकों के बदले में रुपये लेने कही शिकायत पर मैंने लेखपाल को फोन किया। सभी बात फोन पर नहीं होती, उसके झुठलाने पर और गरीब लोगों से उसने चैक के बदले में जो रुपये लिए मुझे उस पर गुस्सा था। दस साल से यह लेखपाल तहसील में डटा हुआ है और फरियादियों को महीनों तक घुमाता है।  बिना रुपये लिए किसी का काम नहीं करता। अधिकारी भी उनके साथ मिले हुए हैं। पूरा प्रशासन अवैध तरीके से खनन कराने में जुटा हुआ है। पूरे प्रकरण की शिकायत शासन में की जाएगी।  
- स्वामी यतीश्वरानंद, भाजपा विधायक, हरिद्वार ग्रामीण

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