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BJP की नई कार्यकारिणी में कई बार हटाए, जोडे़ गए लोग
मनीष चंद्र भट्ट/ अमर उजाला, देहरादून
Updated Fri, 05 Feb 2016 11:27 AM IST
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बड़े नेताओं के हस्तक्षेप पर कई बार शार्ट लिस्ट हुई भाजपा महानगर कार्यकारिणी की घोषणा आखिरकार हो गई।
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कार्यकारिणी गठन में जहां अनुभव को तरजीह मिली, वहीं क्षेत्रीय और जातीय समीकरण साधने की कोशिश भी नजर आ रही है। फिर भी कुछ सक्रिय कार्यकर्ताओं के नाम सूची से गायब होने पर अंदरखाने नाराजगी भी है।
पार्टी हाईकमान ने नवंबर अंतिम हफ्ते में महानगर अध्यक्ष के लिए उमेश अग्रवाल के नाम पर मुहर लगाई। पहली चुनौती अध्यक्ष पद की दावेदारी में प्रतिद्वंद्वी रहे नाराज नेताओं को शांत करने की थी। दावेदार रहे ये नेता अपने लोगों को एडजस्ट करने के लिए दबाव बनाए हुए थे।
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खुलकर बगावती तेवर दिखाने वाले सुनील उनियाल गामा के अलावा पूर्व महानगर अध्यक्ष नीलम सहगल और विनय गोयल को प्रदेश में जगह देकर हाईकमान ने उमेश की राह आसान कर दी। इसके बावजूद महानगर कार्यकारिणी की अंतिम सूची बनाने में लंबी कसरत की गई। पिछले दो महीने में बड़े नेताओं के कहने पर इस सूची में कई नाम जोड़े घटाए गए।
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प्रदेश स्तर के नेताओं की पसंद दरकिनार कर उमेश उन्हें भी नाराज नहीं करना चाहते थे। सबसे ज्यादा दिक्कत महामंत्री के पद पर थी। महामंत्री के दो पदों पर अंतिम मुकाबले में राजेंद्र सिंह ढिल्लो, आदित्य चौहान और मानिक निधि शर्मा बचे थे।
इसमें पंजाबी समुदाय से राजेंद्र सिंह ढिल्लो को नगर निगम का पूर्व पार्षद, महानगर में कई पदों पर रहने और सक्रिय युवा चेहरा होने का फायदा मिला। नीलम सहगल की टीम में महामंत्री रहे आदित्य चौहान को फिर से इसी पद पर रिपीट किया गया।
जबकि मानिक निधि को उपाध्यक्ष पर एडजस्ट किया गया है। इसी तरह टीम में अनुसूचित जाति, वाल्मीकि समुदाय, पर्वतीय समाज, वैश्य, पंजाबी समाज और महिलाओं को भी ज्यादा से ज्यादा प्रतिनिधित्व देने की कोशिश साफ नजर आ रही है।