फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   bjp leader rection on rahul gandhi jhappi

राहुल की ‘झप्पी’: भाजपा नेताओं ने राहुल को बताया 'खोटा सिक्का' तो कांग्रेसी बोले इसे संसदीय परंपरा

Sun, 22 Jul 2018 09:18 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून Updated Sun, 22 Jul 2018 09:18 AM IST
विज्ञापन
bjp leader rection on rahul gandhi jhappi
Rahul Gandhi

संसद में शुक्रवार को अविश्वास प्रस्ताव के दौरान राहुल की पीएम मोदी को ‘झप्पी’ और उसके बाद एक कांग्रेसी सांसद को ‘आंख’ मारने की घटना देश भर में चर्चा का विषय बनी है। प्रदेश के सियासी हलकों में शनिवार को भी इसकी खूब चर्चा रही । अमर उजाला ने भाजपा-कांग्रेस दोनों के वरिष्ठ नेताओं को कुरेदा। भाजपा नेताओं ने जहां राहुल को बचकाना नेता और कांग्रेस का खोटा लोहा बताया, वहीं कांग्रेसी नेताओं का मानना है कि राहुल ने संदेश दिया कि वह नफरत राजनीति में विश्वास नहीं रखते। पढ़िए, कौन किस अंदाज में क्या बोला-

विज्ञापन


संसद में जो भी हुआ, उसमें राहुल गांधी की नादानी नजर आई। इसे उनका बचकानापन कहें या खुद को लाइमलाइट लाने का प्रयास, जो भी हुआ, उसको उनकी अपरिपक्वता की कहा जाएगा।
विज्ञापन

- त्रिवेंद्र सिंह रावत, मुख्यमंत्री, उत्तराखंड

यह एक प्रकार से प्रजातंत्र का मजाक है। राहुल को लगता है कि उसने बहुत प्रेम कर लिया है। इतना प्रेम है तो हिंदू तालिबान क्यों बोल रहा है। जब उनको जनता गले नहीं लगाती है, तो अब मोदी को गले लगा कर सोच रहे हैं कि वह पारसमणि के पास जाकर सोना बन जाएंगे। लेकिन राहुल कांग्रेस का खोटा लोहा है, ये सोना नहीं बनने वाला।
विज्ञापन
विज्ञापन

- भगत सिंह कोश्यारी, पूर्व सीएम व सांसद 

संसद में राहुल का आचरण को नौटंकी था। राहुल गांधी अब भी कांग्रेस युग में जी रहे हैं। वे भूल गए हैं कि निजाम बदल चुका है। अब उनके कहने से प्रधानमंत्री उठते या बैठते नहीं हैं। उन्हें समझना चाहिए कि आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हैं, मनमोहन सिंह नहीं। उन्हें संसद की गरिमा का भी ख्याल नहीं रहा। राहुल के आचरण से साफ हो गया है कि कांग्रेस खत्म हो चुकी है।
- डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक, पूर्व सीएम एवं सांसद 

इसे मैं उनका बचना कहूं या नादानी मानें। विपक्ष ने संसद में जो हरकत की है, उससे संसद की गरिमा तार-तार हुई है। राहुल ऐसे बात कर रहे थे, मानों संसद में नहीं कॉमेडी शो में बोल रहे हों।
- अजय भट्ट ,  भाजपा प्रदेश अध्यक्ष  

सदन के विराट और गरिमामय स्वरूप को राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय की कार्यशाला में बदलते जाते देखना वेदना जनक था। यह 70 वर्ष के संसदीय जीवन में एक अस्वीकार्य एवं गरिमारहित घटनाक्रम के रूप में भुलाए जाने का प्रयास होना चाहिए। वास्तव में सरकार को एक सशक्त, विचारवान और गरिमावान विपक्ष की आवश्यकता है ताकि लोकतंत्र का संतुलन बना रहे। वह पारिवारिक सामंतशाही से संभव नहीं हो सकता।
-तरुण विजय, पूर्व सांसद राज्यसभा 

राहुल जी ने जो किया, वह संसदीय परंपरा का हिस्सा

bjp leader rection on rahul gandhi jhappi
harish rawat

राहुल जी ने जो किया, वह संसदीय परंपरा का हिस्सा है। मुझे अच्छे से याद है कि लोकसभा में राम जेठमलानी की मैंने जमकर मुखालफत की थी, उन्होंने मेरी पीठ थपथपाई थी। यह स्वस्थ परंपरा है। राहुल जी ने बताया कि हम किस तरह की राजनीति में यकीन करते हैं। मगर प्रधानमंत्री ने उन्हें थपकी नहीं दी। संसद में यदि भावनाएं नहीं होंगी, तो फिर हमसे अच्छा रोबोट ही सदन चला लेंगे।

-हरीश रावत, पूर्व सीएम और कांग्रेस के केंद्रीय महासचिव 

गंदगी को यदि साफ करना होता है, तो वह गंदगी से नहीं, बल्कि साफ पानी से संभव होता है। राहुल जी ने प्रधानमंत्री को गले लगाकर बहुत बड़ा संदेश दिया है। संसद से लेकर पूरे देश में जिस तरह से माहौल में हलचल और तनाव है, उन स्थितियों के बीच, राहुल जी द्वारा संसद में दिए संदेश के गहरे अर्थ को समझना होगा। राहुल जी ने प्रेम और सौहार्द का संदेश दिया है।

- अनुग्रह नारायण सिंह, प्रदेश कांग्रेस के प्रभारी

कांग्रेस अध्यक्ष ने अविश्वास प्रस्ताव के दौरान अपने भाषण में भी ये बात कही थी कि हमारे जीन में किसी के प्रति नफरत नहीं है। वैचारिक मतभेद हो सकते हैं, लेकिन विचारों की अभिव्यक्ति में भी प्रेम और सौहार्द हमेशा मौजूद रहता है। राहुल जी ने साफ संकेत किए हैं कि कांग्रेस हुकूमत की मुखालफत बिना गुस्सा किए कर सकती है। यह कांग्रेस की लाइन है कि वह कैसी राजनीति चाहती है।

- प्रीतम सिंह , प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष  

राहुल गांधी जी ने साफ संदेश दिया है कि कांग्रेस में नफरत के लिए कोई जगह नहीं है। अलग-अलग दल हो सकते हैं, विचारधारा हो सकती है। मगर दल आपस में दुश्मन नहीं हैं। राहुल जी ने प्रेम का संदेश दिया है। उसका चाहे जो मतलब निकाल ले। मौजूदा राजनीति में जिस तरह से विरोध की भाषा हो गई है, उसमें राहुल जी का संदेश बेहद महत्वपूर्ण है।
-डॉ.इंदिरा हृदयेश, नेता प्रतिपक्ष 

राहुल जी के असाधारण कदम पर प्रधानमंत्री ने जिस तरह की प्रतिक्रिया दी, वह बताती है कि भाजपा का आचरण इस देश की संस्कृति के अनुरूप नहीं है। राहुल जी ने ये ही संदेश देना चाहा है कि हम सब एक देश के नागरिक हैं। एक दूसरे के दुश्मन नहीं है। उन्होंने एक शानदार उदाहरण प्रस्तुत किया है, मगर भाजपा इसे स्वीकार नहीं कर पा रही है।
किशोर उपाध्याय, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष कांग्रेस

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed