Uttarakhand Chunav 2022: उत्तराखंड पहुंचे जेपी नड्डा के सामने खुले तीन राज तो हो गए बेहद नाराज
जमीनी स्तर पर सांगठनिक नेटवर्क को सक्रिय करने के लिए पार्टी ने मंडल और बूथ के बीच शक्ति केंद्र की एक कड़ी तैयार की है। लेकिन नड्डा के पास अपने संपर्कों से जो फीड बैक पहुंचा है, उसके मुताबिक संगठन के स्तर पर शक्ति केंद्रों को और अधिक सक्रिय करने की आवश्यकता है।
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आगामी विधानसभा चुनाव जीतने के लिए जिन कड़ियों को मजबूत बनाने की भाजपा सोच रही है, उनमें से तीन कड़ियां अभी कमजोर हैं। यह राज खुद खोल कर पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने एक तरह से नाराजगी जाहिर कर दी। साथ ही संगठन नेताओं को ताकीद किया कि सितंबर महीने तक इन कड़ियों को दुरस्त कर लिया जाए।
जिन तीन कमजोर कड़ियों का जिक्र नड्डा ने अपनी मैराथन बैठकों में बार-बार किया, उनमें सबसे पहला पन्ना प्रमुखों की तैनाती है। पन्ना प्रमुखों के मामले में केंद्रीय नेतृत्व जिस रणनीति पर चल रहा है, उस हिसाब से अब तक संगठन पूरे प्रदेश में करीब दो लाख पन्ना प्रमुखों की फौज खड़ी कर चुका होता। मोदी शाह और नड्डा की तिकड़ी यह मान चुकी है कि चुनाव विधानसभा का हो या लोकसभा का पार्टी की जीत के बड़े सूत्रधार पन्ना प्रमुख ही बनेंगे। यही वजह है कि नड्डा ने अपनी बैठकों में पन्ना प्रमुखों की तैनाती में संगठन की प्रगति पर नाखुशी जाहिर की और संगठन नेताओं से इसके लिए पूरी ताकत झोंकने का आह्वान किया।
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जमीनी स्तर पर सांगठनिक नेटवर्क को सक्रिय करने के लिए पार्टी ने मंडल और बूथ के बीच शक्ति केंद्र की एक कड़ी तैयार की है। लेकिन नड्डा के पास अपने संपर्कों से जो फीड बैक पहुंचा है, उसके मुताबिक संगठन के स्तर पर शक्ति केंद्रों को और अधिक सक्रिय करने की आवश्यकता है। इसके लिए नड्डा प्रदेश अध्यक्ष और प्रदेश संगठन महामंत्री को निर्देश दिए।
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तीसरी कड़ी जिस पर नड्डा ने सबसे ज्यादा जोर दिया, वो पार्टी पदाधिकारियों, मंत्रियों, सांसदों, विधायकों के प्रवास हैं। नड्डा नेताओं के प्रवासों की प्रगति से खुश नहीं हैं। पूर्व में दिए गए निर्देशों के बावजूद मंत्रियों और पार्टी पदाधिकारियों ने प्रवासों की निरंतरता नहीं बनाए रखा। प्रवासों को लेकर नड्डा इतने गंभीर थे कि उन्हें यह कहना पड़ा कि प्रदेश कार्यालय मंत्री उन्हें इन प्रवासों के बारे में मय फोटोग्राफ रिपोर्ट करेंगे। प्रवास में ढील को लेकर उनकी इस चिंता के बीच यह प्रश्न मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के समक्ष भी उठा।
मैं प्रवास कर रहा हूं, सबको करना चाहिए : धामी
प्रवास से जुड़े प्रश्न पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि वह खुद प्रवास कर रहे हैं और सभी को प्रवास करना चाहिए। उधर, इस मसले पर पार्टी के कुछ नेताओं ने कहा कि बरसात के कारण वे प्रवास नहीं कर सके। लेकिन सितंबर माह से उनके निरंतर प्रवास होंगे।
...अब जारी रहेगा ये सिलसिला
पार्टी सूत्रों के मुताबिक, रामनगर में चिंतन बैठक के दौरान यह तय हो गया था कि संगठन के तीन शीर्ष नेता केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा और राष्ट्रीय संगठन महामंत्री बीएल संतोष उत्तराखंड में निरंतर प्रवास करेंगे। रामनगर चिंतन बैठक के बाद से बीएल संतोष देहरादून व काशीपुर प्रवास कर चुके हैं। इस बार उनका हरिद्वार में प्रवास हो रहा है। नड्डा ने भी हर महीने प्रवास की बात कही है।
रणनीतिक सूत्रधार पूर्णकालिक विस्तारक
राष्ट्रीय अध्यक्ष नड्डा ने चुनावी व्यूह रचना के मुख्य सूत्रधार पूर्णकालिक विस्तारकों की तैनाती के बारे में जानकारी ली। पार्टी ने पांचों लोकसभा में संयोजक और 70 विधानसभाओं में पूर्णकालिक विस्तारक बनाए हैं जो अब विधानसभा चुनाव के बाद ही लौटेंगे।
संघ और संघ से निकलकर संगठन से जुड़े इन पूर्णकालिकों का विस में चुनाव को प्रभावित करने वाले मुद्दों और विषयों का पता लगाना, कार्यकर्ताओं की शिकायत के समाधान के लिए संबंधित प्रशासन के साथ समन्वय और घर-घर जाकर भाजपा की मजबूती के काम करना होगा।