एनडी पर बीजेपी हुई बैकफुट, आधे घंटे में देना पड़ा संशोधित बयान
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पूर्व मुख्यमंत्री एनडी तिवारी की भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह से मुलाकात के बाद उनके भाजपा में शामिल होने पर बना सस्पेंस साबित करता है कि केंद्रीय नेतृत्व अहम फैसलों में प्रदेश के नेताओं को विश्वास में नहीं ले रहा है।
दिल्ली के स्तर से होने वाले फैसलों से दून इतना बेखबर है कि एनडी भाजपा में शामिल हो गए हैं या समर्थन दिया है, इसको लेकर देर शाम पार्टी को संशोधित बयान जारी करना पड़ा।
सूत्र तो यह भी बता रहे हैं कि भाजपा के कांग्रेसीकरण को लेकर सोशल मीडिया पर हो रही फजीहत से पार्टी ने मामले को समर्थन तक सीमित रखा। वहीं, यशपाल आर्य और उनके बेटे को टिकट देने से पार्टी का एक खेमा परिवारवाद को लेकर पहले से ही खासा नाराज है।
सोशल मीडिया पर एनडी के छाते ही बीजेपी के कान खड़े
एनडी तिवारी का भाजपा में शामिल होना लगभग तय था। बुधवार को तिवारी परिवार राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह से मिला तो मीडिया में एनडी के भाजपा में आने का मामला छा गया। चुनाव से पहले भाजपा के अपना कुनबा कांग्रेस के सहारे बढ़ाने के विरोध में सोशल मीडिया पर अपडेट्स आने लगे।
एनडी से संबंधित चर्चित किस्सों का जिक्र फिर ताजा होने लगा, तो भाजपा की केंद्रीय लीडरशिप के कान खड़े हो गए। सूत्रों की मानें तो परिवारवाद की सियासत से लेकर कांग्रेस के भरोसे उत्तराखंड में भाजपा जैसे विरोधियों के आरोप देखते हुए केंद्रीय लीडरशिप को यह स्पष्ट करने में शाम हो गई कि एनडी शामिल नहीं हुए, बल्कि पीएम नरेंद्र मोदी की नीतियों के समर्थन में हैं।
पार्टी ने बदला अपना ही बयान
भाजपा के मीडिया प्रभारी कार्यालय की ओर से शाम 6.55 पर जारी विज्ञप्ति में साफ किया कि देश के वरिष्ठ नेता नारायण दत्त तिवारी का भाजपा में शामिल होना इसी बात का प्रमाण है कि कांग्रेस धराशाई हो गई है।
ठीक आधे घंटे के बाद मीडिया प्रभारी कार्यालय ने संशोधित संदेश जारी किया कि पहले जारी विज्ञप्ति को देश के वरिष्ठ नारायण दत्त तिवारी का प्रधानमंत्री मोदी की नीतियों का समर्थन ...पढ़ा जाए।