PM मोदी की रैली में बुरे फंसे हरिद्वार भाजपा जिलाध्यक्ष
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दस फरवरी को हरिद्वार के ऋषिकुल मैदान पर बिना अनुमति के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की रैली कराने पर सहायक निर्वाचन अधिकारी जयभारत सिंह ने भाजपा जिलाध्यक्ष और चुनाव संयोजक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है।
10 फरवरी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पार्टी की विजय संकल्प रैली को संबोधित किया था। 12 फरवरी को सहायक निर्वाचन अधिकारी जयभारत सिंह ने भाजपा जिलाध्यक्ष डा. जयपाल सिंह और हरिद्वार विधानसभा सीट से पार्टी के चुनाव संयोजक विकास तिवारी को नोटिस जारी किया। नोटिस में सहायक चुनाव अधिकारी का कहना था कि भाजपा ने ऋषिकुल प्रबंधन समिति की सचिव के नाते अनुमति मांगी थी।
सहायक निर्वाचन अधिकारी से नहीं। बताया जाता है कि दोनों भाजपा नेताओं ने जवाब दिया कि प्रधानमंत्री कर रैली प्रदेश भाजपा की तरफ से कराई गई। इसलिए अनुमति भी प्रदेश भाजपा को भी लेनी थी, लेकिन सहायक निर्वाचन अधिकारी इससे संतुष्ट नहीं हुए।
बुधवार को सहायक निर्वाचन अधिकारी ने जिलाध्यक्ष डा. जयपाल सिंह और चुनाव संयोजक विकास तिवारी के खिलाफ नगर कोतवाली में मुकदमा दर्ज करवाया। कोतवाल अनिल जोशी ने बताय कि दोनों लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करके जांच शुरू कर दी है।
PM मोदी की रैली पर मिले नोटिस से तिलमिलाई BJP, दिया जवाब
हरिद्वार में पीएम नरेंद्र मोदी की रैली से जुड़े मामले में बुधवार को बीजेपी ने निर्वाचन आयोग को जवाब दे दिया। बीजेपी ने मोदी की रैली से जुड़ी हर तरह की छोटी-बड़ी अनुमति से जुडे़ साक्ष्य निर्वाचन आयोग को सौंपे हैं।
पार्टी ने भले ही राज्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय के सामने अपना पक्ष रख दिया हो, लेकिन नोटिस से वह बुरी तरह तिलमिला जरूर गई है। बीजेपी ने साफ कहा है कि हर तरह की अनुमति उसके पास है। जरूरी हुआ, तो भारत निर्वाचन आयोग और न्यायालय का दरवाजा भी वह खटखटाएगी। इससे पहले, हरिद्वार के रिटर्निंग ऑफिसर का नोटिस बीजेपी को बुधवार को मिला।
पीएम नरेंद्र मोदी ने 10 फरवरी को हरिद्वार में चुनावी रैली को संबोधित किया था। इस रैली की अनुमति न लिए जाने की शिकायत के बाद रिटर्निंग आफिसर हरिद्वार ने बीजेपी को नोटिस जारी कर दिया था। कांग्रेस इस मामले को तूल देने में जुट गई थी। पार्टी के प्रतिनिधिमंडल ने राज्य निर्वाचन अधिकारी को बाकायदा ज्ञापन देकर बीजेपी नेताओं के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की मांग कर दी थी।
मीडिया रिपोर्ट में नोटिस जारी करने की खबरें पहले आ गई थीं, लेकिन बीजेपी नेताओं के अनुसार, उन्हें यह नोटिस बुधवार को प्राप्त हुआ। इसके बाद, बीजेपी ने राज्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय में अपना जवाब दाखिल कर दिया। प्रदेश बीजेपी उपाध्यक्ष ज्योति प्रसाद गैरोला और पार्टी के चुनाव आयोग संपर्क समन्वयक पुनीत मित्तल के साथ वकीलों की टीम ने सारे तथ्य सामने रखे। बीजेपी ने अपने जवाब में कहा है कि हेलीकाप्टर लैंडिंग से लेकर ग्राउंड तक की अनुमति उसके पास है।
अफसर जान लें, 10-15 दिन की बात है...
नोटिस के मामले में बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट बुधवार को अफसरों पर हत्थे से उखडे़ नजर आए। भट्ट ने अफसरों को लगभग धमकाने वाले अंदाज में कहा कि वे जान लें, बस 10-15 दिन की बात है। चुनाव आचार संहिता हट जाने के बाद ऐसे अफसरों का संज्ञान लिया जाएगा, जो किसी से प्रेरित होकर काम कर रहे हैं। हरिद्वार के रिटर्निंग ऑफिसर पर भट्ट खूब बरसे। उन्होंने कहा कि वे भी वकील हैं। जरूरी हुआ, तो भारत निर्वाचन आयोग और न्यायालय तक इस मामले को ले जाएंगे।