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BJP ने बूथों का लिया ‘प्रिलिमिनरी टेस्ट’
रजा शास्त्री/ अमर उजाला, देहरादून
Updated Mon, 07 Apr 2014 01:05 PM IST
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लोकसभा चुनाव के ‘मेन एग्जाम’ से पहले भाजपा ने स्थापना दिवस के बहाने बूथों का ‘प्रिलिमिनरी टेस्ट’ लिया।
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वॉट्स एप से ‘आंसर बुक’ ही मंगाई
बूथ क्षेत्रों के ‘परीक्षा कक्षों’ की निगरानी ऐसी कि ‘परीक्षार्थियों’ को पसीना छूट गया। मॉनीटरिंग सीधे गुजरात से हो रही थी। प्रत्येक बूथ से मिले तथ्यों की क्रॉस चेकिंग भी हो रही थी। बाद में वॉट्स एप से ‘आंसर बुक’ ही मंगा ली गई।
रविवार को भाजपा के स्थापना दिवस के कार्यक्रम अपनी जगह अलग थे। लेकिन इसकी आड़ में अहम बूथों की तैयारी का सख्त इम्तिहान था। गुजरात से आया भाजपा पदाधिकारियों का उड़नदस्ता कई दिनों से राजधानी में डेरा डाले थे।
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इसके अलावा संगठन की खुफिया टीम एक-एक बूथों पर जाकर सबकी तसदीक कर रही थी। बूथ पदाधिकारियों के काम का आकलन तो हो ही रहा था नेताओं के कामों की भी स्क्रीनिंग की गई।
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हर बूथ के बारे में ली जानकारी
एक हफ्ते पहले प्रत्येक बूथ प्रभारी की ई-मेल आईडी और फोन नंबर गुजरात भेजे गए थे। टेस्ट की शुरुआत महानगर अध्यक्ष से हुई। गुजरात से राजधानी के हर बूथ के बारे में जानकारी ली गई।
इसके बाद बूथ प्रभारियों से आवंटित कार्यक्रमों के बारे में पूछा गया। मिले तथ्यों को विधानसभा क्षेत्रों में फैले उड़नदस्तों से क्रास चेक किया गया। एक भी तथ्य में फर्क मिला तो दुबारा उसकी तस्दीक महानगर अध्यक्ष से कई गई।
मानक से नीचे पाए गए बूथ
एक तो मंडलों के बूथ मानक से नीचे पाए गए हैं। पदाधिकारियों से उनकी रिपोर्ट अलग से तलब की गई है। महिला पदाधिकारियों से पहले कमल मेहंदी लगाने वाली महिलाओं की संख्या पूछी।
फिर हाथ में कमल मेहंदी लगाए इन महिलाओं की पूरी तस्वीर वॉट्स एप से मंगाई गई। बूथों पर कार्यक्रमों की तस्वीर मंगाई गई है। गुजरात में एक बार फिर पूरी स्थिति की समीक्षा की जाएगी।
इस मॉनीटरिंग पर भाजपाइयों के होश उड़े रहे। महानगर अध्यक्ष नीलम सहगल ने बताया कि कई बार उनसे फोन पर तथ्य पूछे गए।