राज्यपाल से मिले भाजपा नेता, हरीश रावत पर कार्रवाई की मांग
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हाईकोर्ट के फैसले के बाद मुख्यमंत्री की कुर्सी संभाल लेने के मामले में हरीश रावत की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। मामले में आज भाजपा प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल से मिलकर हरीश रावत पर विधिक कार्रवाई की मांग की। साढ़े तीन बजे भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अजय भट्ट के नेतृत्व में भाजपा नेताओं के प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल से मुलाकात की।
हाईकोर्ट के आदेश की प्रति मिले बगैर मुख्यमंत्री की कुर्सी संभाल लेने के मुद्दे पर भाजपा हरीश रावत को जरा भी राहत देने के मूड में नहीं दिख रही। शनिवार को भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता मुन्ना सिंह चौहान ने कहा कि हरीश रावत ने बिना फैसले की प्रति मिले न सिर्फ सीएम की कुर्सी संभाल ली बल्कि कैबिनेट के फैसले भी ले डाले।
चौहान ने कहा कि हरीश रावत का यह कृत्य पूरी तरह संविधान का निरादर है। भाजपा का प्रतिनिधिमंडल इस मामले को लेकर राज्यपाल को ज्ञापन सौपा।
कैबिनेट द्वारा लिए गए फैसलों की वैधानिकता नहीं: भट्ट
राज्यपाल से मुलाकात से पहले भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट ने पत्रकारों से बातचीत में बताया कि हरीश रावत ने द्वारा स्वयंभू तरीके से सीएम कुर्सी संभालना पूरी तरह असंवैधानिक है। कहा हरीश रावत का कुर्सी पर बैठना ही असंवैधानिक है तो उनके द्वारा लिए गए कैबिनेट के फैसलों की भी कोई वैधानिकता नहीं रह जाती।
भट्ट ने कहा कि रावत ने जो अपराध किया है उसके लिए राज्यपाल महोदय सेक्शन अथॉरिटी हैं। उन्हें संवैधानिक नियमों की रक्षा के लिए अपने अधिकारों का प्रयोग करने की मांग की है।
भाजपा नेता मुन्ना सिंह चौहान ने कहा कि पार्टी ने राज्यपाल से मांग की है कि हरीश रावत किस प्रकार सीएम की कुर्सी पर बैठे इसकी जांच हो। क्या इसके लिए उन्होंने राजभवन की अनुमति ली थी। भाजपा ने मांग की है अगर ऐसा नहीं हुआ तो रावत पर राज्यपाल महोदय विधिक कार्रवाई करें।