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गैंगरेप के दोषी पूर्व बीजेपी नेता को उम्रकैद
अमर उजाला, देहरादून
Updated Thu, 26 Sep 2013 09:11 PM IST
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उत्तराखंड के पूर्व भाजपा नेता प्रमोद कुमार गुप्ता को स्थानीय अदालत ने गैंगरेप में आरोप साबित होने के बाद आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। जबकि दूसरे दोषी अशोक को 10 साल की सजा मिली है।
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इससे पहले बुधवार को इस मामले में पूर्व भाजपा नेता प्रमोद कुमार गुप्ता पर अपहरण, गैंगरेप और एससी, एसटी एक्ट में दोष साबित हुआ था।
अदालत ने प्रकरण के सूत्रधार अशोक कुमार को भी दोषी मानते हुए दोनों को न्यायिक अभिरक्षा में लेने का आदेश दिए।
क्या था मामला
सहकारी बैंक के पूर्व चेयरमैन रह चुके पूर्व भाजपा नेता पर वर्ष 2008 में इंटर की एक छात्रा ने नौकरी का झांसा देकर गैंग रेप का आरोप लगाया था।
दोषी प्रमोद गुप्ता ने मामले में खुद को सचिवालय का अधिकारी बताते हुए राजपुर के एक रिजॉर्ट में गैंग रेप कांड को अंजाम दिया।
रिजॉर्ट में गैंग रेप
19 अप्रैल वर्ष 2008 को प्रमोद सहारनपुर चौक से युवती को अपनी कार में बैठाकर राजपुर रोड स्थित रिजॉर्ट में ले गया। उसने युवती को बताया कि वे सचिवालय का अधिकारी है इस रिजॉर्ट में उसका नौकरी के लिए इंटरव्यू होना है।
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रिजॉर्ट में गैंग रेप प्रकरण में पुलिस ने कांड के सूत्रधार भाजपा एनजीओ प्रकोष्ठ के महामंत्री अशोक कुमार, रिसॉर्ट प्रबंधक प्रवीन कुमार और तीन अन्य अज्ञात के खिलाफ मामला दर्ज किया था।
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किन-किन धाराओं में पाए गए दोषी
सहकारी बैंक के पूर्व चेयरमैन व पूर्व भाजपा नेता प्रमोद कुमार गुप्ता को अदालत ने 376 (2) (g) (गैंग रेप) 366 (अपहरण) व धारा 3 (2) पंचम एससी, एसटी एक्ट का दोषी माना है। जबकि उसे अदालत ने 323 और 504 के आरोप से दोषमुक्त कर दिया।
भाजपा एनजीओ प्रकोष्ठ के पूर्व महामंत्री अशोक कुमार को अदालत ने धारा 366 (अपहरण), 354 (लज्जा भंग) व धारा 120 बी (षडयंत्र) का दोषी माना है। अदालत ने उसे 377 के अपराध से दोषमुक्त कर दिया। प्रवीन कुमार को अदालत ने धारा 328, 120 बी व अन्य आरोपों से मुक्त कर दिया।