Bird Flu: उत्तराखंड के किसी भी पोल्ट्री फार्म के सैंपल में नहीं मिला संक्रमण, देहरादून में 44 कौवे मिले मृत
- कीर्तिनगर ब्लाक के पाव अकरी गांव में मृत मुर्गियों के सैंपल भी निगेटिव
- घनसाली क्षेत्र के दो और पोल्ट्री फार्म से जांच को भेजे सैंपल
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उत्तराखंड में पोल्ट्री फार्मों से भेजे गए किसी भी सैंपल में बर्ड फ्लू संक्रमण नहीं मिला है। पशुपालन विभाग का दावा है कि 13 जिलों से एहतियाती तौर पर जांच के लिए आईवीआरआई बरेली भेजे गए सैंपलों की रिपोर्ट नेगेटिव आई है।
वहीं, पशुपालन विभाग के निदेशक डॉ.केके जोशी ने बताया कि कीर्तिनगर ब्लाक के पास अकरी गांव में एक पोल्ट्री फार्म में 46 मुर्गियों की मौत हुई थी। विभाग की ओर से इनके सैंपल जांच के लिए भेजे गए थे, इनकी रिपोर्ट भी निगेटिव आई है। वहीं, विभाग की ओर से घनसाली क्षेत्र से पोल्ट्री फार्मों के दो सैंपल जांच के लिए भेजे गए हैं, जिनकी रिपोर्ट आनी बाकी है।
निदेशक का कहना है कि बर्ड फ्लू की रोकथाम के लिए प्रदेश के सभी पोल्ट्री फार्मों में नियमित रूप से निगरानी की जा रही है। विभाग की ओर से पोल्ट्री फार्म मालिकों को भी संक्रमण की रोकथाम के लिए जागरूक किया जा रहा है।
देहरादून के विभिन्न इलाकों में मृत मिले 44 कौवे
बर्ड फ्लू के बीच देहरादून में कौवों के मरने का सिलसिला जारी है। मंगलवार को राजधानी समेत जिले के विभिन्न इलाकों में 44 कौवे मरे पाए गए। मरे कौवों को दफना दिया गया है। प्रभागीय वनाधिकारी राजीव धीमान ने बताया कि कौवों की मौतों को लेकर घबराने की जरूरत नहीं है।
मृत कौवों में बर्ड फ्लू के जो वायरस पाए गए हैं वे इंसानों के लिए खतरनाक नहीं हैं। उन्होंने कहा कि यदि किसी इलाके में कौवे मरे पाए जाते हैं तो लोगों को अपने स्तर पर नहीं दफनाना चाहिए। इसकी जानकारी तत्काल विभागीय अधिकारियों को दें, ताकि विभागीय टीम को मौके पर भेजा जा सके। बर्ड फ्लू से अब तक जिले में 900 से अधिक कौवों, बगुलों और कबूतरों की मौत हो चुकी है।
हालांकि अब तक जिले के किसी पोल्ट्री फार्म से मुर्गियों के मरने की सूचना नहीं है।मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. एसबी पांडे का कहना है कि सभी पोल्ट्री फॉर्म की कड़ी निगरानी की जा रही है। कई टीमें प्रतिदिन पोल्ट्री फार्मों में जाकर मुर्गियों की जांच कर रही हैं।
उत्तरकाशी में डीएम ने बर्ड फ्लू पर निगरानी रखने के निर्देश दिए
बर्ड फ्लू की रोकथाम एवं निगरानी के लिए संबंधित अधिकारियों के साथ बैठक कर डीएम मयूर दीक्षित ने आवश्यक दिशा निर्देश दिए। उन्होंने पशुपालन विभाग को बर्ड फ्लू पर नजर रखने को कहा।
मंगलवार को जनपद स्तरीय बर्ड फ्लू रोकथाम एवं निगरानी समिति की बैठक में डीएम ने कहा कि यदि जिले में मुर्गियों एवं पक्षियों की अप्रत्याशित मृत्यु देखने को मिलती है, तो पशुपालन विभाग इस पर तत्काल कार्रवाई करें। उन्होंने पशु चिकित्सकों को अलर्ट करते हुए बर्ड फ्लू से संबंधित कोई भी जानकारी मिलने पर इसे गंभीरता से लेने को कहा। साथ ही बाहरी जनपदों से जिले में आ रहे मुर्गों की जांच के निर्देश भी दिए।
बैठक में मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. प्रलयंकर नाथ ने बताया कि जिले में अभी तक बर्ड फ्लू का कोई केस नहीं आया है। विभाग की ओर से 450 मुर्गियों के सैंपल लेकर जांच के लिए पशुलोक ऋषिकेश की लैब में भेजा गया। इस मौके पर डीएफओ दीप चंद्र आर्य, सीडीओ पीसी डंडरियाल, एडीएम तीर्थपाल सिंह आदि मौजूद रहे।