भाजपा नेता सुभाष चतुर्वेदी का निधन, आंखे बंद करने से पहले दो नेत्रहीनों की दुनिया कर गए रोशन
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उत्तराखंड में भाजपा नेता और पूर्व पालिकाध्यक्ष सुभाष चतुर्वेदी का निधन हो गया। विभिन्न राजनीतिक और सामाजिक दलों से जुड़े लोगों ने उनके निधन पर शोक जताया है। दिवंगत सुभाष की पत्नी और दो पुत्रों का पहले ही निधन हो चुका है।
सुभाष चतुर्वेदी के निधन के बाद परिजनों ने उनकी नेत्रदान की इच्छा पूरी की। भारत विकास परिषद के अध्यक्ष राकेश तनेजा ने मुरादाबाद से नेत्रदान टीम बुलाई। टीम ने समय से पहुंचकर नेत्रदान की कार्यवाई पूरी की। उनकी आंखे दो नेत्रहीन लोगों को दी जाएंगी।
शहर के खेड़ा निवासी सुभाष चतुर्वेदी (85) कुछ दिन से बीमार थे। रविवार को तबियत बिगड़ने पर उन्हें निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। मंगलवार की सुबह उन्होंने अंतिम सांस ली। सुभाष चतुर्वेदी वर्ष 1971 और 1989 में रुद्रपुर पालिकाध्यक्ष चुने गए थे।
पालिकाध्यक्ष रहने के दौरान इमरजेंसी के समय में वह 19 महीने जेल में रहे थे। वह शुरुआत से ही जनसंघ से जुड़े और भाजपा को तराई क्षेत्र में स्थापित करने में उनका बड़ा योगदान था। सुभाष के पुत्र समीर ने बताया कि उनके पिता ने वर्ष 1977 से 1990 तक अमर उजाला में पत्रकारिता की थी।
प्रदेश की खंडूड़ी सरकार में उन्हें वर्ष 2008 में दर्जाराज्य मंत्री बनाया गया था। मंगलवार सुबह उनके निधन की सूचना मिलते ही घर पर शोक जताने वालों का तांता लग गया।
सांसद भगत सिंह कोश्यारी, विधायक राजकुमार ठुकराल, राजेश शुक्ला, जिलाध्यक्ष शिव अरोरा, मेयर रामपाल सिंह, दर्जा राज्य मंत्री सुरेश परिहार, भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष राजू भंडारी, अनिल चौहान, गुरमीत सिंह, ईश्वरी प्रसाद राठौर, गुरमीत सिंह आदि ने उनके आवास पर पहुंचकर शोक जताया। कोश्यारी ने कहा कि वह सुभाष के निधन से व्यक्तिगत रूप से आहत हैं।